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श्रीहरिकोटा,  भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने सतीश धवन अंतरिक्ष केन्द्र से अपने भारी रॉकेट भूस्थैतिक उपग्रह प्रक्षेपण यान जीएसएलवी-एफ09 के माध्यम से दक्षिण एशियाई संचार उपग्रह जीसैट-9 का आज यहां सफल प्रक्षेपण किया और इसी के साथ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने दक्षेस के छह देशों को एक नई सौगात दी। इसरो ने बताया कि दक्षिण एशियाई संचार उपग्रह जीसैट-9 पाकिस्तान को छोड़कर भारत के अन्य पड़ोसी देशों नेपाल, भूटान, मालदीव, बंगलादेश, श्रीलंका और अफगानिस्तान को अपनी सेवाएं देगा। स्वदेशी तकनीक पर आधारित 2230 किलोग्राम के इस उपग्रह की सेवाएं अन्य देश भी ले सकेंगे। उपग्रह जीसैट-9 को चार बजकर 57 मिनट पर प्रक्षेपित किया गया। यह उपग्रह 12 वर्षों तक अपनी सेवाएं दे सकेगा। पचास मीटर ऊंचे इस रॉकेट के प्रक्षेपण में क्रॉयोजेनिक इंजन के उन्नत संस्करण का उपयोग किया जाएगा।"/> श्रीहरिकोटा,  भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने सतीश धवन अंतरिक्ष केन्द्र से अपने भारी रॉकेट भूस्थैतिक उपग्रह प्रक्षेपण यान जीएसएलवी-एफ09 के माध्यम से दक्षिण एशियाई संचार उपग्रह जीसैट-9 का आज यहां सफल प्रक्षेपण किया और इसी के साथ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने दक्षेस के छह देशों को एक नई सौगात दी। इसरो ने बताया कि दक्षिण एशियाई संचार उपग्रह जीसैट-9 पाकिस्तान को छोड़कर भारत के अन्य पड़ोसी देशों नेपाल, भूटान, मालदीव, बंगलादेश, श्रीलंका और अफगानिस्तान को अपनी सेवाएं देगा। स्वदेशी तकनीक पर आधारित 2230 किलोग्राम के इस उपग्रह की सेवाएं अन्य देश भी ले सकेंगे। उपग्रह जीसैट-9 को चार बजकर 57 मिनट पर प्रक्षेपित किया गया। यह उपग्रह 12 वर्षों तक अपनी सेवाएं दे सकेगा। पचास मीटर ऊंचे इस रॉकेट के प्रक्षेपण में क्रॉयोजेनिक इंजन के उन्नत संस्करण का उपयोग किया जाएगा।"/> श्रीहरिकोटा,  भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने सतीश धवन अंतरिक्ष केन्द्र से अपने भारी रॉकेट भूस्थैतिक उपग्रह प्रक्षेपण यान जीएसएलवी-एफ09 के माध्यम से दक्षिण एशियाई संचार उपग्रह जीसैट-9 का आज यहां सफल प्रक्षेपण किया और इसी के साथ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने दक्षेस के छह देशों को एक नई सौगात दी। इसरो ने बताया कि दक्षिण एशियाई संचार उपग्रह जीसैट-9 पाकिस्तान को छोड़कर भारत के अन्य पड़ोसी देशों नेपाल, भूटान, मालदीव, बंगलादेश, श्रीलंका और अफगानिस्तान को अपनी सेवाएं देगा। स्वदेशी तकनीक पर आधारित 2230 किलोग्राम के इस उपग्रह की सेवाएं अन्य देश भी ले सकेंगे। उपग्रह जीसैट-9 को चार बजकर 57 मिनट पर प्रक्षेपित किया गया। यह उपग्रह 12 वर्षों तक अपनी सेवाएं दे सकेगा। पचास मीटर ऊंचे इस रॉकेट के प्रक्षेपण में क्रॉयोजेनिक इंजन के उन्नत संस्करण का उपयोग किया जाएगा।">

दक्षिण एशियाई संचार उपग्रह जीसैट-9 का सफल प्रक्षेपण, मोदी का छह देशों को तोहफा

2017/05/05



श्रीहरिकोटा,  भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने सतीश धवन अंतरिक्ष केन्द्र से अपने भारी रॉकेट भूस्थैतिक उपग्रह प्रक्षेपण यान जीएसएलवी-एफ09 के माध्यम से दक्षिण एशियाई संचार उपग्रह जीसैट-9 का आज यहां सफल प्रक्षेपण किया और इसी के साथ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने दक्षेस के छह देशों को एक नई सौगात दी। इसरो ने बताया कि दक्षिण एशियाई संचार उपग्रह जीसैट-9 पाकिस्तान को छोड़कर भारत के अन्य पड़ोसी देशों नेपाल, भूटान, मालदीव, बंगलादेश, श्रीलंका और अफगानिस्तान को अपनी सेवाएं देगा। स्वदेशी तकनीक पर आधारित 2230 किलोग्राम के इस उपग्रह की सेवाएं अन्य देश भी ले सकेंगे। उपग्रह जीसैट-9 को चार बजकर 57 मिनट पर प्रक्षेपित किया गया। यह उपग्रह 12 वर्षों तक अपनी सेवाएं दे सकेगा। पचास मीटर ऊंचे इस रॉकेट के प्रक्षेपण में क्रॉयोजेनिक इंजन के उन्नत संस्करण का उपयोग किया जाएगा।


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