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बचत बैंक में 56 लाख का घोटाला

2017/12/25



फर्जी नियुक्ति से करोड़ों की हेराफेरी नवभारत न्यूज दमोह, जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक दमोह की मुख्यालय शाखा के अंतर्गत सेवा सहकारी समिति हिरदेपुर की बचत बैंक में 56लाख रुपये का घोटाला सामने आया है । प्राप्त जानकारी के अनुसार सेवा सहकारी समिति के संचालक मंडल द्वारा बैठक का आयोजन किया गया जिसमें बैंक मुख्यालय के शाखा प्रबंधक को बुलाया गया जिसमें समिति के संचालक मंडल द्वारा बचत बैंक खाते की जाँच करने के लिए कहा गया एवं अन्य गढ़वढ़ी के संबंध में बताया गया तब शाखा प्रबंधक अनिल जैन द्वारा समिति के बचत बैंक खाते की जांच की गई जिसमें शाखा प्रबंधक ने अपने जाँच प्रति वेदन में बताया कि समिति के बचत बैंक खाते में सदस्यों द्वारा 1 करोड़ 33 लाख रुपये जमा किए गए हैं किन्तु बैंक में मात्र 76लाख 95हजार रुपये मात्र जमा किए हैं शेष 56लाख 5हजार रुपये का कोई हिसाब नहीं है। शाखा प्रबंधक अनिल जैन से इस संबंध में बात की तो उन्होंने बताया कि मेरे द्वारा समिति हिरदेपुर के बचत बैंक खाते की जांच की गई है जिसमें 56लाख 5हजार रुपये का कोई हिसाब नहीं है इस संबंध में मेरे द्वारा जांच प्रति वेदन कार्यवाही हेतु बैंक के महाप्रबंधक को दिया गया है। अन्य सामग्री में हेराफेरी के संबंध मे पूछे जाने पर शाखा प्रबंधक ने बताया कि अभी अन्य संबंध में जांच नहीं की है। समिति में पदस्थ समिति प्रबंधक माधव पटैरया ने बताया कि उक्त गड़बड़ी पूर्व समिति प्रबंधक रूपनारायण पटेल के समय की है अन्य हेराफेरी के संबंध मे पूछे जाने पर श्री पटैरया ने बताया कि समिति सामग्री खरीद कर अन्य समितियों को देती है वर्ष 15.16मैं जो सामग्री खरीदी गई है वह वर्तमान दर से दुगने से भी अधिक मूल्य पर खरीदी गई है एवं अन्य गड़बड़ी भी की गई है।इस संबंध में समिति के अध्यक्ष गोपाल सिंह ठाकुर ने रूपनारायण पटेल पर गंभीर आरोप लगाए है। गोपाल सिंह ने बताया कि रूपनारायण पटेल की नियुक्ति समिति में सेल्समेन के पद पर हुई थी जिसका रिकॉर्ड भी समिति से गायब है राजनैतिक संरक्षण एवं उच्च अधिकारियों की मिली भगत से फर्जी दस्तावेजों की जाँच किए बिना ही इसी समिति में पटेल को समिति प्रबंधक के पद पर नियुक्त कर दिया गया श्री पटेल कई वर्षों से समिति एवं लीड समिति के साथ गेंहू खरीदी केन्द्र का काम भी कर रहे हैं जिसमें जम कर हेराफेरी की है । समिति में तीन ट्रक है जिसके द्वारा किए गए परिवहन का भी कोई हिसाब किताब नहीं है गोपाल सिंह ठाकुर ने पत्र द्वारा उच्च अधिकारियों से फ र्जी नियुक्ति एवं कड़ोरों की हेराफेरी करने की जाँच किए जाने की बात कही है बैंक द्वारा समिति में पदस्थ किए गए समिति प्रबंधक भगत सिंह ठाकुर की नियुक्ति को भी फर्जी दस्तावेज के द्वारा की गई नियुक्ति को फर्जी बताया है।यह एक विशेष जांच का विषय है जिसकी जांच किसी विशेष जाँच एजेंसी से कराई जाती है तो बड़ा फर्जी वाड़ा सामने आ सकता है  


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