Breaking News :

      

घटना सामने आते ही न्यायिक जांच के आदेश

नवभारत न्यूज भोपाल, नशे की हालत में हंगामा कर रहे मंत्रालयीन कर्मचारी की थाने ले जाते समय डायल 100 में मौत हो गई. परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने इतनी बेरहमी से पीटा, जिससे उसकी मौत हो गई. घटना सामने आने के बाद मामले की न्यायिक जांच जेएफएमसी पार्थ शंकर मिश्र कर रहे हैं. घटना हबीबगंज थाना अंतर्गत शिवाजी नगर छह नंबर स्टॉप रात साढ़े ग्यारह बजे की है. हबीबगंज पुलिस से मिली जानकारी अनुसार अनंत वर्मा उम्र 48 वर्ष माचना कॉलोनी शिवाजी नगर छह नंबर बस स्टॉप के पास सपरिवार रहते थे. वे राजस्व विभाग में एलडीसी के पद पर कार्यरत थे. बुधवार को वे अपने बेटे देवेश वर्मा के साथ पास में ही अपने साले के यहां नाती की पार्टी में गए हुए थे. बताया जा रहा है कि यहां पर अनंत वर्मा व उनके बेटे ने शराब पी ली, जिसके बाद यह दोनों आपस में झगडऩे लगे. इसके बाद रात 11.30 बजे अनंत वर्मा घर पहुंचे और वहां पर भी इन दोनों के बीच जमकर विवाद होने लगा. जब ये दोनों आपस में जोर शोर से विवाद कर रहे थे तो पड़ोस के लोगों ने आकर समझाया, लेकिन ये नहीं माने. इसके बाद पड़ोसियों ने थाने को सूचना दी, जिसके बाद पहुंची चार्ली की टीम ने इन्हें समझाने का प्रयास किया लेकिन जब नहीं माने तो डायल 100 को सूचना दी गई. इसके बाद डॉयल 100 के पुलिसकर्मी अनंत वर्मा व उनके बेटे देवेश को थाने ले गए. बताया जा रहा है कि थाने में पहुंचते समय ही अनंत वर्मा को हर्ट अटैक आ गया, जिसके जानकारी मिलते ही पुलिसकर्मी उपचार के लिए जेपी अस्पताल ले जाने लगे, लेकिन रास्ते मं ही उनकी मौत हो गई. थाना प्रभारी वीरेंद्र सिंह चौहान ने बताया कि सामने आया है कि मृतक अनंत वर्मा शराब का सेवन करते थे. शराब की वजह से उन्हें हार्ट अटैक की बीमारी हो गई थी, जिसका उनका इलाज भी चल रहा था. पुलिस का कहना है कि जो बीमारी के दस्तावेज मिले हैं, उसमें सामने आया है कि 80 प्रतिशत धमनियां ब्लॉक थीं. परिजनों का कहना है कि मृतक के सीने पर खून के दाग व शरीर पर चोट के निशान भी मिले हैं.

परिजनों का आरोप- पुलिस ने जमकर की मारपीट

परिजनों का कहना है कि मृतक की मारपीट की वजह से मौत हुई है. इसकी वजह वह यह बता रहे हैं कि जिस समय अनंत वर्मा को अस्पताल ले जाया जा रहा था, उस समय देवेश को थाने में ही रखा गया, जबकि उसे भी साथ ले जाना चाहिए था. परिजनों का कहना था कि जब पुलिसकर्मी उनके साथ मारपीट कर रहे थे तो उन्होंने पुलिस के सामने हाथ जोड़े कि मारपीट मत करो, लेकिन पुलिसकर्मी नहीं माने और मारपीट करते रहे. डीआईजी धर्मेंद्र चौधरी ने कहा कि जैसे ही मामला संज्ञान में आया, परिजनों के आग्रह पर जांच के आदेश दे दिए गए."/>       

