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जयपुर , फिल्मकार संजय लीला भंसाली की पद्मावती फिल्म के विरोध के स्वर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी तक पहुंच गए हैं। राजपूत करणी सेना के नेता कल्याण सिंह कालवी ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से फिल्म पर रोक लगाने की मांग करते हुए एक दिसम्बर को फिल्म रिलीज के दिन भारत बंद आह्वान किया है। बुधवार को यहां पत्रकारों से बातचीत करते हुए कालवी ने कहा कि गत 30 जनवरी को फिल्म निर्माता संजय लीला भंसाली ने लिखित आश्वासन दिया था कि फिल्म रिलीज करने से पहले राजपूत करणी सेना को विश्वास में लिया जाएगा लेकिन उन्हाेंने बिना चर्चा किए फिल्म का ट्रेलर जारी कर दिया। अभी तो यह फिल्म 19 नवम्बर को सेंसर बोर्ड के पास जाएगी। उससे पहले ट्रेलर जारी करना राजपूत समाज को भड़काने जैसा काम है। फिल्म के प्रदर्शन को रोकने के लिए हम किसी तरह की हिंसा नहीं चाहते लेकिन उन्होंने साफ कहा कि अहिंसा बहुत जरूरी है पर हिंसा तो मजबूरी है। यह जौहर की ज्वाला है, इसमें बहुत कुछ जल सकता है। यह भी चेतावनी दी कि एक दिसम्बर को पूरे भारत में कहीं भी फिल्म को प्रदर्शित नहीं होने दिया जाएगा। इसके लिए हम सभी राज्यों में जाकर सभी समाज के लोगों को सहयोग करने की अपील कर रहे हैं। अधिकतर समाज के नेताओं ने राजपूतों के इतिहास को गौरवशाली बताते हुए सहयोग का आश्वासन दिया है। कालवी ने कहा कि फिल्म की रिलीज को रोकने के लिए प्रधानमंत्री से अपील की गई है कि राजपूतों के इतिहास से छेड़छाड़ के कारण देश में कानून एवं व्यवस्था की स्थिति खराब हो सकती है इसलिए सिनेमेटाग्राफी रूल्स के सेक्शन 6 के बिंदु तीन के इसके प्रदर्शन पर तीन महीने के लिए रोक लगाई जाए। प्रेस वार्ता में राजपूत करणी सेना के प्रदेशाध्यक्ष महिपाल सिंह मकराना ने कहा फिल्म में आपत्तिजनक दृश्यों के कारण राजपूत समाज आहत है, इसलिए इसका हर स्तर पर जोरदार विरोध किया जाएगा। फिल्म को किसी भी सिनेमाहॉल में नहीं चलने दिया जाएगा।"/> जयपुर , फिल्मकार संजय लीला भंसाली की पद्मावती फिल्म के विरोध के स्वर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी तक पहुंच गए हैं। राजपूत करणी सेना के नेता कल्याण सिंह कालवी ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से फिल्म पर रोक लगाने की मांग करते हुए एक दिसम्बर को फिल्म रिलीज के दिन भारत बंद आह्वान किया है। बुधवार को यहां पत्रकारों से बातचीत करते हुए कालवी ने कहा कि गत 30 जनवरी को फिल्म निर्माता संजय लीला भंसाली ने लिखित आश्वासन दिया था कि फिल्म रिलीज करने से पहले राजपूत करणी सेना को विश्वास में लिया जाएगा लेकिन उन्हाेंने बिना चर्चा किए फिल्म का ट्रेलर जारी कर दिया। अभी तो यह फिल्म 19 नवम्बर को सेंसर बोर्ड के पास जाएगी। उससे पहले ट्रेलर जारी करना राजपूत समाज को भड़काने जैसा काम है। फिल्म के प्रदर्शन को रोकने के लिए हम किसी तरह की हिंसा नहीं चाहते लेकिन उन्होंने साफ कहा कि अहिंसा बहुत जरूरी है पर हिंसा तो मजबूरी है। यह जौहर की ज्वाला है, इसमें बहुत कुछ जल सकता है। यह भी चेतावनी दी कि एक दिसम्बर को पूरे भारत में कहीं भी फिल्म को प्रदर्शित नहीं होने दिया जाएगा। इसके लिए हम सभी राज्यों में जाकर सभी समाज के लोगों को सहयोग करने की अपील कर रहे हैं। अधिकतर समाज के नेताओं ने राजपूतों के इतिहास को गौरवशाली बताते हुए सहयोग का आश्वासन दिया है। कालवी ने कहा कि फिल्म की रिलीज को रोकने के लिए प्रधानमंत्री से अपील की गई है कि राजपूतों के इतिहास से छेड़छाड़ के कारण देश में कानून एवं व्यवस्था की स्थिति खराब हो सकती है इसलिए सिनेमेटाग्राफी रूल्स के सेक्शन 6 के बिंदु तीन के इसके प्रदर्शन पर तीन महीने के लिए रोक लगाई जाए। प्रेस वार्ता में राजपूत करणी सेना के प्रदेशाध्यक्ष महिपाल सिंह मकराना ने कहा फिल्म में आपत्तिजनक दृश्यों के कारण राजपूत समाज आहत है, इसलिए इसका हर स्तर पर जोरदार विरोध किया जाएगा। फिल्म को किसी भी सिनेमाहॉल में नहीं चलने दिया जाएगा।"/> जयपुर , फिल्मकार संजय लीला भंसाली की पद्मावती फिल्म के विरोध के स्वर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी तक पहुंच गए हैं। राजपूत करणी सेना के नेता कल्याण सिंह कालवी ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से फिल्म पर रोक लगाने की मांग करते हुए एक दिसम्बर को फिल्म रिलीज के दिन भारत बंद आह्वान किया है। बुधवार को यहां पत्रकारों से बातचीत करते हुए कालवी ने कहा कि गत 30 जनवरी को फिल्म निर्माता संजय लीला भंसाली ने लिखित आश्वासन दिया था कि फिल्म रिलीज करने से पहले राजपूत करणी सेना को विश्वास में लिया जाएगा लेकिन उन्हाेंने बिना चर्चा किए फिल्म का ट्रेलर जारी कर दिया। अभी तो यह फिल्म 19 नवम्बर को सेंसर बोर्ड के पास जाएगी। उससे पहले ट्रेलर जारी करना राजपूत समाज को भड़काने जैसा काम है। फिल्म के प्रदर्शन को रोकने के लिए हम किसी तरह की हिंसा नहीं चाहते लेकिन उन्होंने साफ कहा कि अहिंसा बहुत जरूरी है पर हिंसा तो मजबूरी है। यह जौहर की ज्वाला है, इसमें बहुत कुछ जल सकता है। यह भी चेतावनी दी कि एक दिसम्बर को पूरे भारत में कहीं भी फिल्म को प्रदर्शित नहीं होने दिया जाएगा। इसके लिए हम सभी राज्यों में जाकर सभी समाज के लोगों को सहयोग करने की अपील कर रहे हैं। अधिकतर समाज के नेताओं ने राजपूतों के इतिहास को गौरवशाली बताते हुए सहयोग का आश्वासन दिया है। कालवी ने कहा कि फिल्म की रिलीज को रोकने के लिए प्रधानमंत्री से अपील की गई है कि राजपूतों के इतिहास से छेड़छाड़ के कारण देश में कानून एवं व्यवस्था की स्थिति खराब हो सकती है इसलिए सिनेमेटाग्राफी रूल्स के सेक्शन 6 के बिंदु तीन के इसके प्रदर्शन पर तीन महीने के लिए रोक लगाई जाए। प्रेस वार्ता में राजपूत करणी सेना के प्रदेशाध्यक्ष महिपाल सिंह मकराना ने कहा फिल्म में आपत्तिजनक दृश्यों के कारण राजपूत समाज आहत है, इसलिए इसका हर स्तर पर जोरदार विरोध किया जाएगा। फिल्म को किसी भी सिनेमाहॉल में नहीं चलने दिया जाएगा।">

