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खजूरी के खामलाखेड़ी में श्रीमद् भागवत कथा संत हिरदाराम नगर, खजूरी सड़क खामलाखेड़ी में चल रही श्रीमद् भागवत कथा में मनोहर शास्त्री ने भगवान कृष्ण और रुकमणी विवाह प्रसंग का वर्णन किया. इस मौके पर उत्सव का माहौल था. शाम को विवाह प्रसंग पर यहां सुंदर झांकी सजाई गई. मनोहर शास्त्री ने भगवान के मथुरा प्रवास, कंस वध, गोपियों और उद्धव प्रसंग तथा रुक्मणी हरण की कथा सुनाई. उन्होंने कहा कि वृंदावन का त्याग कर भगवान मथुरा की ओर प्रस्थान करते हैं और वहां कंस के अत्याचारों से लोगों को मुक्त कराते हैं. कंस कृष्ण के मामा थे लेकिन अधर्म के रास्ते पर चलने वाले कंस का वध कर बलराम कृष्ण ने कर्म और धर्म के आगे रिश्ते नातों को भी महत्व न देने की बात कही. रुक्मणी के विवाह प्रसंग पर उन्होंने कहा कि रुखमणी भगवान कृष्ण की पहली रानी थी. बड़ी संख्या में उपस्थित भक्त भजनों पर जमकर झूमते नजर आए."/> खजूरी के खामलाखेड़ी में श्रीमद् भागवत कथा संत हिरदाराम नगर, खजूरी सड़क खामलाखेड़ी में चल रही श्रीमद् भागवत कथा में मनोहर शास्त्री ने भगवान कृष्ण और रुकमणी विवाह प्रसंग का वर्णन किया. इस मौके पर उत्सव का माहौल था. शाम को विवाह प्रसंग पर यहां सुंदर झांकी सजाई गई. मनोहर शास्त्री ने भगवान के मथुरा प्रवास, कंस वध, गोपियों और उद्धव प्रसंग तथा रुक्मणी हरण की कथा सुनाई. उन्होंने कहा कि वृंदावन का त्याग कर भगवान मथुरा की ओर प्रस्थान करते हैं और वहां कंस के अत्याचारों से लोगों को मुक्त कराते हैं. कंस कृष्ण के मामा थे लेकिन अधर्म के रास्ते पर चलने वाले कंस का वध कर बलराम कृष्ण ने कर्म और धर्म के आगे रिश्ते नातों को भी महत्व न देने की बात कही. रुक्मणी के विवाह प्रसंग पर उन्होंने कहा कि रुखमणी भगवान कृष्ण की पहली रानी थी. बड़ी संख्या में उपस्थित भक्त भजनों पर जमकर झूमते नजर आए."/> खजूरी के खामलाखेड़ी में श्रीमद् भागवत कथा संत हिरदाराम नगर, खजूरी सड़क खामलाखेड़ी में चल रही श्रीमद् भागवत कथा में मनोहर शास्त्री ने भगवान कृष्ण और रुकमणी विवाह प्रसंग का वर्णन किया. इस मौके पर उत्सव का माहौल था. शाम को विवाह प्रसंग पर यहां सुंदर झांकी सजाई गई. मनोहर शास्त्री ने भगवान के मथुरा प्रवास, कंस वध, गोपियों और उद्धव प्रसंग तथा रुक्मणी हरण की कथा सुनाई. उन्होंने कहा कि वृंदावन का त्याग कर भगवान मथुरा की ओर प्रस्थान करते हैं और वहां कंस के अत्याचारों से लोगों को मुक्त कराते हैं. कंस कृष्ण के मामा थे लेकिन अधर्म के रास्ते पर चलने वाले कंस का वध कर बलराम कृष्ण ने कर्म और धर्म के आगे रिश्ते नातों को भी महत्व न देने की बात कही. रुक्मणी के विवाह प्रसंग पर उन्होंने कहा कि रुखमणी भगवान कृष्ण की पहली रानी थी. बड़ी संख्या में उपस्थित भक्त भजनों पर जमकर झूमते नजर आए.">

धूमधाम से हुआ कृष्ण रुक्मणी का विवाह

2017/12/15



खजूरी के खामलाखेड़ी में श्रीमद् भागवत कथा संत हिरदाराम नगर, खजूरी सड़क खामलाखेड़ी में चल रही श्रीमद् भागवत कथा में मनोहर शास्त्री ने भगवान कृष्ण और रुकमणी विवाह प्रसंग का वर्णन किया. इस मौके पर उत्सव का माहौल था. शाम को विवाह प्रसंग पर यहां सुंदर झांकी सजाई गई. मनोहर शास्त्री ने भगवान के मथुरा प्रवास, कंस वध, गोपियों और उद्धव प्रसंग तथा रुक्मणी हरण की कथा सुनाई. उन्होंने कहा कि वृंदावन का त्याग कर भगवान मथुरा की ओर प्रस्थान करते हैं और वहां कंस के अत्याचारों से लोगों को मुक्त कराते हैं. कंस कृष्ण के मामा थे लेकिन अधर्म के रास्ते पर चलने वाले कंस का वध कर बलराम कृष्ण ने कर्म और धर्म के आगे रिश्ते नातों को भी महत्व न देने की बात कही. रुक्मणी के विवाह प्रसंग पर उन्होंने कहा कि रुखमणी भगवान कृष्ण की पहली रानी थी. बड़ी संख्या में उपस्थित भक्त भजनों पर जमकर झूमते नजर आए.


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