घटना सामने आते ही न्यायिक जांच के आदेश

नवभारत न्यूज भोपाल, नशे की हालत में हंगामा कर रहे मंत्रालयीन कर्मचारी की थाने ले जाते समय डायल 100 में मौत हो गई. परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने इतनी बेरहमी से पीटा, जिससे उसकी मौत हो गई. घटना सामने आने के बाद मामले की न्यायिक जांच जेएफएमसी पार्थ शंकर मिश्र कर रहे हैं. घटना हबीबगंज थाना अंतर्गत शिवाजी नगर छह नंबर स्टॉप रात साढ़े ग्यारह बजे की है. हबीबगंज पुलिस से मिली जानकारी अनुसार अनंत वर्मा उम्र 48 वर्ष माचना कॉलोनी शिवाजी नगर छह नंबर बस स्टॉप के पास सपरिवार रहते थे. वे राजस्व विभाग में एलडीसी के पद पर कार्यरत थे. बुधवार को वे अपने बेटे देवेश वर्मा के साथ पास में ही अपने साले के यहां नाती की पार्टी में गए हुए थे. बताया जा रहा है कि यहां पर अनंत वर्मा व उनके बेटे ने शराब पी ली, जिसके बाद यह दोनों आपस में झगडऩे लगे. इसके बाद रात 11.30 बजे अनंत वर्मा घर पहुंचे और वहां पर भी इन दोनों के बीच जमकर विवाद होने लगा. जब ये दोनों आपस में जोर शोर से विवाद कर रहे थे तो पड़ोस के लोगों ने आकर समझाया, लेकिन ये नहीं माने. इसके बाद पड़ोसियों ने थाने को सूचना दी, जिसके बाद पहुंची चार्ली की टीम ने इन्हें समझाने का प्रयास किया लेकिन जब नहीं माने तो डायल 100 को सूचना दी गई. इसके बाद डॉयल 100 के पुलिसकर्मी अनंत वर्मा व उनके बेटे देवेश को थाने ले गए. बताया जा रहा है कि थाने में पहुंचते समय ही अनंत वर्मा को हर्ट अटैक आ गया, जिसके जानकारी मिलते ही पुलिसकर्मी उपचार के लिए जेपी अस्पताल ले जाने लगे, लेकिन रास्ते मं ही उनकी मौत हो गई. थाना प्रभारी वीरेंद्र सिंह चौहान ने बताया कि सामने आया है कि मृतक अनंत वर्मा शराब का सेवन करते थे. शराब की वजह से उन्हें हार्ट अटैक की बीमारी हो गई थी, जिसका उनका इलाज भी चल रहा था. पुलिस का कहना है कि जो बीमारी के दस्तावेज मिले हैं, उसमें सामने आया है कि 80 प्रतिशत धमनियां ब्लॉक थीं. परिजनों का कहना है कि मृतक के सीने पर खून के दाग व शरीर पर चोट के निशान भी मिले हैं.

परिजनों का आरोप- पुलिस ने जमकर की मारपीट

परिजनों का कहना है कि मृतक की मारपीट की वजह से मौत हुई है. इसकी वजह वह यह बता रहे हैं कि जिस समय अनंत वर्मा को अस्पताल ले जाया जा रहा था, उस समय देवेश को थाने में ही रखा गया, जबकि उसे भी साथ ले जाना चाहिए था. परिजनों का कहना था कि जब पुलिसकर्मी उनके साथ मारपीट कर रहे थे तो उन्होंने पुलिस के सामने हाथ जोड़े कि मारपीट मत करो, लेकिन पुलिसकर्मी नहीं माने और मारपीट करते रहे. डीआईजी धर्मेंद्र चौधरी ने कहा कि जैसे ही मामला संज्ञान में आया, परिजनों के आग्रह पर जांच के आदेश दे दिए गए."/>       

