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दार्जिलिंग/सिलीगुड़ी पृथक गोरखालैंड की मांग को लेकर पश्चिम बंगाल के दार्जिलिंग हिल्स में गोरखा जनमुक्ति मोर्चा (जीजेएम) के आह्वान पर अनिश्चिकालीन बंद के आज 12वें दिन जनजीवन लगातार ठप है, हालांकि जीजेएम की ओर से शैक्षणिक संस्थानों में 12 घंटे की छूट दिये जाने की घोषणा के बाद हजारों की संख्या में अध्ययनरत और देश के अन्य हिस्सों में उच्च शिक्षा के लिये जाने वाले छात्रों ने यहां से लौटना शुरू कर दिया है। दाजिलिंग हिल्स में प्राथमिक और उच्चतर माध्यमिक स्तर के 120 से अधिक स्कूलों और हाॅटल सुविधा वाले पांच काॅलेजों में अभी ग्रीष्मावकाश है, लेकिन गत आठ जून से यहां हिंसक घटनाओं के कारण छात्र फंसे हुये हैं। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक दार्जिलिंग के सबसे करीबी रेलवे स्टेशन सिलीगुड़ी तक राजमार्ग पर स्कूली यूनीफार्म में छात्रों से भरी बसों की लाइनें लगी हुई है। जीजेएम ने कहा है कि सुबह छह से शाम छह बजे तक छूट की अवधि में केवल स्कूली बसें चल सकेंगी, लेकिन बहुत सी निजी बसें भी छात्रों और उनके अभिभावकों को लेकर जाती नजर आ रही है। दूसरी तरफ दार्जिलिंग हिल्स में सरकारी आदेश के तहत इंटरनेट और निजी टेलीविजन चैनलों में ब्लैकआउट की स्थिति है। प्राप्त रिपोर्ट के अनुसार राज्य सरकार की ओर से चार अतिरिक्त अर्द्ध-सैनिक बल उपलब्ध कराये जाने की मांग यह कहते हुये खारिज कर दी कि दार्जिलिंग हिल्स में पहले से 11 केंद्रीय बल और सेना की छह टुकड़ियां तैनात की गई है तथा क्षेत्र में स्थिति के मुताबिक अतिरिक्त बल उपलब्ध कराये जायेंगे।"/> दार्जिलिंग/सिलीगुड़ी पृथक गोरखालैंड की मांग को लेकर पश्चिम बंगाल के दार्जिलिंग हिल्स में गोरखा जनमुक्ति मोर्चा (जीजेएम) के आह्वान पर अनिश्चिकालीन बंद के आज 12वें दिन जनजीवन लगातार ठप है, हालांकि जीजेएम की ओर से शैक्षणिक संस्थानों में 12 घंटे की छूट दिये जाने की घोषणा के बाद हजारों की संख्या में अध्ययनरत और देश के अन्य हिस्सों में उच्च शिक्षा के लिये जाने वाले छात्रों ने यहां से लौटना शुरू कर दिया है। दाजिलिंग हिल्स में प्राथमिक और उच्चतर माध्यमिक स्तर के 120 से अधिक स्कूलों और हाॅटल सुविधा वाले पांच काॅलेजों में अभी ग्रीष्मावकाश है, लेकिन गत आठ जून से यहां हिंसक घटनाओं के कारण छात्र फंसे हुये हैं। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक दार्जिलिंग के सबसे करीबी रेलवे स्टेशन सिलीगुड़ी तक राजमार्ग पर स्कूली यूनीफार्म में छात्रों से भरी बसों की लाइनें लगी हुई है। जीजेएम ने कहा है कि सुबह छह से शाम छह बजे तक छूट की अवधि में केवल स्कूली बसें चल सकेंगी, लेकिन बहुत सी निजी बसें भी छात्रों और उनके अभिभावकों को लेकर जाती नजर आ रही है। दूसरी तरफ दार्जिलिंग हिल्स में सरकारी आदेश के तहत इंटरनेट और निजी टेलीविजन चैनलों में ब्लैकआउट की स्थिति है। प्राप्त रिपोर्ट के अनुसार राज्य सरकार की ओर से चार अतिरिक्त अर्द्ध-सैनिक बल उपलब्ध कराये जाने की मांग यह कहते हुये खारिज कर दी कि दार्जिलिंग हिल्स में पहले से 11 केंद्रीय बल और सेना की छह टुकड़ियां तैनात की गई है तथा क्षेत्र में स्थिति के मुताबिक अतिरिक्त बल उपलब्ध कराये जायेंगे।"/> दार्जिलिंग/सिलीगुड़ी पृथक गोरखालैंड की मांग को लेकर पश्चिम बंगाल के दार्जिलिंग हिल्स में गोरखा जनमुक्ति मोर्चा (जीजेएम) के आह्वान पर अनिश्चिकालीन बंद के आज 12वें दिन जनजीवन लगातार ठप है, हालांकि जीजेएम की ओर से शैक्षणिक संस्थानों में 12 घंटे की छूट दिये जाने की घोषणा के बाद हजारों की संख्या में अध्ययनरत और देश के अन्य हिस्सों में उच्च शिक्षा के लिये जाने वाले छात्रों ने यहां से लौटना शुरू कर दिया है। दाजिलिंग हिल्स में प्राथमिक और उच्चतर माध्यमिक स्तर के 120 से अधिक स्कूलों और हाॅटल सुविधा वाले पांच काॅलेजों में अभी ग्रीष्मावकाश है, लेकिन गत आठ जून से यहां हिंसक घटनाओं के कारण छात्र फंसे हुये हैं। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक दार्जिलिंग के सबसे करीबी रेलवे स्टेशन सिलीगुड़ी तक राजमार्ग पर स्कूली यूनीफार्म में छात्रों से भरी बसों की लाइनें लगी हुई है। जीजेएम ने कहा है कि सुबह छह से शाम छह बजे तक छूट की अवधि में केवल स्कूली बसें चल सकेंगी, लेकिन बहुत सी निजी बसें भी छात्रों और उनके अभिभावकों को लेकर जाती नजर आ रही है। दूसरी तरफ दार्जिलिंग हिल्स में सरकारी आदेश के तहत इंटरनेट और निजी टेलीविजन चैनलों में ब्लैकआउट की स्थिति है। प्राप्त रिपोर्ट के अनुसार राज्य सरकार की ओर से चार अतिरिक्त अर्द्ध-सैनिक बल उपलब्ध कराये जाने की मांग यह कहते हुये खारिज कर दी कि दार्जिलिंग हिल्स में पहले से 11 केंद्रीय बल और सेना की छह टुकड़ियां तैनात की गई है तथा क्षेत्र में स्थिति के मुताबिक अतिरिक्त बल उपलब्ध कराये जायेंगे।">

