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इलाहाबाद,  उत्तर प्रदेश के इलाहाबाद में गंगा, यमुना एवं पौराणिक सरस्वती के त्रिवेणी संगम तट पर माघ मेले के दूसरे मुख्य स्नान ‘मकर संक्रांति’ के अवसर पर आज कडाके की ठंड के बीच लाखों श्रद्धालुओ ने संगम में आस्था की डुबकी लगायी। देश के कोने कोने से पहुंचे माघ मेले के दूसरे स्नान के लिए कडाके की ठंड और शीतलहरी के बीच तडके चार बजे से सन्यासियों, दिव्यांगों और कल्पवासियों ने ‘‘हर हर गंगे, ऊं नम: शिवाय, श्री राम जयराम जय जय राम” का उच्चारण करते हुए संगम में स्नान शुरू कर किया। संगम तट पर तडके श्रद्धालुओं की स्नान करने की गति धीमी थी लेकिन जैसे जैसे धूप में चटखपन आ रहा है घाट पर स्नान करने वालों की भीड बढती जा रही है। मेला सूत्रों का कहना है कि भोर से ही संगम पर बने 17 घाटों पर पर लाखों श्रद्धालुओं ने संगम तट पर डुबकी लगाई। जिला प्रशासन ने इस मौके पर सुरक्षा व्यवस्था के कडे इंतजाम किये हैं। स्नान कर पूजा अर्चना के बाद श्रद्धालु गरीबों को खिचडी और वस्त्र आदि का दान कर रहे हैं। मेला प्रशासन ने संक्रांति के अवसर पर यहां 65 लाख श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद जताई थी लेकिन कडाके की ठंड के कारण मेले में 50 लाख श्रद्धालुओं के स्नान करने का अनुमान लगाया गया है।"/> इलाहाबाद,  उत्तर प्रदेश के इलाहाबाद में गंगा, यमुना एवं पौराणिक सरस्वती के त्रिवेणी संगम तट पर माघ मेले के दूसरे मुख्य स्नान ‘मकर संक्रांति’ के अवसर पर आज कडाके की ठंड के बीच लाखों श्रद्धालुओ ने संगम में आस्था की डुबकी लगायी। देश के कोने कोने से पहुंचे माघ मेले के दूसरे स्नान के लिए कडाके की ठंड और शीतलहरी के बीच तडके चार बजे से सन्यासियों, दिव्यांगों और कल्पवासियों ने ‘‘हर हर गंगे, ऊं नम: शिवाय, श्री राम जयराम जय जय राम” का उच्चारण करते हुए संगम में स्नान शुरू कर किया। संगम तट पर तडके श्रद्धालुओं की स्नान करने की गति धीमी थी लेकिन जैसे जैसे धूप में चटखपन आ रहा है घाट पर स्नान करने वालों की भीड बढती जा रही है। मेला सूत्रों का कहना है कि भोर से ही संगम पर बने 17 घाटों पर पर लाखों श्रद्धालुओं ने संगम तट पर डुबकी लगाई। जिला प्रशासन ने इस मौके पर सुरक्षा व्यवस्था के कडे इंतजाम किये हैं। स्नान कर पूजा अर्चना के बाद श्रद्धालु गरीबों को खिचडी और वस्त्र आदि का दान कर रहे हैं। मेला प्रशासन ने संक्रांति के अवसर पर यहां 65 लाख श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद जताई थी लेकिन कडाके की ठंड के कारण मेले में 50 लाख श्रद्धालुओं के स्नान करने का अनुमान लगाया गया है।"/> इलाहाबाद,  उत्तर प्रदेश के इलाहाबाद में गंगा, यमुना एवं पौराणिक सरस्वती के त्रिवेणी संगम तट पर माघ मेले के दूसरे मुख्य स्नान ‘मकर संक्रांति’ के अवसर पर आज कडाके की ठंड के बीच लाखों श्रद्धालुओ ने संगम में आस्था की डुबकी लगायी। देश के कोने कोने से पहुंचे माघ मेले के दूसरे स्नान के लिए कडाके की ठंड और शीतलहरी के बीच तडके चार बजे से सन्यासियों, दिव्यांगों और कल्पवासियों ने ‘‘हर हर गंगे, ऊं नम: शिवाय, श्री राम जयराम जय जय राम” का उच्चारण करते हुए संगम में स्नान शुरू कर किया। संगम तट पर तडके श्रद्धालुओं की स्नान करने की गति धीमी थी लेकिन जैसे जैसे धूप में चटखपन आ रहा है घाट पर स्नान करने वालों की भीड बढती जा रही है। मेला सूत्रों का कहना है कि भोर से ही संगम पर बने 17 घाटों पर पर लाखों श्रद्धालुओं ने संगम तट पर डुबकी लगाई। जिला प्रशासन ने इस मौके पर सुरक्षा व्यवस्था के कडे इंतजाम किये हैं। स्नान कर पूजा अर्चना के बाद श्रद्धालु गरीबों को खिचडी और वस्त्र आदि का दान कर रहे हैं। मेला प्रशासन ने संक्रांति के अवसर पर यहां 65 लाख श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद जताई थी लेकिन कडाके की ठंड के कारण मेले में 50 लाख श्रद्धालुओं के स्नान करने का अनुमान लगाया गया है।">

मकर संक्रांति पर संगम में लाखों श्रद्धालुओं ने डुबकी लगाई

2017/01/14



इलाहाबाद,  उत्तर प्रदेश के इलाहाबाद में गंगा, यमुना एवं पौराणिक सरस्वती के त्रिवेणी संगम तट पर माघ मेले के दूसरे मुख्य स्नान ‘मकर संक्रांति’ के अवसर पर आज कडाके की ठंड के बीच लाखों श्रद्धालुओ ने संगम में आस्था की डुबकी लगायी। देश के कोने कोने से पहुंचे माघ मेले के दूसरे स्नान के लिए कडाके की ठंड और शीतलहरी के बीच तडके चार बजे से सन्यासियों, दिव्यांगों और कल्पवासियों ने ‘‘हर हर गंगे, ऊं नम: शिवाय, श्री राम जयराम जय जय राम” का उच्चारण करते हुए संगम में स्नान शुरू कर किया। संगम तट पर तडके श्रद्धालुओं की स्नान करने की गति धीमी थी लेकिन जैसे जैसे धूप में चटखपन आ रहा है घाट पर स्नान करने वालों की भीड बढती जा रही है। मेला सूत्रों का कहना है कि भोर से ही संगम पर बने 17 घाटों पर पर लाखों श्रद्धालुओं ने संगम तट पर डुबकी लगाई। जिला प्रशासन ने इस मौके पर सुरक्षा व्यवस्था के कडे इंतजाम किये हैं। स्नान कर पूजा अर्चना के बाद श्रद्धालु गरीबों को खिचडी और वस्त्र आदि का दान कर रहे हैं। मेला प्रशासन ने संक्रांति के अवसर पर यहां 65 लाख श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद जताई थी लेकिन कडाके की ठंड के कारण मेले में 50 लाख श्रद्धालुओं के स्नान करने का अनुमान लगाया गया है।


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