घटना सामने आते ही न्यायिक जांच के आदेश

नवभारत न्यूज भोपाल, नशे की हालत में हंगामा कर रहे मंत्रालयीन कर्मचारी की थाने ले जाते समय डायल 100 में मौत हो गई. परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने इतनी बेरहमी से पीटा, जिससे उसकी मौत हो गई. घटना सामने आने के बाद मामले की न्यायिक जांच जेएफएमसी पार्थ शंकर मिश्र कर रहे हैं. घटना हबीबगंज थाना अंतर्गत शिवाजी नगर छह नंबर स्टॉप रात साढ़े ग्यारह बजे की है. हबीबगंज पुलिस से मिली जानकारी अनुसार अनंत वर्मा उम्र 48 वर्ष माचना कॉलोनी शिवाजी नगर छह नंबर बस स्टॉप के पास सपरिवार रहते थे. वे राजस्व विभाग में एलडीसी के पद पर कार्यरत थे. बुधवार को वे अपने बेटे देवेश वर्मा के साथ पास में ही अपने साले के यहां नाती की पार्टी में गए हुए थे. बताया जा रहा है कि यहां पर अनंत वर्मा व उनके बेटे ने शराब पी ली, जिसके बाद यह दोनों आपस में झगडऩे लगे. इसके बाद रात 11.30 बजे अनंत वर्मा घर पहुंचे और वहां पर भी इन दोनों के बीच जमकर विवाद होने लगा. जब ये दोनों आपस में जोर शोर से विवाद कर रहे थे तो पड़ोस के लोगों ने आकर समझाया, लेकिन ये नहीं माने. इसके बाद पड़ोसियों ने थाने को सूचना दी, जिसके बाद पहुंची चार्ली की टीम ने इन्हें समझाने का प्रयास किया लेकिन जब नहीं माने तो डायल 100 को सूचना दी गई. इसके बाद डॉयल 100 के पुलिसकर्मी अनंत वर्मा व उनके बेटे देवेश को थाने ले गए. बताया जा रहा है कि थाने में पहुंचते समय ही अनंत वर्मा को हर्ट अटैक आ गया, जिसके जानकारी मिलते ही पुलिसकर्मी उपचार के लिए जेपी अस्पताल ले जाने लगे, लेकिन रास्ते मं ही उनकी मौत हो गई. थाना प्रभारी वीरेंद्र सिंह चौहान ने बताया कि सामने आया है कि मृतक अनंत वर्मा शराब का सेवन करते थे. शराब की वजह से उन्हें हार्ट अटैक की बीमारी हो गई थी, जिसका उनका इलाज भी चल रहा था. पुलिस का कहना है कि जो बीमारी के दस्तावेज मिले हैं, उसमें सामने आया है कि 80 प्रतिशत धमनियां ब्लॉक थीं. परिजनों का कहना है कि मृतक के सीने पर खून के दाग व शरीर पर चोट के निशान भी मिले हैं.

परिजनों का आरोप- पुलिस ने जमकर की मारपीट

परिजनों का कहना है कि मृतक की मारपीट की वजह से मौत हुई है. इसकी वजह वह यह बता रहे हैं कि जिस समय अनंत वर्मा को अस्पताल ले जाया जा रहा था, उस समय देवेश को थाने में ही रखा गया, जबकि उसे भी साथ ले जाना चाहिए था. परिजनों का कहना था कि जब पुलिसकर्मी उनके साथ मारपीट कर रहे थे तो उन्होंने पुलिस के सामने हाथ जोड़े कि मारपीट मत करो, लेकिन पुलिसकर्मी नहीं माने और मारपीट करते रहे. डीआईजी धर्मेंद्र चौधरी ने कहा कि जैसे ही मामला संज्ञान में आया, परिजनों के आग्रह पर जांच के आदेश दे दिए गए.">

थाने ले जाते समय कर्मचारी की डायल 100 में मौत

2018/01/19



      

