Breaking News :

मंदसौर : कर्फ्यू के बाद भी हिंसक प्रदर्शन जारी

2017/06/07



मंदसौर,  मध्यप्रदेश के मंदसौर जिले में किसानों के उग्र आंदोलन में कल छह लोगों की मौत के बाद लगाए गए कर्फ्यू के बावजूद भी आज जिले के कई हिस्सों में प्रदर्शनकारियों ने उग्र प्रदर्शन किया, जिले के मल्हारगढ़ में उग्र आंदोलनकारियों ने पटरियों को क्षतिग्रस्त कर दिया, जिससे नीमच-मंदसौर से लेकर राजस्थान के चित्तौड़गढ के बीच का रेल यातायात प्रभावित होने की खबर है। कल पिपल्यामंडी में किसानों के उग्र आंदोलन और पुलिस-प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प के बाद हुई कथित तौर पर पुलिस की गोलीबारी में छह किसानों की मौत हो गई थी। इसके बाद पिपल्यामंडी समेत मंदसौर जिला मुख्यालय और कई स्थानों पर कर्फ्यू लगा दिया गया था, इसके बावजूद आज सुबह लोगों को समझाने बरखेड़ापंत पहुंचे कलेक्टर स्वतंत्र कुमार सिंह के साथ आंदोलनकारियों ने मारपीट तक कर दी। इसका वीडियो भी सामने आया है। इसमें कुछ लोग उनके साथ मारपीट और दुर्व्यवहार कर रहे हैं। सुबह के इस घटनाक्रम के बाद कई स्थानों से आगजनी की खबरें हैं। जिले में एक एटीएम, एक फैक्ट्री, एक टोल प्लाजा पर पथराव और आग लगाने की कोशिश की सूचना मिल रही है, हालांकि इस बारे में किसी आला अधिकारी से बातचीत नहीं हो सकी है। वहीं जिले के सीतामऊ में भी किसानों ने उग्र प्रदर्शन किया। नजदीकी नीमच और देवास जिले से भी किसानों के कई स्थानों पर उग्र होने और थानों पर पथराव करने की कोशिशों की खबर सामने आ रही है। वहीं एक राष्ट्रीय न्यूज चैनल के मध्यप्रदेश के पत्रकार ब्रजेश राजपूत पर भी मंदसौर में प्रदर्शनकारियों ने हमले का प्रयास किया। ग्रामीणों का आरोप था कि मीडिया उनके आंदोलन को हिंसक तौर पर पेश कर रहा है। कल की घटना के बाद आज राष्ट्रीय किसान मजदूर संघ और कांग्रेस ने मध्यप्रदेश बंद का आह्वान किया है। प्रदेश के इंदौर, उज्जैन, नीमच, धार, हरदा, बड़वानी, झाबुआ, विदिशा में बंद का व्यापक, वहीं सागर, रतलाम, सीहोर और जबलपुर समेत कई क्षेत्रों में बंद का मिला-जुला असर रहा। राजधानी भोपाल समेत होशंगाबाद और सतना के अधिकतर बाजार खुले रहे। वहीं शिवपुरी में कांग्रेस कल बंद का आयोजन करेगी। प्रदेश के मंदसौर, नीमच, रतलाम और उज्जैन जिले में इंटरनेट सेवाएं कल से ठप्प हैं। मंदसौर जिले के अलावा पडोसी नीमच और रतलाम में आंदोलन और इसके बाद की स्थितियों के बीच हालात काबू में रखने के लिए काफी सख्त प्रबंध किए गए हैं। संवेदनशील और अतिसंवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। वरिष्ठ पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी स्थिति पर लगातार नजर रखे हुए हैं। पूरे घटनाक्रम के बीच कांग्रेस नेताओं ने बताया कि पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राहुल गांधी के कल मंदसौर पहुंचने की संभावना है। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह और पार्टी की प्रदेश इकाई के अध्यक्ष अरुण यादव के भी मंदसौर की सीमा तक पहुंचने की खबर है। इस बीच कांग्रेस की वरिष्ठ नेता मीनाक्षी नटराजन और उनके सहयाेगियों को शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए हिरासत में लिए जाने की सूचना है। राज्य के गृह मंत्री भूपेंद्र सिंह ने कल भोपाल में मीडिया से चर्चा में दावा किया कि पुलिस की गोलियों से किसानों की मौत नहीं हुयी है। इस मामले की न्यायिक जांच के आदेश दिए गए हैं और जांच में स्पष्ट हो जाएगा कि किस वजह से किसानों की मौत हुयी है। हिंसक घटनाओं के कारण कल ही मंदसौर जिला मुख्यालय, पिपल्यामंडी और कुछ अन्य इलाकों में कर्फ्यू लगा दिया गया था। इसके बावजूद स्थितियां काबू में करने में पुलिस को काफी मशक्कत करना पड रही है। मंदसौर जिले के आसपास के जिलों में भी कांग्रेस के नेताओं पर निगरानी रखी जा रही है। राज्य के पश्चिमी हिस्से के अनेक जिलों में एक जून से किसान आंदोलन के बीच भारतीय किसान संघ ने उज्जैन में चार जून को आंदोलन स्थगित करने की घोषणा की थी। इस दौरान राज्य सरकार ने भी किसानों के हित में अनेक घोषणाएं कीं लेकिन मंदसौर, नीमच और कुछ अन्य जिलों में आंदोलन रूका नहीं। दरअसल इस आंदोलन में अनेक किसान संगठनों के जुडे होने की बात सामने आ रही है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान पहले ही कह चुके हैं कि इस आंदोलन में कुछ निहित स्वार्थी असामाजिक तत्व शामिल हैं और वे ही स्थितियां बिगाडने का प्रयास कर रहे हैं। बहरहाल मंदसौर जिले की स्थिति इस समय राज्य सरकार के लिए बडी चुनौती के रूप में सामने आयी है।


Opinions expressed in the comments are not reflective of Nava Bharat. Comments are moderated automatically.

Related Posts