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देहात पुलिस की दरिंदगी से फिर बदनाम हुआ महकमा नवभारत न्यूज ब्यावरा, का. देहात थाना प्रभारी पर धारा 307 के एक आरोपी के साथ बेइंतहा मारपीट करने का मामला प्रकाश में आया है.व्यक्तिगत नाराजगी जताते हुए थाना प्रभारी ने पुलिस की दरिंदगी का ऐसा खोफनाक दृश्य निर्मित किया है कि एक बार फिर समूचा पुलिस महकमा बदनाम हो गया है. थाना प्रभारी ने एक आरोपी को इस कदर मारा कि उसकी चमड़ी उधेड़ दी है. हालांकि थाना प्रभारी ने अपने ऊपर लगे आरोपो को खारिज करते हुए किसी के साथ कोई मारपीट करने से इंकार किया है. उल्लेखनीय है कि करीब छ: माह पूर्व किसान आंदोलन के समय ब्यावरा में अस्पताल रोड़ पर पुलिस और ग्रामीणों के बीच हुई झड़प के बाद पुुलिस ने कई लोगो के विरूद्ध प्रकरण दर्ज किया था. इनमे एक राधेश्याम दांगी नामक पड़ानिया निवासी कृषक भी था. राधेश्याम दांगी पर पुलिस ने धारा 307 के तहत मामला दर्ज किया था. आज सायंकाल उसे पुलिस ने घर से जाकर गिरफ्तार किया. राधेश्याम के अनुसार उसके साथ देहात थाना प्रभारी अनिल रघुवंशी ने इस कदर मारपीट की कि उसकी पसलिया तोड़ दी और उसके शरीर की चमड़ी तक उधेड़ दी. बताया जाता है कि पुलिस ने राधेश्याम को चुपचाप जिला मुख्यालय पर स्थित जिला चिकित्सालय में भर्ती करा दिया. परिवारजनो को सही जानकारी नहीं दी गई. बाद में इसकी जानकारी पूर्व विधायक पुरूषोत्तम दांगी को पता लगने पर उन्होंने पता लगाया कि उसे राजगढ़ भर्ती कराया गया है. इस मामले में पूर्व विधायक श्री दांगी ने बताया कि देहात थाना प्रभारी ने अमानवीयता के साथ अकारण मारपीट की है. इस मामले को उन्होंने जिला इंका से लेकर प्रदेश कांग्रेस के नेताओं व वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंचा दिया है. उधर जिला इंकाध्यक्ष रामचन्द्र दांगी को इस मामले की जानकारी लगने पर उन्होंने भी इसकी शिकायत जिला पुलिस अधीक्षक सिमाला प्रसाद से की है. इंकाध्यक्ष ने बताया कि देहात थाना प्रभारी लंबे समय से अपनी विवादास्पद कार्यशैली से चर्चा में रहे है. कई निर्दोशो को झूठा फंसाने का आरोप उन्होंने श्री रघुवंशी पर लगाया है. श्री दांगी ने बताया कि कांग्रेस इस मामले में चुप बैठने वाली नहीं है. घटना की जानकारी लगने पर पूर्व विधायक हेमराज कल्पोनी, बापू सिंह तंवर आदि ने पुलिस के खिलाफ नाराजगी व्यक्त की. दूसरी ओर देहात थाना प्रभारी अनिल रघुवंशी का कहना है कि पुलिस ने किसी प्रकार की कोई मारपीट नहीं की है."/> देहात पुलिस की दरिंदगी से फिर बदनाम हुआ महकमा नवभारत न्यूज ब्यावरा, का. देहात थाना प्रभारी पर धारा 307 के एक आरोपी के साथ बेइंतहा मारपीट करने का मामला प्रकाश में आया है.व्यक्तिगत नाराजगी जताते हुए थाना प्रभारी ने पुलिस की दरिंदगी का ऐसा खोफनाक दृश्य निर्मित किया है कि एक बार फिर समूचा पुलिस महकमा बदनाम हो गया है. थाना प्रभारी ने एक आरोपी को इस कदर मारा कि उसकी चमड़ी उधेड़ दी है. हालांकि थाना प्रभारी ने अपने ऊपर लगे आरोपो को खारिज करते हुए किसी के साथ कोई मारपीट करने से इंकार किया है. उल्लेखनीय है कि करीब छ: माह पूर्व किसान आंदोलन के समय ब्यावरा में अस्पताल रोड़ पर पुलिस और ग्रामीणों के बीच हुई झड़प के बाद पुुलिस ने कई लोगो के विरूद्ध प्रकरण दर्ज किया था. इनमे एक राधेश्याम दांगी