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नयी दिल्ली,   राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने देशवासियों से आजादी के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर करने वाले स्वतंत्रता सेनानियों की भावना के अनुरूप ऐसे नये भारत के निर्माण में जुटने का आह्वान किया है जिसमें धर्म के आधार पर कोई भेदभाव न हो तथा एक-दूसरे की भावनाओं और विचारों का सम्मान हो। राष्ट्रपति ने 71वें स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर आज राष्ट्र के नाम अपने पहले सम्बोधन में समाज में अपनत्व और साझेदारी की भावना को पुनर्जागृत करने की जरूरत बताई और कहा कि साझेदारी ही हमारे राष्ट्र निर्माण का आधार रही है। उन्होंने सरकार और नागरिकों के बीच साझेदारी पर जोर देते हुए कहा कि सरकारी योजनाओं और कार्यक्रमों का लाभ हर तबके तक पहुंचाना हर नागरिक की जिम्मेदारी है।"/> नयी दिल्ली,   राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने देशवासियों से आजादी के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर करने वाले स्वतंत्रता सेनानियों की भावना के अनुरूप ऐसे नये भारत के निर्माण में जुटने का आह्वान किया है जिसमें धर्म के आधार पर कोई भेदभाव न हो तथा एक-दूसरे की भावनाओं और विचारों का सम्मान हो। राष्ट्रपति ने 71वें स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर आज राष्ट्र के नाम अपने पहले सम्बोधन में समाज में अपनत्व और साझेदारी की भावना को पुनर्जागृत करने की जरूरत बताई और कहा कि साझेदारी ही हमारे राष्ट्र निर्माण का आधार रही है। उन्होंने सरकार और नागरिकों के बीच साझेदारी पर जोर देते हुए कहा कि सरकारी योजनाओं और कार्यक्रमों का लाभ हर तबके तक पहुंचाना हर नागरिक की जिम्मेदारी है।"/> नयी दिल्ली,   राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने देशवासियों से आजादी के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर करने वाले स्वतंत्रता सेनानियों की भावना के अनुरूप ऐसे नये भारत के निर्माण में जुटने का आह्वान किया है जिसमें धर्म के आधार पर कोई भेदभाव न हो तथा एक-दूसरे की भावनाओं और विचारों का सम्मान हो। राष्ट्रपति ने 71वें स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर आज राष्ट्र के नाम अपने पहले सम्बोधन में समाज में अपनत्व और साझेदारी की भावना को पुनर्जागृत करने की जरूरत बताई और कहा कि साझेदारी ही हमारे राष्ट्र निर्माण का आधार रही है। उन्होंने सरकार और नागरिकों के बीच साझेदारी पर जोर देते हुए कहा कि सरकारी योजनाओं और कार्यक्रमों का लाभ हर तबके तक पहुंचाना हर नागरिक की जिम्मेदारी है।">

देशवासी नये भारत के निर्माण में साझेदारी निभायें : कोविंद

2017/08/14



नयी दिल्ली,   राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने देशवासियों से आजादी के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर करने वाले स्वतंत्रता सेनानियों की भावना के अनुरूप ऐसे नये भारत के निर्माण में जुटने का आह्वान किया है जिसमें धर्म के आधार पर कोई भेदभाव न हो तथा एक-दूसरे की भावनाओं और विचारों का सम्मान हो। राष्ट्रपति ने 71वें स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर आज राष्ट्र के नाम अपने पहले सम्बोधन में समाज में अपनत्व और साझेदारी की भावना को पुनर्जागृत करने की जरूरत बताई और कहा कि साझेदारी ही हमारे राष्ट्र निर्माण का आधार रही है। उन्होंने सरकार और नागरिकों के बीच साझेदारी पर जोर देते हुए कहा कि सरकारी योजनाओं और कार्यक्रमों का लाभ हर तबके तक पहुंचाना हर नागरिक की जिम्मेदारी है।


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