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तेलिया तालाब मामला, रैली निकाल कर सौंपा ज्ञापन नवभारत न्यूज मंदसौर, तेलिया तालाब के मामले में राजनीतिक संगठनों के साथ अब सामाजिक संस्थाओं और अन्य समाजों ने भी आगे आकर तालाब को अतिक्रमण मुक्त करने की मांग की है। गुरुवार को शिवसेना और जनसेवा मित्र मंडल द्वारा मंदसौर बंद का आव्हान किया गया था। सुबह से ही बाजार में दुकानें बंद रही। दोपहर मेें वाहन रैली निकालकर ज्ञापन सौंपा गया। इसके बाद बाजार में कुछ दुकानें खुली। पूर्व कलेक्टर स्वतंत्रकुमार सिंह द्वारा छह जून 2017 को तेलिया तालाब की सौ बीघा जमीन को डूब क्षेत्र से बाहर करने के बाद उठा मामला थमने का नाम नहीं ले रहा है। राजनीतिक संगठन, सामाजिक संस्थाएं और कई समाजों के साथ आम आदमी भी अब तेलिया तालाब के साथ खेले गए खेल के कारिगरों को बेनकाब करने की मांग कर रहे हैं। पहले ज्ञापन फिर नगरपालिका में सीएमओ से विवाद और आज मंदसौर पूरी तरह से बंद रखकर तेलिया तालाब के मामले में निष्पक्ष जांच की मांग की गई। शिवसेना और मप्र जनसेवा मित्र मंडल द्वारा मंदसौर बंद का आव्हान करने का आव्हान किया गया था। सुबह से ही शहर में व्यवसायियों ने दुकानें बंद रखी। जिससे लोगों को रोजमरा में उपयोग आने वाली चीजों के लिए तरसना पडा। शहर के मुख्य बाजारों में सन्नाटा पसरा हुआ था। घंटाघर, सम्राट मार्केट, सराफा बाजार, गांधी चौराहा, बीपीएल चौराहा सहित अन्य जगहों पर दुकानें पूरी तरह से बंद थी। बस स्टैंड पर यात्रियों को खासी परेशानी का सामना करना पडा। इस दौरान एक वाहन रैली के रूप में दोनों संगठनों के पदाधिकारियों और सदस्यों ने पहुंचकर ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में कहा गया कि तालाब पर भूमाफियाओं का कब्जा कर उसे छोटा कर दिया गया। यह क्रम चलता रहा तो तालाब का अस्तित्व खतरे में आ जाएगा। ज्ञापन में अतिक्रमण मुक्त कराने की मांग की। साथ ही मामले की सीबीआई जांच कराकर दोषी प्रशासनिक अधिकारी और जनप्रतिनिधियों पर कार्रवाई की मंाग की गई है। ज्ञापन में यह भी बताया गया कि 15 और 16 दिसबंर को जनसेवा मित्र मंडल द्वारा गांधी चौराहा पर धरना प्रदर्शन किया जाएगा।"/> तेलिया तालाब मामला, रैली निकाल कर सौंपा ज्ञापन नवभारत न्यूज मंदसौर, तेलिया तालाब के मामले में राजनीतिक संगठनों के साथ अब सामाजिक संस्थाओं और अन्य समाजों ने भी आगे आकर तालाब को अतिक्रमण मुक्त करने की मांग की है। गुरुवार को शिवसेना और जनसेवा मित्र मंडल द्वारा मंदसौर बंद का आव्हान किया गया था। सुबह से ही बाजार में दुकानें बंद रही। दोपहर मेें वाहन रैली निकालकर ज्ञापन सौंपा गया। इसके बाद बाजार में कुछ दुकानें खुली। पूर्व कलेक्टर स्वतंत्रकुमार सिंह द्वारा छह जून 2017 को तेलिया तालाब की सौ बीघा जमीन को डूब क्षेत्र से बाहर करने के बाद उठा मामला थमने का नाम नहीं ले रहा है। राजनीतिक संगठन, सामाजिक