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नयी दिल्ली,  केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री मेनका गांधी ने निर्भया सामूहिक दुष्कर्म मामले में उच्चतम न्यायालय के निर्णय का स्वागत करते हुए इसे महिलाआें की सुरक्षा की दिशा में बड़ा कदम बताया है। श्रीमती गांधी ने कहा, “ मैं खुश हूं कि फैसला बरकरार रखा गया है। मेरी इच्छा है कि यह जल्दी से जल्दी क्रियान्वित होना चाहिए। ” उच्चतम न्यायालय ने मामले की सुनवाई के बाद आज चारों दोषियों की फांसी की सजा बरकरार रखी है। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि उच्चतम न्यायालय का यह फैसला महिला सुरक्षा की दिशा में बड़ा कदम है और इससे समाज में भरोसा पैदा होगा। उन्होंने कहा कि मामले के निपटारे में पांच साल का समय लग गया। वैसे इस तरह के कई मामलों में इससे भी काफी ज्यादा समय लग जाता है। विधि मंत्रालय और न्यायाधीशों को इस संबंध में सोचना चाहिए कि इस समय को कैसे कम किया जा सकता है। उनका कहना था कि न्याय मिलने में देरी एक तरह से न्याय न मिलने जैसा है।"/> नयी दिल्ली,  केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री मेनका गांधी ने निर्भया सामूहिक दुष्कर्म मामले में उच्चतम न्यायालय के निर्णय का स्वागत करते हुए इसे महिलाआें की सुरक्षा की दिशा में बड़ा कदम बताया है। श्रीमती गांधी ने कहा, “ मैं खुश हूं कि फैसला बरकरार रखा गया है। मेरी इच्छा है कि यह जल्दी से जल्दी क्रियान्वित होना चाहिए। ” उच्चतम न्यायालय ने मामले की सुनवाई के बाद आज चारों दोषियों की फांसी की सजा बरकरार रखी है। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि उच्चतम न्यायालय का यह फैसला महिला सुरक्षा की दिशा में बड़ा कदम है और इससे समाज में भरोसा पैदा होगा। उन्होंने कहा कि मामले के निपटारे में पांच साल का समय लग गया। वैसे इस तरह के कई मामलों में इससे भी काफी ज्यादा समय लग जाता है। विधि मंत्रालय और न्यायाधीशों को इस संबंध में सोचना चाहिए कि इस समय को कैसे कम किया जा सकता है। उनका कहना था कि न्याय मिलने में देरी एक तरह से न्याय न मिलने जैसा है।"/> नयी दिल्ली,  केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री मेनका गांधी ने निर्भया सामूहिक दुष्कर्म मामले में उच्चतम न्यायालय के निर्णय का स्वागत करते हुए इसे महिलाआें की सुरक्षा की दिशा में बड़ा कदम बताया है। श्रीमती गांधी ने कहा, “ मैं खुश हूं कि फैसला बरकरार रखा गया है। मेरी इच्छा है कि यह जल्दी से जल्दी क्रियान्वित होना चाहिए। ” उच्चतम न्यायालय ने मामले की सुनवाई के बाद आज चारों दोषियों की फांसी की सजा बरकरार रखी है। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि उच्चतम न्यायालय का यह फैसला महिला सुरक्षा की दिशा में बड़ा कदम है और इससे समाज में भरोसा पैदा होगा। उन्होंने कहा कि मामले के निपटारे में पांच साल का समय लग गया। वैसे इस तरह के कई मामलों में इससे भी काफी ज्यादा समय लग जाता है। विधि मंत्रालय और न्यायाधीशों को इस संबंध में सोचना चाहिए कि इस समय को कैसे कम किया जा सकता है। उनका कहना था कि न्याय मिलने में देरी एक तरह से न्याय न मिलने जैसा है।">

न्यायालय का फैसला महिलाओं की सुरक्षा में बड़ा कदम : मेनका गांधी

2017/05/05



नयी दिल्ली,  केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री मेनका गांधी ने निर्भया सामूहिक दुष्कर्म मामले में उच्चतम न्यायालय के निर्णय का स्वागत करते हुए इसे महिलाआें की सुरक्षा की दिशा में बड़ा कदम बताया है। श्रीमती गांधी ने कहा, “ मैं खुश हूं कि फैसला बरकरार रखा गया है। मेरी इच्छा है कि यह जल्दी से जल्दी क्रियान्वित होना चाहिए। ” उच्चतम न्यायालय ने मामले की सुनवाई के बाद आज चारों दोषियों की फांसी की सजा बरकरार रखी है। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि उच्चतम न्यायालय का यह फैसला महिला सुरक्षा की दिशा में बड़ा कदम है और इससे समाज में भरोसा पैदा होगा। उन्होंने कहा कि मामले के निपटारे में पांच साल का समय लग गया। वैसे इस तरह के कई मामलों में इससे भी काफी ज्यादा समय लग जाता है। विधि मंत्रालय और न्यायाधीशों को इस संबंध में सोचना चाहिए कि इस समय को कैसे कम किया जा सकता है। उनका कहना था कि न्याय मिलने में देरी एक तरह से न्याय न मिलने जैसा है।


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