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  भोपाल, राजधानी के हमीदिया चिकित्सालय में बोन मेरो ट्रांसप्लांट की सुविधा शुरू होने जा रही है. बोनमेरे ट्रांसप्लांट का कार्य अगले वर्ष मई तक प्रारंभ होने की संभावना है. गांधी मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. एम.सी. सोनगरा के मुताबिक ट्रांसप्लांट के लिये गैस राहत विभाग से राशि प्राप्त हुई है. इस मौके पर गत दिवस शिविर लगाया गया था जिसमें मरीजों की नि:शुल्क एचएलए टाइपिंग की गई. बाद में प्रतीक्षा सूची जारी की जायेगी. ट्रांसप्लांट के लिये 12 वर्ष से कम उम्र के ऐसे बच्चों को प्राथमिकता दी जायेगी जिनके स्वस्थ भाई-बहन डोनर के लिये तैयार हों. साथ ही जिनके ट्रांसप्लांट सफल होने की संभावना ज्यादा होगी.मेडिकल कॉलेज में बोनमेरे ट्रांसप्लांट के लिये जरूरी व्यवस्थायें बनाने का काम तेजी से चल रहा है. इसके लिये ओटी वार्ड व डॉक्टर्स के चेम्बर बनाने का काम शुरू हो चुका है. उपकरण खरीदी की प्रक्रिया भी शुरू होने वाली है. यह सुविधा शुरू होने के बाद थैलेसीमिया, एप्लाष्टिक एनीमिया व ब्लड कैंसर के मरीजों का इलाज हो पायेगा. प्रदेश के किसी भी अस्पताल में यह सुविधा उपलब्ध नहीं है. फोर्टिस अस्पताल के डायरेक्टर व जाने-माने हीमैटोलॉजिस्ट डॉ. राहुल भार्गव इसके लिये तकनीकी सहयोग दे रहे हैं. डॉ. भार्गव के अनुसार चिकित्सा शिक्षा आयुक्त शिवशेखर शुक्ला ने कहा है कि जल्द ही उपकरणों की खरीदी हेतु प्रक्रिया शुरू होगी. कमला नेहरू अस्पताल में बनेगा सेन्टर बोनमेरो ट्रांसप्लांट के लिये कमला नेहरू अस्पताल में एक सेन्टर बनाया जा रहा है. यहां पर छोटा-सा ऑपरेशन थियेटर, वार्ड लैब व डॉक्टर्स के चेम्बर होंगे. सेन्टर बनाने का कार्य तीन से चार महीने में पूरा होने की संभावना है. निजी अस्पतालों में बोनमेरे ट्रांसप्लांट कराने पर लगभग 15 लाख रुपये का खर्च आता है. परंतु हमीदिया में ट्रांसप्लांट की सुविधा नि:शुल्क होगी. मरीजों को दवाओं का खर्च ही उठाना पड़ेगा."/>   भोपाल, राजधानी के हमीदिया चिकित्सालय में बोन मेरो ट्रांसप्लांट की सुविधा शुरू होने जा रही है. बोनमेरे ट्रांसप्लांट का कार्य अगले वर्ष मई तक प्रारंभ होने की संभावना है. गांधी मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. एम.सी. सोनगरा के मुताबिक ट्रांसप्लांट के लिये गैस राहत विभाग से राशि प्राप्त हुई है. इस मौके पर गत दिवस शिविर लगाया गया था जिसमें मरीजों की नि:शुल्क एचएलए टाइपिंग की गई. बाद में प्रतीक्षा सूची जारी की जायेगी. ट्रांसप्लांट के लिये 12 वर्ष से कम उम्र के ऐसे बच्चों को प्राथमिकता दी जायेगी जिनके स्वस्थ भाई-बहन डोनर के लिये तैयार हों. साथ ही जिनके ट्रांसप्लांट सफल होने की संभावना ज्यादा होगी.