दार्जिलिंग में छात्रों ने अपने घरों को लाैटना शुरू किया

2017/06/23



दार्जिलिंग/सिलीगुड़ी पृथक गोरखालैंड की मांग को लेकर पश्चिम बंगाल के दार्जिलिंग हिल्स में गोरखा जनमुक्ति मोर्चा (जीजेएम) के आह्वान पर अनिश्चिकालीन बंद के आज 12वें दिन जनजीवन लगातार ठप है, हालांकि जीजेएम की ओर से शैक्षणिक संस्थानों में 12 घंटे की छूट दिये जाने की घोषणा के बाद हजारों की संख्या में अध्ययनरत और देश के अन्य हिस्सों में उच्च शिक्षा के लिये जाने वाले छात्रों ने यहां से लौटना शुरू कर दिया है। दाजिलिंग हिल्स में प्राथमिक और उच्चतर माध्यमिक स्तर के 120 से अधिक स्कूलों और हाॅटल सुविधा वाले पांच काॅलेजों में अभी ग्रीष्मावकाश है, लेकिन गत आठ जून से यहां हिंसक घटनाओं के कारण छात्र फंसे हुये हैं। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक दार्जिलिंग के सबसे करीबी रेलवे स्टेशन सिलीगुड़ी तक राजमार्ग पर स्कूली यूनीफार्म में छात्रों से भरी बसों की लाइनें लगी हुई है। जीजेएम ने कहा है कि सुबह छह से शाम छह बजे तक छूट की अवधि में केवल स्कूली बसें चल सकेंगी, लेकिन बहुत सी निजी बसें भी छात्रों और उनके अभिभावकों को लेकर जाती नजर आ रही है। दूसरी तरफ दार्जिलिंग हिल्स में सरकारी आदेश के तहत इंटरनेट और निजी टेलीविजन चैनलों में ब्लैकआउट की स्थिति है। प्राप्त रिपोर्ट के अनुसार राज्य सरकार की ओर से चार अतिरिक्त अर्द्ध-सैनिक बल उपलब्ध कराये जाने की मांग यह कहते हुये खारिज कर दी कि दार्जिलिंग हिल्स में पहले से 11 केंद्रीय बल और सेना की छह टुकड़ियां तैनात की गई है तथा क्षेत्र में स्थिति के मुताबिक अतिरिक्त बल उपलब्ध कराये जायेंगे।


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