घटना सामने आते ही न्यायिक जांच के आदेश

नवभारत न्यूज भोपाल, नशे की हालत में हंगामा कर रहे मंत्रालयीन कर्मचारी की थाने ले जाते समय डायल 100 में मौत हो गई. परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने इतनी बेरहमी से पीटा, जिससे उसकी मौत हो गई. घटना सामने आने के बाद मामले की न्यायिक जांच जेएफएमसी पार्थ शंकर मिश्र कर रहे हैं. घटना हबीबगंज थाना अंतर्गत शिवाजी नगर छह नंबर स्टॉप रात साढ़े ग्यारह बजे की है. हबीबगंज पुलिस से मिली जानकारी अनुसार अनंत वर्मा उम्र 48 वर्ष माचना कॉलोनी शिवाजी नगर छह नंबर बस स्टॉप के पास सपरिवार रहते थे. वे राजस्व विभाग में एलडीसी के पद पर कार्यरत थे. बुधवार को वे अपने बेटे देवेश वर्मा के साथ पास में ही अपने साले के यहां नाती की पार्टी में गए हुए थे. बताया जा रहा है कि यहां पर अनंत वर्मा व उनके बेटे ने शराब पी ली, जिसके बाद यह दोनों आपस में झगडऩे लगे. इसके बाद रात 11.30 बजे अनंत वर्मा घर पहुंचे और वहां पर भी इन दोनों के बीच जमकर विवाद होने लगा. जब ये दोनों आपस में जोर शोर से विवाद कर रहे थे तो पड़ोस के लोगों ने आकर समझाया, लेकिन ये नहीं माने. इसके बाद पड़ोसियों ने थाने को सूचना दी, जिसके बाद पहुंची चार्ली की टीम ने इन्हें समझाने का प्रयास किया लेकिन जब नहीं माने तो डायल 100 को सूचना दी गई. इसके बाद डॉयल 100 के पुलिसकर्मी अनंत वर्मा व उनके बेटे देवेश को थाने ले गए. बताया जा रहा है कि थाने में पहुंचते समय ही अनंत वर्मा को हर्ट अटैक आ गया, जिसके जानकारी मिलते ही पुलिसकर्मी उपचार के लिए जेपी अस्पताल ले जाने लगे, लेकिन रास्ते मं ही उनकी मौत हो गई. थाना प्रभारी वीरेंद्र सिंह चौहान ने बताया कि सामने आया है कि मृतक अनंत वर्मा शराब का सेवन करते थे. शराब की वजह से उन्हें हार्ट अटैक की बीमारी हो गई थी, जिसका उनका इलाज भी चल रहा था. पुलिस का कहना है कि जो बीमारी के दस्तावेज मिले हैं, उसमें सामने आया है कि 80 प्रतिशत धमनियां ब्लॉक थीं. परिजनों का कहना है कि मृतक के सीने पर खून के दाग व शरीर पर चोट के निशान भी मिले हैं.

परिजनों का आरोप- पुलिस ने जमकर की मारपीट

परिजनों का कहना है कि मृतक की मारपीट की वजह से मौत हुई है. इसकी वजह वह यह बता रहे हैं कि जिस समय अनंत वर्मा को अस्पताल ले जाया जा रहा था, उस समय देवेश को थाने में ही रखा गया, जबकि उसे भी साथ ले जाना चाहिए था. परिजनों का कहना था कि जब पुलिसकर्मी उनके साथ मारपीट कर रहे थे तो उन्होंने पुलिस के सामने हाथ जोड़े कि मारपीट मत करो, लेकिन पुलिसकर्मी नहीं माने और मारपीट करते रहे. डीआईजी धर्मेंद्र चौधरी ने कहा कि जैसे ही मामला संज्ञान में आया, परिजनों के आग्रह पर जांच के आदेश दे दिए गए.


Opinions expressed in the comments are not reflective of Nava Bharat. Comments are moderated automatically.

Related Posts