मेडिकल कॉलेज में बोनमेरे ट्रांसप्लांट के लिये जरूरी व्यवस्थायें बनाने का काम तेजी से चल रहा है. इसके लिये ओटी वार्ड व डॉक्टर्स के चेम्बर बनाने का काम शुरू हो चुका है. उपकरण खरीदी की प्रक्रिया भी शुरू होने वाली है. यह सुविधा शुरू होने के बाद थैलेसीमिया, एप्लाष्टिक एनीमिया व ब्लड कैंसर के मरीजों का इलाज हो पायेगा. प्रदेश के किसी भी अस्पताल में यह सुविधा उपलब्ध नहीं है. फोर्टिस अस्पताल के डायरेक्टर व जाने-माने हीमैटोलॉजिस्ट डॉ. राहुल भार्गव इसके लिये तकनीकी सहयोग दे रहे हैं. डॉ. भार्गव के अनुसार चिकित्सा शिक्षा आयुक्त शिवशेखर शुक्ला ने कहा है कि जल्द ही उपकरणों की खरीदी हेतु प्रक्रिया शुरू होगी. कमला नेहरू अस्पताल में बनेगा सेन्टर बोनमेरो ट्रांसप्लांट के लिये कमला नेहरू अस्पताल में एक सेन्टर बनाया जा रहा है. यहां पर छोटा-सा ऑपरेशन थियेटर, वार्ड लैब व डॉक्टर्स के चेम्बर होंगे. सेन्टर बनाने का कार्य तीन से चार महीने में पूरा होने की संभावना है. निजी अस्पतालों में बोनमेरे ट्रांसप्लांट कराने पर लगभग 15 लाख रुपये का खर्च आता है. परंतु हमीदिया में ट्रांसप्लांट की सुविधा नि:शुल्क होगी. मरीजों को दवाओं का खर्च ही उठाना पड़ेगा."/>   भोपाल, राजधानी के हमीदिया चिकित्सालय में बोन मेरो ट्रांसप्लांट की सुविधा शुरू होने जा रही है. बोनमेरे ट्रांसप्लांट का कार्य अगले वर्ष मई तक प्रारंभ होने की संभावना है. गांधी मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. एम.सी. सोनगरा के मुताबिक ट्रांसप्लांट के लिये गैस राहत विभाग से राशि प्राप्त हुई है. इस मौके पर गत दिवस शिविर लगाया गया था जिसमें मरीजों की नि:शुल्क एचएलए टाइपिंग की गई. बाद में प्रतीक्षा सूची जारी की जायेगी. ट्रांसप्लांट के लिये 12 वर्ष से कम उम्र के ऐसे बच्चों को प्राथमिकता दी जायेगी जिनके स्वस्थ भाई-बहन डोनर के लिये तैयार हों. साथ ही जिनके ट्रांसप्लांट सफल होने की संभावना ज्यादा होगी.मेडिकल कॉलेज में बोनमेरे ट्रांसप्लांट के लिये जरूरी व्यवस्थायें बनाने का काम तेजी से चल रहा है. इसके लिये ओटी वार्ड व डॉक्टर्स के चेम्बर बनाने का काम शुरू हो चुका है. उपकरण खरीदी की प्रक्रिया भी शुरू होने वाली है. यह सुविधा शुरू होने के बाद थैलेसीमिया, एप्लाष्टिक एनीमिया व ब्लड कैंसर के मरीजों का इलाज हो पायेगा. प्रदेश के किसी भी अस्पताल में यह सुविधा उपलब्ध नहीं है. फोर्टिस अस्पताल के डायरेक्टर व जाने-माने हीमैटोलॉजिस्ट डॉ. राहुल भार्गव इसके लिये तकनीकी सहयोग दे रहे हैं. डॉ. भार्गव के अनुसार चिकित्सा शिक्षा आयुक्त शिवशेखर शुक्ला ने कहा है कि जल्द ही