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काठमांडू, भारत-नेपाल के प्रतिष्ठित व्यक्तियों के समूह (ईपीजी) ने दोनों देशों के बीच 1950 की शांति एवं मैत्री संधि में परिवर्तन करने पर सहमति जतायी है। नेपाल के अखबार काठमांडू पोस्ट की रिपोर्ट के अनुसार 1950 की संधि में परिवर्तन करने के लिए इस समूह ने आठ सदस्यों का कार्यबल बनाया है, जो इस बात की जांच करेगा कि संधि में परिवर्तन की जाए या इसमें संशोधन किया जाए।इस बारे में नयी दिल्ली में कल ईपीजी की छठी बैठक में निर्णय लिया गया है।"/> काठमांडू, भारत-नेपाल के प्रतिष्ठित व्यक्तियों के समूह (ईपीजी) ने दोनों देशों के बीच 1950 की शांति एवं मैत्री संधि में परिवर्तन करने पर सहमति जतायी है। नेपाल के अखबार काठमांडू पोस्ट की रिपोर्ट के अनुसार 1950 की संधि में परिवर्तन करने के लिए इस समूह ने आठ सदस्यों का कार्यबल बनाया है, जो इस बात की जांच करेगा कि संधि में परिवर्तन की जाए या इसमें संशोधन किया जाए।इस बारे में नयी दिल्ली में कल ईपीजी की छठी बैठक में निर्णय लिया गया है।"/> काठमांडू, भारत-नेपाल के प्रतिष्ठित व्यक्तियों के समूह (ईपीजी) ने दोनों देशों के बीच 1950 की शांति एवं मैत्री संधि में परिवर्तन करने पर सहमति जतायी है। नेपाल के अखबार काठमांडू पोस्ट की रिपोर्ट के अनुसार 1950 की संधि में परिवर्तन करने के लिए इस समूह ने आठ सदस्यों का कार्यबल बनाया है, जो इस बात की जांच करेगा कि संधि में परिवर्तन की जाए या इसमें संशोधन किया जाए।इस बारे में नयी दिल्ली में कल ईपीजी की छठी बैठक में निर्णय लिया गया है।">

भारत-नेपाल 1950 की संधि में होगा परिवर्तन

2018/01/13



काठमांडू, भारत-नेपाल के प्रतिष्ठित व्यक्तियों के समूह (ईपीजी) ने दोनों देशों के बीच 1950 की शांति एवं मैत्री संधि में परिवर्तन करने पर सहमति जतायी है। नेपाल के अखबार काठमांडू पोस्ट की रिपोर्ट के अनुसार 1950 की संधि में परिवर्तन करने के लिए इस समूह ने आठ सदस्यों का कार्यबल बनाया है, जो इस बात की जांच करेगा कि संधि में परिवर्तन की जाए या इसमें संशोधन किया जाए।इस बारे में नयी दिल्ली में कल ईपीजी की छठी बैठक में निर्णय लिया गया है।


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