संस्थाएं और कई समाजों के साथ आम आदमी भी अब तेलिया तालाब के साथ खेले गए खेल के कारिगरों को बेनकाब करने की मांग कर रहे हैं। पहले ज्ञापन फिर नगरपालिका में सीएमओ से विवाद और आज मंदसौर पूरी तरह से बंद रखकर तेलिया तालाब के मामले में निष्पक्ष जांच की मांग की गई। शिवसेना और मप्र जनसेवा मित्र मंडल द्वारा मंदसौर बंद का आव्हान करने का आव्हान किया गया था। सुबह से ही शहर में व्यवसायियों ने दुकानें बंद रखी। जिससे लोगों को रोजमरा में उपयोग आने वाली चीजों के लिए तरसना पडा। शहर के मुख्य बाजारों में सन्नाटा पसरा हुआ था। घंटाघर, सम्राट मार्केट, सराफा बाजार, गांधी चौराहा, बीपीएल चौराहा सहित अन्य जगहों पर दुकानें पूरी तरह से बंद थी। बस स्टैंड पर यात्रियों को खासी परेशानी का सामना करना पडा। इस दौरान एक वाहन रैली के रूप में दोनों संगठनों के पदाधिकारियों और सदस्यों ने पहुंचकर ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में कहा गया कि तालाब पर भूमाफियाओं का कब्जा कर उसे छोटा कर दिया गया। यह क्रम चलता रहा तो तालाब का अस्तित्व खतरे में आ जाएगा। ज्ञापन में अतिक्रमण मुक्त कराने की मांग की। साथ ही मामले की सीबीआई जांच कराकर दोषी प्रशासनिक अधिकारी और जनप्रतिनिधियों पर कार्रवाई की मंाग की गई है। ज्ञापन में यह भी बताया गया कि 15 और 16 दिसबंर को जनसेवा मित्र मंडल द्वारा गांधी चौराहा पर धरना प्रदर्शन किया जाएगा।"/> तेलिया तालाब मामला, रैली निकाल कर सौंपा ज्ञापन नवभारत न्यूज मंदसौर, तेलिया तालाब के मामले में राजनीतिक संगठनों के साथ अब सामाजिक संस्थाओं और अन्य समाजों ने भी आगे आकर तालाब को अतिक्रमण मुक्त करने की मांग की है। गुरुवार को शिवसेना और जनसेवा मित्र मंडल द्वारा मंदसौर बंद का आव्हान किया गया था। सुबह से ही बाजार में दुकानें बंद रही। दोपहर मेें वाहन रैली निकालकर ज्ञापन सौंपा गया। इसके बाद बाजार में कुछ दुकानें खुली। पूर्व कलेक्टर स्वतंत्रकुमार सिंह द्वारा छह जून 2017 को तेलिया तालाब की सौ बीघा जमीन को डूब क्षेत्र से बाहर करने के बाद उठा मामला थमने का नाम नहीं ले रहा है। राजनीतिक संगठन, सामाजिक संस्थाएं और कई समाजों के साथ आम आदमी भी अब तेलिया तालाब के साथ खेले गए खेल के कारिगरों को बेनकाब करने की मांग कर रहे हैं। पहले ज्ञापन फिर नगरपालिका में सीएमओ से विवाद और आज मंदसौर पूरी तरह से बंद रखकर तेलिया तालाब के मामले में निष्पक्ष जांच की मांग की गई। शिवसेना और मप्र जनसेवा मित्र मंडल द्वारा मंदसौर बंद का आव्हान करने का आव्हान किया गया था। सुबह से ही शहर में व्यवसायियों ने दुकानें बंद रखी। जिससे लोगों को रोजमरा में उपयोग आने वाली चीजों के लिए तरसना पडा। शहर के मुख्य बाजारों में सन्नाटा पसरा हुआ था। घंटाघर, सम्राट मार्केट, सराफा बाजार, गांधी चौराहा, बीपीएल चौराहा सहित अन्य जगहों पर दुकानें पूरी तरह से बंद थी। बस स्टैंड पर यात्रियों को खासी