नामक पड़ानिया निवासी कृषक भी था. राधेश्याम दांगी पर पुलिस ने धारा 307 के तहत मामला दर्ज किया था. आज सायंकाल उसे पुलिस ने घर से जाकर गिरफ्तार किया. राधेश्याम के अनुसार उसके साथ देहात थाना प्रभारी अनिल रघुवंशी ने इस कदर मारपीट की कि उसकी पसलिया तोड़ दी और उसके शरीर की चमड़ी तक उधेड़ दी. बताया जाता है कि पुलिस ने राधेश्याम को चुपचाप जिला मुख्यालय पर स्थित जिला चिकित्सालय में भर्ती करा दिया. परिवारजनो को सही जानकारी नहीं दी गई. बाद में इसकी जानकारी पूर्व विधायक पुरूषोत्तम दांगी को पता लगने पर उन्होंने पता लगाया कि उसे राजगढ़ भर्ती कराया गया है. इस मामले में पूर्व विधायक श्री दांगी ने बताया कि देहात थाना प्रभारी ने अमानवीयता के साथ अकारण मारपीट की है. इस मामले को उन्होंने जिला इंका से लेकर प्रदेश कांग्रेस के नेताओं व वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंचा दिया है. उधर जिला इंकाध्यक्ष रामचन्द्र दांगी को इस मामले की जानकारी लगने पर उन्होंने भी इसकी शिकायत जिला पुलिस अधीक्षक सिमाला प्रसाद से की है. इंकाध्यक्ष ने बताया कि देहात थाना प्रभारी लंबे समय से अपनी विवादास्पद कार्यशैली से चर्चा में रहे है. कई निर्दोशो को झूठा फंसाने का आरोप उन्होंने श्री रघुवंशी पर लगाया है. श्री दांगी ने बताया कि कांग्रेस इस मामले में चुप बैठने वाली नहीं है. घटना की जानकारी लगने पर पूर्व विधायक हेमराज कल्पोनी, बापू सिंह तंवर आदि ने पुलिस के खिलाफ नाराजगी व्यक्त की. दूसरी ओर देहात थाना प्रभारी अनिल रघुवंशी का कहना है कि पुलिस ने किसी प्रकार की कोई मारपीट नहीं की है."/> देहात पुलिस की दरिंदगी से फिर बदनाम हुआ महकमा नवभारत न्यूज ब्यावरा, का. देहात थाना प्रभारी पर धारा 307 के एक आरोपी के साथ बेइंतहा मारपीट करने का मामला प्रकाश में आया है.व्यक्तिगत नाराजगी जताते हुए थाना प्रभारी ने पुलिस की दरिंदगी का ऐसा खोफनाक दृश्य निर्मित किया है कि एक बार फिर समूचा पुलिस महकमा बदनाम हो गया है. थाना प्रभारी ने एक आरोपी को इस कदर मारा कि उसकी चमड़ी उधेड़ दी है. हालांकि थाना प्रभारी ने अपने ऊपर लगे आरोपो को खारिज करते हुए किसी के साथ कोई मारपीट करने से इंकार किया है. उल्लेखनीय है कि करीब छ: माह पूर्व किसान आंदोलन के समय ब्यावरा में अस्पताल रोड़ पर पुलिस और ग्रामीणों के बीच हुई झड़प के बाद पुुलिस ने कई लोगो के विरूद्ध प्रकरण दर्ज किया था. इनमे एक राधेश्याम दांगी नामक पड़ानिया निवासी कृषक भी था. राधेश्याम दांगी पर पुलिस ने धारा 307 के तहत मामला दर्ज किया था. आज सायंकाल उसे पुलिस ने घर से जाकर गिरफ्तार किया. राधेश्याम के अनुसार उसके साथ देहात थाना प्रभारी अनिल रघुवंशी ने इस कदर मारपीट की कि उसकी पसलिया तोड़ दी और उसके शरीर की चमड़ी तक उधेड़ दी. बताया जाता है कि पुलिस ने राधेश्याम को चुपचाप जिला मुख्यालय पर स्थित जिला चिकित्सालय में भर्ती करा दिया. परिवारजनो को सही जानकारी नहीं दी गई. बाद में इसकी जानकारी पूर्व विधायक पुरूषोत्तम दांगी को पता लगने पर उन्होंने पता लगाया कि उसे राजगढ़ भर्ती कराया गया है. इस मामले में पूर्व विधायक श्री दांगी ने बताया कि देहात थाना प्रभारी ने अमानवीयता के साथ अकारण मारपीट की है. इस मामले को उन्होंने जिला इंका से लेकर प्रदेश कांग्रेस के नेताओं व वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंचा दिया है. उधर जिला इंकाध्यक्ष रामचन्द्र दांगी को इस मामले की जानकारी लगने पर उन्होंने भी इसकी शिकायत जिला पुलिस अधीक्षक सिमाला प्रसाद से की है. इंकाध्यक्ष ने बताया कि देहात थाना प्रभारी लंबे समय से अपनी विवादास्पद कार्यशैली से चर्चा में रहे है. कई निर्दोशो को झूठा फंसाने का आरोप उन्होंने श्री रघुवंशी पर लगाया है. श्री दांगी ने बताया कि कांग्रेस इस मामले में चुप बैठने वाली नहीं है. घटना की जानकारी लगने पर पूर्व विधायक हेमराज कल्पोनी, बापू सिंह तंवर आदि ने पुलिस के खिलाफ नाराजगी व्यक्त की. दूसरी ओर देहात थाना प्रभारी अनिल रघुवंशी का कहना है कि पुलिस ने किसी प्रकार की कोई मारपीट नहीं की है.">

थाना प्रभारी ने मार-मार कर उधेड़ दी चमड़ी

2017/12/19



देहात पुलिस की दरिंदगी से फिर बदनाम हुआ महकमा नवभारत न्यूज ब्यावरा, का. देहात थाना प्रभारी पर धारा 307 के एक आरोपी के साथ बेइंतहा मारपीट करने का मामला प्रकाश में आया है.व्यक्तिगत नाराजगी जताते हुए थाना प्रभारी ने पुलिस की दरिंदगी का ऐसा खोफनाक दृश्य निर्मित किया है कि एक बार फिर समूचा पुलिस महकमा बदनाम हो गया है. थाना प्रभारी ने एक आरोपी को इस कदर मारा कि उसकी चमड़ी उधेड़ दी है. हालांकि थाना प्रभारी ने अपने ऊपर लगे आरोपो को खारिज करते हुए किसी के साथ कोई मारपीट करने से इंकार किया है. उल्लेखनीय है कि करीब छ: माह पूर्व किसान आंदोलन के समय ब्यावरा में अस्पताल रोड़ पर पुलिस और ग्रामीणों के बीच हुई झड़प के बाद पुुलिस ने कई लोगो के विरूद्ध प्रकरण दर्ज किया था. इनमे एक राधेश्याम दांगी नामक पड़ानिया निवासी कृषक भी था. राधेश्याम दांगी पर पुलिस ने धारा 307 के तहत मामला दर्ज किया था. आज सायंकाल उसे पुलिस ने घर से जाकर गिरफ्तार किया. राधेश्याम के अनुसार उसके साथ देहात थाना प्रभारी अनिल रघुवंशी ने इस कदर मारपीट की कि उसकी पसलिया तोड़ दी और उसके शरीर की चमड़ी तक उधेड़ दी. बताया जाता है कि पुलिस ने राधेश्याम को चुपचाप जिला मुख्यालय पर स्थित जिला चिकित्सालय में भर्ती करा दिया. परिवारजनो को सही जानकारी नहीं दी गई. बाद में इसकी जानकारी पूर्व विधायक पुरूषोत्तम दांगी को पता लगने पर उन्होंने पता लगाया कि उसे राजगढ़ भर्ती कराया गया है. इस मामले में पूर्व विधायक श्री दांगी ने बताया कि देहात थाना प्रभारी ने अमानवीयता के साथ अकारण मारपीट की है. इस मामले को उन्होंने जिला इंका से लेकर प्रदेश कांग्रेस के नेताओं व वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंचा दिया है. उधर जिला इंकाध्यक्ष रामचन्द्र दांगी को इस मामले की जानकारी लगने पर उन्होंने भी इसकी शिकायत जिला पुलिस अधीक्षक सिमाला प्रसाद से की है. इंकाध्यक्ष ने बताया कि देहात थाना प्रभारी लंबे समय से अपनी विवादास्पद कार्यशैली से चर्चा में रहे है. कई निर्दोशो को झूठा फंसाने का आरोप उन्होंने श्री रघुवंशी पर लगाया है. श्री दांगी ने बताया कि कांग्रेस इस मामले में चुप बैठने वाली नहीं है. घटना की जानकारी लगने पर पूर्व विधायक हेमराज कल्पोनी, बापू सिंह तंवर आदि ने पुलिस के खिलाफ नाराजगी व्यक्त की. दूसरी ओर देहात थाना प्रभारी अनिल रघुवंशी का कहना है कि पुलिस ने किसी प्रकार की कोई मारपीट नहीं की है.


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