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नयी दिल्ली,   कृषि राज्य मंत्री परषोत्तम रूपाला ने देश में बीजों की कमी को दूर करने के लिए बीज उत्पादक क्षेत्रों और किसानों की पहचान करने तथा उनके साथ समझौता करने की आवश्यकता पर बल दिया है ताकि स्थानीय स्तर पर ही बीजों की उपलब्धता सुनिश्चित की जा सके। श्री रूपाला ने इंडियन सोसाइटी आफ सीड टेक्नोलाॅजी की ओर से आज यहां आयोजित 14 वें राष्ट्रीय बीज सम्मेलन को सम्बोधित करते हुये कहा कि जलवायु परिवर्तन के कारण बीज उत्पादन के लिए नये नये क्षेत्रों की पहचान करने की जरूरत है और बीज उत्पादन के इच्छुक किसानों की पहचान करने की भी जरूरत है ताकि वे खेती के साथ ही विभिन्न किस्मों के उन्नत बीज तैयार कर सके। उन्होंने कहा कि निश्चित मात्रा में हर साल बेहतरीन किस्म के बीजों के उत्पादन को सुनिश्चित करने के लिए किसानों के साथ समझौते किये जाने चाहिये। बीज उत्पादन से फसलों की तुलना में किसानों की आय में वृद्धि होगी तथा स्थानीय स्तर पर ही बीज उपलब्ध हो सकेगा।"/> नयी दिल्ली,   कृषि राज्य मंत्री परषोत्तम रूपाला ने देश में बीजों की कमी को दूर करने के लिए बीज उत्पादक क्षेत्रों और किसानों की पहचान करने तथा उनके साथ समझौता करने की आवश्यकता पर बल दिया है ताकि स्थानीय स्तर पर ही बीजों की उपलब्धता सुनिश्चित की जा सके। श्री रूपाला ने इंडियन सोसाइटी आफ सीड टेक्नोलाॅजी की ओर से आज यहां आयोजित 14 वें राष्ट्रीय बीज सम्मेलन को सम्बोधित करते हुये कहा कि जलवायु परिवर्तन के कारण बीज उत्पादन के लिए नये नये क्षेत्रों की पहचान करने की जरूरत है और बीज उत्पादन के इच्छुक किसानों की पहचान करने की भी जरूरत है ताकि वे खेती के साथ ही विभिन्न किस्मों के उन्नत बीज तैयार कर सके। उन्होंने कहा कि निश्चित मात्रा में हर साल बेहतरीन किस्म के बीजों के उत्पादन को सुनिश्चित करने के लिए किसानों के साथ समझौते किये जाने चाहिये। बीज उत्पादन से फसलों की तुलना में किसानों की आय में वृद्धि होगी तथा स्थानीय स्तर पर ही बीज उपलब्ध हो सकेगा।"/> नयी दिल्ली,   कृषि राज्य मंत्री परषोत्तम रूपाला ने देश में बीजों की कमी को दूर करने के लिए बीज उत्पादक क्षेत्रों और किसानों की पहचान करने तथा उनके साथ समझौता करने की आवश्यकता पर बल दिया है ताकि स्थानीय स्तर पर ही बीजों की उपलब्धता सुनिश्चित की जा सके। श्री रूपाला ने इंडियन सोसाइटी आफ सीड टेक्नोलाॅजी की ओर से आज यहां आयोजित 14 वें राष्ट्रीय बीज सम्मेलन को सम्बोधित करते हुये कहा कि जलवायु परिवर्तन के कारण बीज उत्पादन के लिए नये नये क्षेत्रों की पहचान करने की जरूरत है और बीज उत्पादन के इच्छुक किसानों की पहचान करने की भी जरूरत है ताकि वे खेती के साथ ही विभिन्न किस्मों के उन्नत बीज तैयार कर सके। उन्होंने कहा कि निश्चित मात्रा में हर साल बेहतरीन किस्म के बीजों के उत्पादन को सुनिश्चित करने के लिए किसानों के साथ समझौते किये जाने चाहिये। बीज उत्पादन से फसलों की तुलना में किसानों की आय में वृद्धि होगी तथा स्थानीय स्तर पर ही बीज उपलब्ध हो सकेगा।">

बीज उत्पादन के लिए किसानों से समझौता हो : रूपाला

2017/01/28



नयी दिल्ली,   कृषि राज्य मंत्री परषोत्तम रूपाला ने देश में बीजों की कमी को दूर करने के लिए बीज उत्पादक क्षेत्रों और किसानों की पहचान करने तथा उनके साथ समझौता करने की आवश्यकता पर बल दिया है ताकि स्थानीय स्तर पर ही बीजों की उपलब्धता सुनिश्चित की जा सके। श्री रूपाला ने इंडियन सोसाइटी आफ सीड टेक्नोलाॅजी की ओर से आज यहां आयोजित 14 वें राष्ट्रीय बीज सम्मेलन को सम्बोधित करते हुये कहा कि जलवायु परिवर्तन के कारण बीज उत्पादन के लिए नये नये क्षेत्रों की पहचान करने की जरूरत है और बीज उत्पादन के इच्छुक किसानों की पहचान करने की भी जरूरत है ताकि वे खेती के साथ ही विभिन्न किस्मों के उन्नत बीज तैयार कर सके। उन्होंने कहा कि निश्चित मात्रा में हर साल बेहतरीन किस्म के बीजों के उत्पादन को सुनिश्चित करने के लिए किसानों के साथ समझौते किये जाने चाहिये। बीज उत्पादन से फसलों की तुलना में किसानों की आय में वृद्धि होगी तथा स्थानीय स्तर पर ही बीज उपलब्ध हो सकेगा।


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