Breaking News :

सैन फ्रांसिस्को,

अमेरिका में सैनफ्रांसिस्को के एक जज ने माता-पिता के साथ अवैध रूप से अमेरिका लाये गये बच्चों को देश से निकाले जाने से रक्षा करने वाले कार्यक्रम को खत्म करने के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के फैसले पर रोक लगा दी है। श्री ट्रंप ने गत सितंबर में डेफर्ड एक्शन फॉर चाइल्डहुड अराइवल्स (डीएसीए) कार्यक्रम को खत्म करने का निर्णय लिया था।इसके बाद कई राज्यों, संगठनों और व्यक्तियों ने इस कार्यक्रम को खत्म नहीं करने की मांग को लेकर अदालत में याचिका लगायी थी। जिला जल विलियम एल्सप ने इस निर्णय के खिलाफ मामले की सुनवाई के दौरान कल कहा कि इस कार्यक्रम को खत्म नहीं किया जाना चाहिए।इसे खत्म किए जाने से लाखों बच्चों को उनके माता-पिता से दूर होना पड़ेगा। इस संबंध में राष्ट्रपति कार्यालय के प्रतिनिध और न्याय विभाग ने अब तक कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।अांतरिक मामलों के विभाग के प्रवक्ता ने भी इस पर कोई टिप्पणी करने से इंकार कर दिया। गौरतलब है कि डीएसीए कार्यक्रम को 2012 में तत्कालीन राष्ट्रपति बराक ओबामा ने मान्यता दी थी जिसके बाद से अब तक लगभग आठ लाख युवाओं को इसके तहत वैध रूप से काम करने का अधिकार मिला है और देश से निकाले जाने से उनकी रक्षा हुई है।

"/>

सैन फ्रांसिस्को,

अमेरिका में सैनफ्रांसिस्को के एक जज ने माता-पिता के साथ अवैध रूप से अमेरिका लाये गये बच्चों को देश से निकाले जाने से रक्षा करने वाले कार्यक्रम को खत्म करने के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के फैसले पर रोक लगा दी है। श्री ट्रंप ने गत सितंबर में डेफर्ड एक्शन फॉर चाइल्डहुड अराइवल्स (डीएसीए) कार्यक्रम को खत्म करने का निर्णय लिया था।इसके बाद कई राज्यों, संगठनों और व्यक्तियों ने इस कार्यक्रम को खत्म नहीं करने की मांग को लेकर अदालत में याचिका लगायी थी। जिला जल विलियम एल्सप ने इस निर्णय के खिलाफ मामले की सुनवाई के दौरान कल कहा कि इस कार्यक्रम को खत्म नहीं किया जाना चाहिए।इसे खत्म किए जाने से लाखों बच्चों को उनके माता-पिता से दूर होना पड़ेगा। इस संबंध में राष्ट्रपति कार्यालय के प्रतिनिध और न्याय विभाग ने अब तक कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।अांतरिक मामलों के विभाग के प्रवक्ता ने भी इस पर कोई टिप्पणी करने से इंकार कर दिया। गौरतलब है कि डीएसीए कार्यक्रम को 2012 में तत्कालीन राष्ट्रपति बराक ओबामा ने मान्यता दी थी जिसके बाद से अब तक लगभग आठ लाख युवाओं को इसके तहत वैध रूप से काम करने का अधिकार मिला है और देश से निकाले जाने से उनकी रक्षा हुई है।

"/>

सैन फ्रांसिस्को,

अमेरिका में सैनफ्रांसिस्को के एक जज ने माता-पिता के साथ अवैध रूप से अमेरिका लाये गये बच्चों को देश से निकाले जाने से रक्षा करने वाले कार्यक्रम को खत्म करने के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के फैसले पर रोक लगा दी है। श्री ट्रंप ने गत सितंबर में डेफर्ड एक्शन फॉर चाइल्डहुड अराइवल्स (डीएसीए) कार्यक्रम को खत्म करने का निर्णय लिया था।इसके बाद कई राज्यों, संगठनों और व्यक्तियों ने इस कार्यक्रम को खत्म नहीं करने की मांग को लेकर अदालत में याचिका लगायी थी। जिला जल विलियम एल्सप ने इस निर्णय के खिलाफ मामले की सुनवाई के दौरान कल कहा कि इस कार्यक्रम को खत्म नहीं किया जाना चाहिए।इसे खत्म किए जाने से लाखों बच्चों को उनके माता-पिता से दूर होना पड़ेगा। इस संबंध में राष्ट्रपति कार्यालय के प्रतिनिध और न्याय विभाग ने अब तक कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।अांतरिक मामलों के विभाग के प्रवक्ता ने भी इस पर कोई टिप्पणी करने से इंकार कर दिया। गौरतलब है कि डीएसीए कार्यक्रम को 2012 में तत्कालीन राष्ट्रपति बराक ओबामा ने मान्यता दी थी जिसके बाद से अब तक लगभग आठ लाख युवाओं को इसके तहत वैध रूप से काम करने का अधिकार मिला है और देश से निकाले जाने से उनकी रक्षा हुई है।

">

डीएसीए कार्यक्रम खत्म करने के ट्रंप के निर्णय पर रोक

2018/01/10



सैन फ्रांसिस्को,

अमेरिका में सैनफ्रांसिस्को के एक जज ने माता-पिता के साथ अवैध रूप से अमेरिका लाये गये बच्चों को देश से निकाले जाने से रक्षा करने वाले कार्यक्रम को खत्म करने के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के फैसले पर रोक लगा दी है। श्री ट्रंप ने गत सितंबर में डेफर्ड एक्शन फॉर चाइल्डहुड अराइवल्स (डीएसीए) कार्यक्रम को खत्म करने का निर्णय लिया था।इसके बाद कई राज्यों, संगठनों और व्यक्तियों ने इस कार्यक्रम को खत्म नहीं करने की मांग को लेकर अदालत में याचिका लगायी थी। जिला जल विलियम एल्सप ने इस निर्णय के खिलाफ मामले की सुनवाई के दौरान कल कहा कि इस कार्यक्रम को खत्म नहीं किया जाना चाहिए।इसे खत्म किए जाने से लाखों बच्चों को उनके माता-पिता से दूर होना पड़ेगा। इस संबंध में राष्ट्रपति कार्यालय के प्रतिनिध और न्याय विभाग ने अब तक कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।अांतरिक मामलों के विभाग के प्रवक्ता ने भी इस पर कोई टिप्पणी करने से इंकार कर दिया। गौरतलब है कि डीएसीए कार्यक्रम को 2012 में तत्कालीन राष्ट्रपति बराक ओबामा ने मान्यता दी थी जिसके बाद से अब तक लगभग आठ लाख युवाओं को इसके तहत वैध रूप से काम करने का अधिकार मिला है और देश से निकाले जाने से उनकी रक्षा हुई है।


Opinions expressed in the comments are not reflective of Nava Bharat. Comments are moderated automatically.

Related Posts