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नयी दिल्ली,  उच्चतम न्यायालय ने राजधानी के निर्भया सामूहिक बलात्कार के मामले में चारो दोषियों की फांसी की सजा आज बरकरार रखी, न्यायमूर्ति दीपक मिश्रा, न्यायमूर्ति आर भानुमति और न्यायमूर्ति अशोक भूषण की पीठ ने चारों अपराधियों मुकेश, पवन, विनय और अक्षय की दिल्ली उच्च न्ययालय के फैसले के खिलाफ अपील ठुकराते हुए फांसी की सजा बरकार रखी। न्यायालय ने निर्भया के साथ हुई बर्बर घटना का उल्लेख करते हुए कहा कि यह जघन्य अपराध था और इसे विरलों में विरलतम (रेयरेस्ट ऑफ दी रेयर) की श्रेणी में रखा जाना उचित है। तीनों न्यायाधीशों का फैसला सहमति वाला था लेकिन न्यायमूर्ति भानुमति ने इस मामले में अलग से अपना आदेश सुनाया। वकीलों और मीडियाकर्मियों से खचाखच भरे अदालत कक्ष में निर्भया के माता-पिता भी मौजूद थे।"/> नयी दिल्ली,  उच्चतम न्यायालय ने राजधानी के निर्भया सामूहिक बलात्कार के मामले में चारो दोषियों की फांसी की सजा आज बरकरार रखी, न्यायमूर्ति दीपक मिश्रा, न्यायमूर्ति आर भानुमति और न्यायमूर्ति अशोक भूषण की पीठ ने चारों अपराधियों मुकेश, पवन, विनय और अक्षय की दिल्ली उच्च न्ययालय के फैसले के खिलाफ अपील ठुकराते हुए फांसी की सजा बरकार रखी। न्यायालय ने निर्भया के साथ हुई बर्बर घटना का उल्लेख करते हुए कहा कि यह जघन्य अपराध था और इसे विरलों में विरलतम (रेयरेस्ट ऑफ दी रेयर) की श्रेणी में रखा जाना उचित है। तीनों न्यायाधीशों का फैसला सहमति वाला था लेकिन न्यायमूर्ति भानुमति ने इस मामले में अलग से अपना आदेश सुनाया। वकीलों और मीडियाकर्मियों से खचाखच भरे अदालत कक्ष में निर्भया के माता-पिता भी मौजूद थे।"/> नयी दिल्ली,  उच्चतम न्यायालय ने राजधानी के निर्भया सामूहिक बलात्कार के मामले में चारो दोषियों की फांसी की सजा आज बरकरार रखी, न्यायमूर्ति दीपक मिश्रा, न्यायमूर्ति आर भानुमति और न्यायमूर्ति अशोक भूषण की पीठ ने चारों अपराधियों मुकेश, पवन, विनय और अक्षय की दिल्ली उच्च न्ययालय के फैसले के खिलाफ अपील ठुकराते हुए फांसी की सजा बरकार रखी। न्यायालय ने निर्भया के साथ हुई बर्बर घटना का उल्लेख करते हुए कहा कि यह जघन्य अपराध था और इसे विरलों में विरलतम (रेयरेस्ट ऑफ दी रेयर) की श्रेणी में रखा जाना उचित है। तीनों न्यायाधीशों का फैसला सहमति वाला था लेकिन न्यायमूर्ति भानुमति ने इस मामले में अलग से अपना आदेश सुनाया। वकीलों और मीडियाकर्मियों से खचाखच भरे अदालत कक्ष में निर्भया के माता-पिता भी मौजूद थे।">

निर्भया गैंगरेप : सुप्रीम कोर्ट ने चारों दोषियों की फांसी की सजा बरकरार रखी

2017/05/05



नयी दिल्ली,  उच्चतम न्यायालय ने राजधानी के निर्भया सामूहिक बलात्कार के मामले में चारो दोषियों की फांसी की सजा आज बरकरार रखी, न्यायमूर्ति दीपक मिश्रा, न्यायमूर्ति आर भानुमति और न्यायमूर्ति अशोक भूषण की पीठ ने चारों अपराधियों मुकेश, पवन, विनय और अक्षय की दिल्ली उच्च न्ययालय के फैसले के खिलाफ अपील ठुकराते हुए फांसी की सजा बरकार रखी। न्यायालय ने निर्भया के साथ हुई बर्बर घटना का उल्लेख करते हुए कहा कि यह जघन्य अपराध था और इसे विरलों में विरलतम (रेयरेस्ट ऑफ दी रेयर) की श्रेणी में रखा जाना उचित है। तीनों न्यायाधीशों का फैसला सहमति वाला था लेकिन न्यायमूर्ति भानुमति ने इस मामले में अलग से अपना आदेश सुनाया। वकीलों और मीडियाकर्मियों से खचाखच भरे अदालत कक्ष में निर्भया के माता-पिता भी मौजूद थे।


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