पद्मावती फिल्म के विरोध में एक दिसंबर को भारत बंद का ऐलान

2017/11/15



जयपुर , फिल्मकार संजय लीला भंसाली की पद्मावती फिल्म के विरोध के स्वर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी तक पहुंच गए हैं। राजपूत करणी सेना के नेता कल्याण सिंह कालवी ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से फिल्म पर रोक लगाने की मांग करते हुए एक दिसम्बर को फिल्म रिलीज के दिन भारत बंद आह्वान किया है। बुधवार को यहां पत्रकारों से बातचीत करते हुए कालवी ने कहा कि गत 30 जनवरी को फिल्म निर्माता संजय लीला भंसाली ने लिखित आश्वासन दिया था कि फिल्म रिलीज करने से पहले राजपूत करणी सेना को विश्वास में लिया जाएगा लेकिन उन्हाेंने बिना चर्चा किए फिल्म का ट्रेलर जारी कर दिया। अभी तो यह फिल्म 19 नवम्बर को सेंसर बोर्ड के पास जाएगी। उससे पहले ट्रेलर जारी करना राजपूत समाज को भड़काने जैसा काम है। फिल्म के प्रदर्शन को रोकने के लिए हम किसी तरह की हिंसा नहीं चाहते लेकिन उन्होंने साफ कहा कि अहिंसा बहुत जरूरी है पर हिंसा तो मजबूरी है। यह जौहर की ज्वाला है, इसमें बहुत कुछ जल सकता है। यह भी चेतावनी दी कि एक दिसम्बर को पूरे भारत में कहीं भी फिल्म को प्रदर्शित नहीं होने दिया जाएगा। इसके लिए हम सभी राज्यों में जाकर सभी समाज के लोगों को सहयोग करने की अपील कर रहे हैं। अधिकतर समाज के नेताओं ने राजपूतों के इतिहास को गौरवशाली बताते हुए सहयोग का आश्वासन दिया है। कालवी ने कहा कि फिल्म की रिलीज को रोकने के लिए प्रधानमंत्री से अपील की गई है कि राजपूतों के इतिहास से छेड़छाड़ के कारण देश में कानून एवं व्यवस्था की स्थिति खराब हो सकती है इसलिए सिनेमेटाग्राफी रूल्स के सेक्शन 6 के बिंदु तीन के इसके प्रदर्शन पर तीन महीने के लिए रोक लगाई जाए। प्रेस वार्ता में राजपूत करणी सेना के प्रदेशाध्यक्ष महिपाल सिंह मकराना ने कहा फिल्म में आपत्तिजनक दृश्यों के कारण राजपूत समाज आहत है, इसलिए इसका हर स्तर पर जोरदार विरोध किया जाएगा। फिल्म को किसी भी सिनेमाहॉल में नहीं चलने दिया जाएगा।


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