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नयी दिल्ली,  कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं पार्टी महासचिव दिग्विजय सिंह ने आज कहा कि वह पारंपरिक जल्लीकट्टु (सांड़ को वश में करने का खेल) का समर्थन करते हैं। श्री सिंह ने ट्विट किया, “ मैं पारंपरिक जल्लीकट्टु कार्यक्रम का समर्थन करता हूं। यह स्पेन में होने वाले उसे बुलफाइटिंग से बेहतर है ,जिसमें सांड़ों की मौत हो जाती है। इसकी अनुमति दी जानी चाहिये।” तमिलनाडु में हजारों लोग जल्लीकट्टु पर प्रतिबंध हटाये जाने की मांग को लेकर समूचे राज्य में प्रदर्शनरत हैं। उल्लेखनीय है कि शीर्ष अदालत ने वर्ष 2014 में पशु अधिकार कार्यकर्ताओं की याचिका मंजूर करते हुये जल्लीकट्टु पर प्रतिबंध लगा दिया था।"/> नयी दिल्ली,  कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं पार्टी महासचिव दिग्विजय सिंह ने आज कहा कि वह पारंपरिक जल्लीकट्टु (सांड़ को वश में करने का खेल) का समर्थन करते हैं। श्री सिंह ने ट्विट किया, “ मैं पारंपरिक जल्लीकट्टु कार्यक्रम का समर्थन करता हूं। यह स्पेन में होने वाले उसे बुलफाइटिंग से बेहतर है ,जिसमें सांड़ों की मौत हो जाती है। इसकी अनुमति दी जानी चाहिये।” तमिलनाडु में हजारों लोग जल्लीकट्टु पर प्रतिबंध हटाये जाने की मांग को लेकर समूचे राज्य में प्रदर्शनरत हैं। उल्लेखनीय है कि शीर्ष अदालत ने वर्ष 2014 में पशु अधिकार कार्यकर्ताओं की याचिका मंजूर करते हुये जल्लीकट्टु पर प्रतिबंध लगा दिया था।"/> नयी दिल्ली,  कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं पार्टी महासचिव दिग्विजय सिंह ने आज कहा कि वह पारंपरिक जल्लीकट्टु (सांड़ को वश में करने का खेल) का समर्थन करते हैं। श्री सिंह ने ट्विट किया, “ मैं पारंपरिक जल्लीकट्टु कार्यक्रम का समर्थन करता हूं। यह स्पेन में होने वाले उसे बुलफाइटिंग से बेहतर है ,जिसमें सांड़ों की मौत हो जाती है। इसकी अनुमति दी जानी चाहिये।” तमिलनाडु में हजारों लोग जल्लीकट्टु पर प्रतिबंध हटाये जाने की मांग को लेकर समूचे राज्य में प्रदर्शनरत हैं। उल्लेखनीय है कि शीर्ष अदालत ने वर्ष 2014 में पशु अधिकार कार्यकर्ताओं की याचिका मंजूर करते हुये जल्लीकट्टु पर प्रतिबंध लगा दिया था।">

पारंपरिक जल्लीकट्टु को मेरा समर्थन : दिग्विजय

2017/01/19



नयी दिल्ली,  कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं पार्टी महासचिव दिग्विजय सिंह ने आज कहा कि वह पारंपरिक जल्लीकट्टु (सांड़ को वश में करने का खेल) का समर्थन करते हैं। श्री सिंह ने ट्विट किया, “ मैं पारंपरिक जल्लीकट्टु कार्यक्रम का समर्थन करता हूं। यह स्पेन में होने वाले उसे बुलफाइटिंग से बेहतर है ,जिसमें सांड़ों की मौत हो जाती है। इसकी अनुमति दी जानी चाहिये।” तमिलनाडु में हजारों लोग जल्लीकट्टु पर प्रतिबंध हटाये जाने की मांग को लेकर समूचे राज्य में प्रदर्शनरत हैं। उल्लेखनीय है कि शीर्ष अदालत ने वर्ष 2014 में पशु अधिकार कार्यकर्ताओं की याचिका मंजूर करते हुये जल्लीकट्टु पर प्रतिबंध लगा दिया था।


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