Breaking News :

बुजुर्ग महिलाओं को लूटने वाले बदमाश दबोचे

2018/01/13



नवभारत न्यूज भोपाल, हबीबगंज पुलिस ने तीन शातिर लुटेरों को पकडऩे में सफलता हासिल की है. पुलिस ने इन्हें लूटे गए मोबाइल की कॉल डिटेल के आधार पर पकड़ा है. फिलहाल पुलिस आरोपियों से पूछताछ करने में जुटी है. एएसपी जोन-1 धर्मवीर सिंह यादव ने बताया कि विगत तीन माह में स्कूटी पर सवार बदमाशों द्वारा पर्स छीनने व लुटने की जानकारी सामने आ रही थी, जिसके बाद मुखबिर तंत्र को सक्रिय कर पुलिस आरोपियों की तलाश में जुट गई. पुलिस ने जब फरियादियों के पास से लुटे गए मोबाइल की कॉल डिटेल निकलवाई तो आरोपी पुलिस गिरफ्त में आ गए. पुलिस ने सख्ती से पूछताछ की तो आरोपियों ने वारदातों को अंजाम देना स्वीकारा. आरोपियों ने पुलिस को बताया कि वे बिना नंबर की ज्यूपीटर स्कूटी से हबीबगंज क्षेत्र में अपने दोस्त जावेद और भय्यू के साथ घूमते रहते थे. मौका पाकर आरोपी बुजुर्ग एवं अकेली लड़कियों के मिलने पर उनका पर्स छीनकर भाग जाते थे. पुलिस का कहना है कि अभी आरोपियों से अन्य घटनाओं के संबंध में पूछताछ की जा रही है. आरोपियों के नाम फराज पिता पप्पू हसीन उम्र 21 साल निवासी नगर निगम कॉलोनी, भय्यू पिता मो. इदरीश उम्र 19 साल निवासी नगर निगम कॉलोनी और जावेद पिता लालमियां उम्र 22 साल निवासी मॉडल ग्राउंड के पास शाहजहांनाबाद के रहने वाले हैं. इन वारदातों को दिया अंजाम 9 सितंबर को फरियादी करण सिंह उम्र 65 वर्ष निवासी छतरपुर के साथ इन्होंने लूट की घटना को अंजाम दे दिया. करण सिंह पैदल पैदल जेपी हॉस्पिटल से टीटी नगर जा रहे थे, तभी बदमाश इन्हें मिल गए और टीटी नगर छोडऩे की बात कहकर स्कूटी पर बैठा लिया और पहले तो इधर उधर घुमाया फिर एमव्हीएम कॉलेज के पीछे ले जाकर एक सेमसंग कंपनी का मोबाइल व पांच सौ रुपए छीन लिए. वहीं 26 नवंबर को फरियादिया शुभा सोलंकी उम्र 24 निवासी अरेरा कॉलोनी भोपाल के साथ बदमाशों ने रात 8 बजे लूट की घटना को अंजाम दे दिया. घटना को अंजाम तब दिया जब वह ई-2 इलाहाबाद बैंक के पास से अपने घर के लिए जा रही थी. पर्स में 700 रुपए थे, जिन्हें बदमाशों ने निकालने के बाद पर्स रोड़ पर फेंक दिया था. वहीं 10 नवंबर को फरियादी खुशबू राजपूत के साथ बदमाशों ने उस समय लूट कर दी जब वह अपनी सहेली के साथ दस नंबर मार्केट स्थित एटीएम से पैसा निकालकर अपने घर जा रही थी. बदमाश उसके कंधे से पर्स छीन ले गए जिसमें 10 हजार 500 रुपए थे.


Opinions expressed in the comments are not reflective of Nava Bharat. Comments are moderated automatically.

Related Posts