उपकरणों की खरीदी हेतु प्रक्रिया शुरू होगी. कमला नेहरू अस्पताल में बनेगा सेन्टर बोनमेरो ट्रांसप्लांट के लिये कमला नेहरू अस्पताल में एक सेन्टर बनाया जा रहा है. यहां पर छोटा-सा ऑपरेशन थियेटर, वार्ड लैब व डॉक्टर्स के चेम्बर होंगे. सेन्टर बनाने का कार्य तीन से चार महीने में पूरा होने की संभावना है. निजी अस्पतालों में बोनमेरे ट्रांसप्लांट कराने पर लगभग 15 लाख रुपये का खर्च आता है. परंतु हमीदिया में ट्रांसप्लांट की सुविधा नि:शुल्क होगी. मरीजों को दवाओं का खर्च ही उठाना पड़ेगा.">

प्रदेश में होगा पहला अस्पताल : अब हमीदिया में होगा बोन मेरो ट्रांसप्लांट

2017/12/27



  भोपाल, राजधानी के हमीदिया चिकित्सालय में बोन मेरो ट्रांसप्लांट की सुविधा शुरू होने जा रही है. बोनमेरे ट्रांसप्लांट का कार्य अगले वर्ष मई तक प्रारंभ होने की संभावना है. गांधी मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. एम.सी. सोनगरा के मुताबिक ट्रांसप्लांट के लिये गैस राहत विभाग से राशि प्राप्त हुई है. इस मौके पर गत दिवस शिविर लगाया गया था जिसमें मरीजों की नि:शुल्क एचएलए टाइपिंग की गई. बाद में प्रतीक्षा सूची जारी की जायेगी. ट्रांसप्लांट के लिये 12 वर्ष से कम उम्र के ऐसे बच्चों को प्राथमिकता दी जायेगी जिनके स्वस्थ भाई-बहन डोनर के लिये तैयार हों. साथ ही जिनके ट्रांसप्लांट सफल होने की संभावना ज्यादा होगी.मेडिकल कॉलेज में बोनमेरे ट्रांसप्लांट के लिये जरूरी व्यवस्थायें बनाने का काम तेजी से चल रहा है. इसके लिये ओटी वार्ड व डॉक्टर्स के चेम्बर बनाने का काम शुरू हो चुका है. उपकरण खरीदी की प्रक्रिया भी शुरू होने वाली है. यह सुविधा शुरू होने के बाद थैलेसीमिया, एप्लाष्टिक एनीमिया व ब्लड कैंसर के मरीजों का इलाज हो पायेगा. प्रदेश के किसी भी अस्पताल में यह सुविधा उपलब्ध नहीं है. फोर्टिस अस्पताल के डायरेक्टर व जाने-माने हीमैटोलॉजिस्ट डॉ. राहुल भार्गव इसके लिये तकनीकी सहयोग दे रहे हैं. डॉ. भार्गव के अनुसार चिकित्सा शिक्षा आयुक्त शिवशेखर शुक्ला ने कहा है कि जल्द ही उपकरणों की खरीदी हेतु प्रक्रिया शुरू होगी. कमला नेहरू अस्पताल में बनेगा सेन्टर बोनमेरो ट्रांसप्लांट के लिये कमला नेहरू अस्पताल में एक सेन्टर बनाया जा रहा है. यहां पर छोटा-सा ऑपरेशन थियेटर, वार्ड लैब व डॉक्टर्स के चेम्बर होंगे. सेन्टर बनाने का कार्य तीन से चार महीने में पूरा होने की संभावना है. निजी अस्पतालों में बोनमेरे ट्रांसप्लांट कराने पर लगभग 15 लाख रुपये का खर्च आता है. परंतु हमीदिया में ट्रांसप्लांट की सुविधा नि:शुल्क होगी. मरीजों को दवाओं का खर्च ही उठाना पड़ेगा.


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