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सीहोर/शाहगंज नवभारत न्यूज. बुदनी सहित आसपास के कई गांव में बाघ और तेंदुआ का आतंक के चलते लोग अब घरों से निकलने में डरने लगे हैं. सोमवार की सुबह चाचमऊ गांव में खेत पर सिंचाई कर लौट रहे किसान पर तेंदुए ने हमला करते हुए गंभीर रूप से घायल कर दिया. युवक को उपचार के लिए बुदनी अस्पताल में भर्ती कराया गया है. विगत एक पखवाड़े से बुदनी वन परिक्षेत्र के दो दर्जन ग्रामों रेहटी, बायां, ऊँचाखेडा, वीवदा, मकोडिया, नीनोर, औडिया, मछली खो, वर्धमान फैक्ट्री सहित अन्य गांवों में बाघ ओर तेंदुआ के नजर आने से ग्रामीणों में दहशत की स्थिति बनी है. वन विभाग एक बाघ को घने जंगल में खदेड़ता तो दूसरा नजर आ जाता है. वन विभाग के जंगली क्षेत्र से 50 गांव लगे हुए हैं. इनमें से 24 गांवों को वन विभाग ने संवेदनशील घोषित करते हुए जंगल में अकेले नहीं जाने की ग्रामीणों को सलाह दी है. इसके साथ ही बुदनी में कंट्रोल रूम बनाया गया है. 24 घंटे संचालित इस कंट्रोल रूम में दस कर्मचारियों को वन विभाग की जीप सहित अन्य बचाव के उपकरणों से लेस किया गया है. पांच-पांच कर्मचारी 12-12 घंटे ड्यूटी देकर पूरी तरह से जंगली जानवर के मूवमेंट पर नजर रखे हैं. मगर वन विभाग की सबसे बड़ी परेशानी यह है सभी आठ बाघ और तेंदुआ का मूवमेंट रहवासी क्षेत्र से लगे जंगल में नजर आ रहा है. क्षेत्र में बाघ के बाद अब तेंदुआ हमलावर हो गया है. सोमवार सुबह शाहगंज के चाचमऊ गांव स्थित अपने से खेत की सिंचाई कर लौट रहे किसान शरीफ खान पिता नजीर खान 35 वर्ष पर तेंदुए ने हमला कर दिया. किसान के साथ चल रहे उसके साथी के चिल्लाने पर तेंदुआ भाग खड़ा हुआ. बताया जाता है कि तेंदुआ उस समय अपने बच्चे के साथ निकल रहा था. घायल युवक को उपचार के लिए बुधनी अस्पताल में किया भर्ती किया गया है. युवक को गले के पास चोट आई है. रेंजर एसएन खरे ने बताया कि युवक के वन प्राणी के घायल किए जाने की जानकारी मिलते ही एक हजार रूपए की तात्कालिक सहायता उपलब्ध करा दी गई है. इधर बुदनी के जर्रापुर, जोशीपुरा और वर्धमान फेक्ट्री के पास बाघ के मूवमेंट मिलने से लोग भयभीत होते रहे। रेंजर ने बताया कि बाघों को जंगल में खदेडऩे वन अमला पूरी तरह से जुटा हुआ है. गौरतलब है कि बाघ और तेंदुआ के आतंक पिछले करीब एक पखवाड़े से चल रहा है. ग्रामीण घरों से बाहर निकलने में भी डर रहे हैं. वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि ग्रामीणों को जंगलों में न जाने की हिदायत दी जा रही है."/> सीहोर/शाहगंज नवभारत न्यूज. बुदनी सहित आसपास के कई गांव में बाघ और तेंदुआ का आतंक के चलते लोग अब घरों से निकलने में डरने लगे हैं. सोमवार की सुबह चाचमऊ गांव में खेत पर सिंचाई कर लौट रहे किसान पर तेंदुए ने हमला करते हुए गंभीर रूप से घायल कर दिया. युवक को उपचार के लिए बुदनी अस्पताल में भर्ती कराया गया है. विगत एक पखवाड़े से बुदनी वन परिक्षेत्र के दो दर्जन ग्रामों रेहटी, बायां, ऊँचाखेडा, वीवदा, मकोडिया, नीनोर, औडिया, मछली खो, वर्धमान फैक्ट्री सहित अन्य गांवों में बाघ ओर तेंदुआ के नजर आने से ग्रामीणों में दहशत की स्थिति बनी है. वन विभाग एक बाघ को घने जंगल में खदेड़ता तो दूसरा नजर आ जाता है. वन विभाग के जंगली क्षेत्र से 50 गांव लगे हुए हैं. इनमें से 24 गांवों को वन विभाग ने संवेदनशील घोषित करते हुए जंगल में अकेले नहीं जाने की ग्रामीणों को सलाह दी है. इसके साथ ही बुदनी में कंट्रोल रूम बनाया गया है. 