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मुंबई, रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने आवास तथा वाहन ऋण के पुराने ग्राहकों को राहत देते हुये अगले वित्त वर्ष से इसे सीमांत लागत ऋण दर (एमसीएलआर) से जोड़ने का फैसला किया है, इससे पुराने ऋणों के लिए भी ब्याज दर में कमी आने तथा ग्राहकों पर ईएमआई का बोझ कम होने की उम्मीद है। केंद्रीय बैंक की मौद्रिक नीति समिति की दो दिवसीय बैठक के बाद विकास एवं नियामक नीतियों पर आज यहाँ जारी बयान में कहा गया है कि रिजर्व बैंक द्वारा बार-बार इस संबंध में चिंता जारी करने के बावजूद आधार मूल्य पर जारी किये गये ज्यादातर पुराने ऋणों को एमसीएलआर व्यवस्था में स्थानांतरित नहीं किया गया है। इसके मद्देनजर 01 अप्रैल से आधार दर को भी एमसीएलआर से जोड़ने का फैसला किया गया है।"/> मुंबई, रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने आवास तथा वाहन ऋण के पुराने ग्राहकों को राहत देते हुये अगले वित्त वर्ष से इसे सीमांत लागत ऋण दर (एमसीएलआर) से जोड़ने का फैसला किया है, इससे पुराने ऋणों के लिए भी ब्याज दर में कमी आने तथा ग्राहकों पर ईएमआई का बोझ कम होने की उम्मीद है। केंद्रीय बैंक की मौद्रिक नीति समिति की दो दिवसीय बैठक के बाद विकास एवं नियामक नीतियों पर आज यहाँ जारी बयान में कहा गया है कि रिजर्व बैंक द्वारा बार-बार इस संबंध में चिंता जारी करने के बावजूद आधार मूल्य पर जारी किये गये ज्यादातर पुराने ऋणों को एमसीएलआर व्यवस्था में स्थानांतरित नहीं किया गया है। इसके मद्देनजर 01 अप्रैल से आधार दर को भी एमसीएलआर से जोड़ने का फैसला किया गया है।"/> मुंबई, रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने आवास तथा वाहन ऋण के पुराने ग्राहकों को राहत देते हुये अगले वित्त वर्ष से इसे सीमांत लागत ऋण दर (एमसीएलआर) से जोड़ने का फैसला किया है, इससे पुराने ऋणों के लिए भी ब्याज दर में कमी आने तथा ग्राहकों पर ईएमआई का बोझ कम होने की उम्मीद है। केंद्रीय बैंक की मौद्रिक नीति समिति की दो दिवसीय बैठक के बाद विकास एवं नियामक नीतियों पर आज यहाँ जारी बयान में कहा गया है कि रिजर्व बैंक द्वारा बार-बार इस संबंध में चिंता जारी करने के बावजूद आधार मूल्य पर जारी किये गये ज्यादातर पुराने ऋणों को एमसीएलआर व्यवस्था में स्थानांतरित नहीं किया गया है। इसके मद्देनजर 01 अप्रैल से आधार दर को भी एमसीएलआर से जोड़ने का फैसला किया गया है।">

पुराने आवास एवं वाहन ऋण सस्ते होने की उम्मीद

2018/02/07



मुंबई, रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने आवास तथा वाहन ऋण के पुराने ग्राहकों को राहत देते हुये अगले वित्त वर्ष से इसे सीमांत लागत ऋण दर (एमसीएलआर) से जोड़ने का फैसला किया है, इससे पुराने ऋणों के लिए भी ब्याज दर में कमी आने तथा ग्राहकों पर ईएमआई का बोझ कम होने की उम्मीद है। केंद्रीय बैंक की मौद्रिक नीति समिति की दो दिवसीय बैठक के बाद विकास एवं नियामक नीतियों पर आज यहाँ जारी बयान में कहा गया है कि रिजर्व बैंक द्वारा बार-बार इस संबंध में चिंता जारी करने के बावजूद आधार मूल्य पर जारी किये गये ज्यादातर पुराने ऋणों को एमसीएलआर व्यवस्था में स्थानांतरित नहीं किया गया है। इसके मद्देनजर 01 अप्रैल से आधार दर को भी एमसीएलआर से जोड़ने का फैसला किया गया है।


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