परेशानी का सामना करना पडा। इस दौरान एक वाहन रैली के रूप में दोनों संगठनों के पदाधिकारियों और सदस्यों ने पहुंचकर ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में कहा गया कि तालाब पर भूमाफियाओं का कब्जा कर उसे छोटा कर दिया गया। यह क्रम चलता रहा तो तालाब का अस्तित्व खतरे में आ जाएगा। ज्ञापन में अतिक्रमण मुक्त कराने की मांग की। साथ ही मामले की सीबीआई जांच कराकर दोषी प्रशासनिक अधिकारी और जनप्रतिनिधियों पर कार्रवाई की मंाग की गई है। ज्ञापन में यह भी बताया गया कि 15 और 16 दिसबंर को जनसेवा मित्र मंडल द्वारा गांधी चौराहा पर धरना प्रदर्शन किया जाएगा।">

मंदसौर पूरी तरह से रहा बंद

2017/12/15



  तेलिया तालाब मामला, रैली निकाल कर सौंपा ज्ञापन नवभारत न्यूज मंदसौर, तेलिया तालाब के मामले में राजनीतिक संगठनों के साथ अब सामाजिक संस्थाओं और अन्य समाजों ने भी आगे आकर तालाब को अतिक्रमण मुक्त करने की मांग की है। गुरुवार को शिवसेना और जनसेवा मित्र मंडल द्वारा मंदसौर बंद का आव्हान किया गया था। सुबह से ही बाजार में दुकानें बंद रही। दोपहर मेें वाहन रैली निकालकर ज्ञापन सौंपा गया। इसके बाद बाजार में कुछ दुकानें खुली। पूर्व कलेक्टर स्वतंत्रकुमार सिंह द्वारा छह जून 2017 को तेलिया तालाब की सौ बीघा जमीन को डूब क्षेत्र से बाहर करने के बाद उठा मामला थमने का नाम नहीं ले रहा है। राजनीतिक संगठन, सामाजिक संस्थाएं और कई समाजों के साथ आम आदमी भी अब तेलिया तालाब के साथ खेले गए खेल के कारिगरों को बेनकाब करने की मांग कर रहे हैं। पहले ज्ञापन फिर नगरपालिका में सीएमओ से विवाद और आज मंदसौर पूरी तरह से बंद रखकर तेलिया तालाब के मामले में निष्पक्ष जांच की मांग की गई। शिवसेना और मप्र जनसेवा मित्र मंडल द्वारा मंदसौर बंद का आव्हान करने का आव्हान किया गया था। सुबह से ही शहर में व्यवसायियों ने दुकानें बंद रखी। जिससे लोगों को रोजमरा में उपयोग आने वाली चीजों के लिए तरसना पडा। शहर के मुख्य बाजारों में सन्नाटा पसरा हुआ था। घंटाघर, सम्राट मार्केट, सराफा बाजार, गांधी चौराहा, बीपीएल चौराहा सहित अन्य जगहों पर दुकानें पूरी तरह से बंद थी। बस स्टैंड पर यात्रियों को खासी परेशानी का सामना करना पडा। इस दौरान एक वाहन रैली के रूप में दोनों संगठनों के पदाधिकारियों और सदस्यों ने पहुंचकर ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में कहा गया कि तालाब पर भूमाफियाओं का कब्जा कर उसे छोटा कर दिया गया। यह क्रम चलता रहा तो तालाब का अस्तित्व खतरे में आ जाएगा। ज्ञापन में अतिक्रमण मुक्त कराने की मांग की। साथ ही मामले की सीबीआई जांच कराकर दोषी प्रशासनिक अधिकारी और जनप्रतिनिधियों पर कार्रवाई की मंाग की गई है। ज्ञापन में यह भी बताया गया कि 15 और 16 दिसबंर को जनसेवा मित्र मंडल द्वारा गांधी चौराहा पर धरना प्रदर्शन किया जाएगा।


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