24 घंटे संचालित इस कंट्रोल रूम में दस कर्मचारियों को वन विभाग की जीप सहित अन्य बचाव के उपकरणों से लेस किया गया है. पांच-पांच कर्मचारी 12-12 घंटे ड्यूटी देकर पूरी तरह से जंगली जानवर के मूवमेंट पर नजर रखे हैं. मगर वन विभाग की सबसे बड़ी परेशानी यह है सभी आठ बाघ और तेंदुआ का मूवमेंट रहवासी क्षेत्र से लगे जंगल में नजर आ रहा है. क्षेत्र में बाघ के बाद अब तेंदुआ हमलावर हो गया है. सोमवार सुबह शाहगंज के चाचमऊ गांव स्थित अपने से खेत की सिंचाई कर लौट रहे किसान शरीफ खान पिता नजीर खान 35 वर्ष पर तेंदुए ने हमला कर दिया. किसान के साथ चल रहे उसके साथी के चिल्लाने पर तेंदुआ भाग खड़ा हुआ. बताया जाता है कि तेंदुआ उस समय अपने बच्चे के साथ निकल रहा था. घायल युवक को उपचार के लिए बुधनी अस्पताल में किया भर्ती किया गया है. युवक को गले के पास चोट आई है. रेंजर एसएन खरे ने बताया कि युवक के वन प्राणी के घायल किए जाने की जानकारी मिलते ही एक हजार रूपए की तात्कालिक सहायता उपलब्ध करा दी गई है. इधर बुदनी के जर्रापुर, जोशीपुरा और वर्धमान फेक्ट्री के पास बाघ के मूवमेंट मिलने से लोग भयभीत होते रहे। रेंजर ने बताया कि बाघों को जंगल में खदेडऩे वन अमला पूरी तरह से जुटा हुआ है. गौरतलब है कि बाघ और तेंदुआ के आतंक पिछले करीब एक पखवाड़े से चल रहा है. ग्रामीण घरों से बाहर निकलने में भी डर रहे हैं. वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि ग्रामीणों को जंगलों में न जाने की हिदायत दी जा रही है."/> सीहोर/शाहगंज नवभारत न्यूज. बुदनी सहित आसपास के कई गांव में बाघ और तेंदुआ का आतंक के चलते लोग अब घरों से निकलने में डरने लगे हैं. सोमवार की सुबह चाचमऊ गांव में खेत पर सिंचाई कर लौट रहे किसान पर तेंदुए ने हमला करते हुए गंभीर रूप से घायल कर दिया. युवक को उपचार के लिए बुदनी अस्पताल में भर्ती कराया गया है. विगत एक पखवाड़े से बुदनी वन परिक्षेत्र के दो दर्जन ग्रामों रेहटी, बायां, ऊँचाखेडा, वीवदा, मकोडिया, नीनोर, औडिया, मछली खो, वर्धमान फैक्ट्री सहित अन्य गांवों में बाघ ओर तेंदुआ के नजर आने से ग्रामीणों में दहशत की स्थिति बनी है. वन विभाग एक बाघ को घने जंगल में खदेड़ता तो दूसरा नजर आ जाता है. वन विभाग के जंगली क्षेत्र से 50 गांव लगे हुए हैं. इनमें से 24 गांवों को वन विभाग ने संवेदनशील घोषित करते हुए जंगल में अकेले नहीं जाने की ग्रामीणों को सलाह दी है. इसके साथ ही बुदनी में कंट्रोल रूम बनाया गया है. 24 घंटे संचालित इस कंट्रोल रूम में दस कर्मचारियों को वन विभाग की जीप सहित अन्य बचाव के उपकरणों से लेस किया गया है. पांच-पांच कर्मचारी 12-12 घंटे ड्यूटी देकर पूरी तरह से जंगली जानवर के मूवमेंट पर नजर रखे हैं. मगर वन विभाग की सबसे बड़ी परेशानी यह है सभी आठ बाघ और तेंदुआ का मूवमेंट रहवासी क्षेत्र से लगे जंगल में नजर आ रहा है. क्षेत्र में बाघ के बाद अब तेंदुआ हमलावर हो गया है. सोमवार सुबह शाहगंज के चाचमऊ गांव स्थित अपने से खेत की सिंचाई कर लौट रहे किसान शरीफ खान पिता नजीर खान 35 वर्ष पर तेंदुए ने हमला कर दिया. किसान के साथ चल रहे उसके साथी के चिल्लाने पर तेंदुआ भाग खड़ा हुआ. बताया जाता है कि तेंदुआ उस समय अपने बच्चे के साथ निकल रहा था. घायल युवक