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वाशिंगटन, अमेरिकी संसद की खुफिया समिति के डेमोक्रेटिक सदस्य माइकल किगले ने आज कहा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप रिपब्लिकन ज्ञापन का खंडन करने वाले डेमोक्रेटिक ज्ञापन को सेंसर कर सकते हैं।श्री किगले ने फोन पर रायटर को दिये गये साक्षात्कार में चिंता व्यक्त करते हुये कहा कि उन्हें लगता है कि श्री ट्रंप दम्भ में आकर डेमोक्रेटिक ज्ञापन में काट-छांट कर सकते हैं। उल्लेखनीय है कि अमेरिकी कांग्रेस ने एक विवादित ज्ञापन को सार्वजनिक कर दिया है जिसमें एफबीआई और अमेरिकी न्याय विभाग पर अपनी शक्ति का दुरुपयोग करने का आरोप लगाया गया है। यह मामला 2016 में हुए अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव में रूस के कथित हस्तक्षेप के संबंध में श्री ट्रंप की जांच से जुड़ा है। इस ज्ञापन को रिपब्लिकन पार्टी के सांसदों ने तैयार किया है और इसमें कथित तौर पर 2016 में श्री ट्रंप के राष्ट्रपति चुनाव अभियान के दौरान खुफिया निगरानी से संबंधित जानकारी शामिल होने की बात कही गई है। गौरतलब है कि रिपब्लिकन कांग्रेस सदस्यों द्वारा लिखे गए इस विवादित ज्ञापन पर पिछले कुछ दिनों से विवाद जारी है।एफबीआई समेत न्याय विभाग, विपक्षी डेमोक्रेट्स और कुछ रिपब्लिकन नेताओं ने इसके सार्वजनिक करने को लेकर विरोध जताया था।"/> वाशिंगटन, अमेरिकी संसद की खुफिया समिति के डेमोक्रेटिक सदस्य माइकल किगले ने आज कहा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप रिपब्लिकन ज्ञापन का खंडन करने वाले डेमोक्रेटिक ज्ञापन को सेंसर कर सकते हैं।श्री किगले ने फोन पर रायटर को दिये गये साक्षात्कार में चिंता व्यक्त करते हुये कहा कि उन्हें लगता है कि श्री ट्रंप दम्भ में आकर डेमोक्रेटिक ज्ञापन में काट-छांट कर सकते हैं। उल्लेखनीय है कि अमेरिकी कांग्रेस ने एक विवादित ज्ञापन को सार्वजनिक कर दिया है जिसमें एफबीआई और अमेरिकी न्याय विभाग पर अपनी शक्ति का दुरुपयोग करने का आरोप लगाया गया है। यह मामला 2016 में हुए अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव में रूस के कथित हस्तक्षेप के संबंध में श्री ट्रंप की जांच से जुड़ा है। इस ज्ञापन को रिपब्लिकन पार्टी के सांसदों ने तैयार किया है और इसमें कथित तौर पर 2016 में श्री ट्रंप के राष्ट्रपति चुनाव अभियान के दौरान खुफिया निगरानी से संबंधित जानकारी शामिल होने की बात कही गई है। गौरतलब है कि रिपब्लिकन कांग्रेस सदस्यों द्वारा लिखे गए इस विवादित ज्ञापन पर पिछले कुछ दिनों से विवाद जारी है।एफबीआई समेत न्याय विभाग, विपक्षी डेमोक्रेट्स और कुछ रिपब्लिकन नेताओं ने इसके सार्वजनिक करने को लेकर विरोध जताया था।"/> वाशिंगटन, अमेरिकी संसद की खुफिया समिति के डेमोक्रेटिक सदस्य माइकल किगले ने आज कहा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप रिपब्लिकन ज्ञापन का खंडन करने वाले डेमोक्रेटिक ज्ञापन को सेंसर कर सकते हैं।श्री किगले ने फोन पर रायटर को दिये गये साक्षात्कार में चिंता व्यक्त करते हुये कहा कि उन्हें लगता है कि श्री ट्रंप दम्भ में आकर डेमोक्रेटिक ज्ञापन में काट-छांट कर सकते हैं। उल्लेखनीय है कि अमेरिकी कांग्रेस ने एक विवादित ज्ञापन को सार्वजनिक कर दिया है जिसमें एफबीआई और अमेरिकी न्याय विभाग पर अपनी शक्ति का दुरुपयोग करने का आरोप लगाया गया है। यह मामला 2016 में हुए अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव में रूस के कथित हस्तक्षेप के संबंध में श्री ट्रंप की जांच से जुड़ा है। इस ज्ञापन को रिपब्लिकन पार्टी के सांसदों ने तैयार किया है और इसमें कथित तौर पर 2016 में श्री ट्रंप के राष्ट्रपति चुनाव अभियान के दौरान खुफिया निगरानी से संबंधित जानकारी शामिल होने की बात कही गई है। गौरतलब है कि रिपब्लिकन कांग्रेस सदस्यों द्वारा लिखे गए इस विवादित ज्ञापन पर पिछले कुछ दिनों से विवाद जारी है।एफबीआई समेत न्याय विभाग, विपक्षी डेमोक्रेट्स और कुछ रिपब्लिकन नेताओं ने इसके सार्वजनिक करने को लेकर विरोध जताया था।">

डेमोक्रेटिक ज्ञापन को सेंसर कर सकते हैं ट्रंप: किगले

2018/02/05



वाशिंगटन, अमेरिकी संसद की खुफिया समिति के डेमोक्रेटिक सदस्य माइकल किगले ने आज कहा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप रिपब्लिकन ज्ञापन का खंडन करने वाले डेमोक्रेटिक ज्ञापन को सेंसर कर सकते हैं।श्री किगले ने फोन पर रायटर को दिये गये साक्षात्कार में चिंता व्यक्त करते हुये कहा कि उन्हें लगता है कि श्री ट्रंप दम्भ में आकर डेमोक्रेटिक ज्ञापन में काट-छांट कर सकते हैं। उल्लेखनीय है कि अमेरिकी कांग्रेस ने एक विवादित ज्ञापन को सार्वजनिक कर दिया है जिसमें एफबीआई और अमेरिकी न्याय विभाग पर अपनी शक्ति का दुरुपयोग करने का आरोप लगाया गया है। यह मामला 2016 में हुए अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव में रूस के कथित हस्तक्षेप के संबंध में श्री ट्रंप की जांच से जुड़ा है। इस ज्ञापन को रिपब्लिकन पार्टी के सांसदों ने तैयार किया है और इसमें कथित तौर पर 2016 में श्री ट्रंप के राष्ट्रपति चुनाव अभियान के दौरान खुफिया निगरानी से संबंधित जानकारी शामिल होने की बात कही गई है। गौरतलब है कि रिपब्लिकन कांग्रेस सदस्यों द्वारा लिखे गए इस विवादित ज्ञापन पर पिछले कुछ दिनों से विवाद जारी है।एफबीआई समेत न्याय विभाग, विपक्षी डेमोक्रेट्स और कुछ रिपब्लिकन नेताओं ने इसके सार्वजनिक करने को लेकर विरोध जताया था।


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