को उपचार के लिए बुधनी अस्पताल में किया भर्ती किया गया है. युवक को गले के पास चोट आई है. रेंजर एसएन खरे ने बताया कि युवक के वन प्राणी के घायल किए जाने की जानकारी मिलते ही एक हजार रूपए की तात्कालिक सहायता उपलब्ध करा दी गई है. इधर बुदनी के जर्रापुर, जोशीपुरा और वर्धमान फेक्ट्री के पास बाघ के मूवमेंट मिलने से लोग भयभीत होते रहे। रेंजर ने बताया कि बाघों को जंगल में खदेडऩे वन अमला पूरी तरह से जुटा हुआ है. गौरतलब है कि बाघ और तेंदुआ के आतंक पिछले करीब एक पखवाड़े से चल रहा है. ग्रामीण घरों से बाहर निकलने में भी डर रहे हैं. वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि ग्रामीणों को जंगलों में न जाने की हिदायत दी जा रही है.">

तेंदुए के हमले में ग्रामीण घायल, लोगों में दहशत

2017/11/28



सीहोर/शाहगंज नवभारत न्यूज. बुदनी सहित आसपास के कई गांव में बाघ और तेंदुआ का आतंक के चलते लोग अब घरों से निकलने में डरने लगे हैं. सोमवार की सुबह चाचमऊ गांव में खेत पर सिंचाई कर लौट रहे किसान पर तेंदुए ने हमला करते हुए गंभीर रूप से घायल कर दिया. युवक को उपचार के लिए बुदनी अस्पताल में भर्ती कराया गया है. विगत एक पखवाड़े से बुदनी वन परिक्षेत्र के दो दर्जन ग्रामों रेहटी, बायां, ऊँचाखेडा, वीवदा, मकोडिया, नीनोर, औडिया, मछली खो, वर्धमान फैक्ट्री सहित अन्य गांवों में बाघ ओर तेंदुआ के नजर आने से ग्रामीणों में दहशत की स्थिति बनी है. वन विभाग एक बाघ को घने जंगल में खदेड़ता तो दूसरा नजर आ जाता है. वन विभाग के जंगली क्षेत्र से 50 गांव लगे हुए हैं. इनमें से 24 गांवों को वन विभाग ने संवेदनशील घोषित करते हुए जंगल में अकेले नहीं जाने की ग्रामीणों को सलाह दी है. इसके साथ ही बुदनी में कंट्रोल रूम बनाया गया है. 24 घंटे संचालित इस कंट्रोल रूम में दस कर्मचारियों को वन विभाग की जीप सहित अन्य बचाव के उपकरणों से लेस किया गया है. पांच-पांच कर्मचारी 12-12 घंटे ड्यूटी देकर पूरी तरह से जंगली जानवर के मूवमेंट पर नजर रखे हैं. मगर वन विभाग की सबसे बड़ी परेशानी यह है सभी आठ बाघ और तेंदुआ का मूवमेंट रहवासी क्षेत्र से लगे जंगल में नजर आ रहा है. क्षेत्र में बाघ के बाद अब तेंदुआ हमलावर हो गया है. सोमवार सुबह शाहगंज के चाचमऊ गांव स्थित अपने से खेत की सिंचाई कर लौट रहे किसान शरीफ खान पिता नजीर खान 35 वर्ष पर तेंदुए ने हमला कर दिया. किसान के साथ चल रहे उसके साथी के चिल्लाने पर तेंदुआ भाग खड़ा हुआ. बताया जाता है कि तेंदुआ उस समय अपने बच्चे के साथ निकल रहा था. घायल युवक को उपचार के लिए बुधनी अस्पताल में किया भर्ती किया गया है. युवक को गले के पास चोट आई है. रेंजर एसएन खरे ने बताया कि युवक के वन प्राणी के घायल किए जाने की जानकारी मिलते ही एक हजार रूपए की तात्कालिक सहायता उपलब्ध करा दी गई है. इधर बुदनी के जर्रापुर, जोशीपुरा और वर्धमान फेक्ट्री के पास बाघ के मूवमेंट मिलने से लोग भयभीत होते रहे। रेंजर ने बताया कि बाघों को जंगल में खदेडऩे वन अमला पूरी तरह से जुटा हुआ है. गौरतलब है कि बाघ और तेंदुआ के आतंक पिछले करीब एक पखवाड़े से चल रहा है. ग्रामीण घरों से बाहर निकलने में भी डर रहे हैं. वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि ग्रामीणों को जंगलों में न जाने की हिदायत दी जा रही है.


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