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नई दिल्ली,  प्रणव मुखर्जी के दिवंगत शिवसेना नेता बाल ठाकरे के साथ मुलाकात करने से कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी काफी नाराज हुई थीं. प्रणव को मना किया गया था फिर भी उन्होंने मुलाकात की थी. पूर्व राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी ने हाल में लॉन्च हुई अपनी किताब द कोएलिशन ईयर्स : 1996-2012 के तीसरे संस्करण में यह खुलासा किया है. 2012 के राष्ट्रपति चुनाव से पहले मुखर्जी महाराष्ट्र के दौरे पर थे, जहां ठाकरे ने मातोश्री (मुंबई में ठाकरे का घर ) में उनके आगमन के व्यापक इंतजाम किए थे. गौरतलब है कि बाल ठाकरे ने खुले तौर पर मुखर्जी की उम्मीदवारी का समर्थन किया था. राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के नेता शरद पवार संयुक्त प्रगितशील गठबंधन (यूपीए-2) के सहयोगी थे. पवार ने इस पर काफी जोर दिया था कि मुखर्जी ठाकरे से जरूर मुलाकात करें. अपनी किताब में पूर्व राष्ट्रपति ने ठाकरे के साथ अपनी मुलाकात को उचित ठहराया है. उन्होंने यह भी समझाने की कोशिश की है कि कैसे इसका मकसद गठबंधन के सहयोगी दलों जैसे एनसीपी का तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) नेता ममता बनर्जी के साथ बेहतर संबंध बनाए रखना था, जो पहले ही यूपीए से बाहर थीं.  "/> नई दिल्ली,  प्रणव मुखर्जी के दिवंगत शिवसेना नेता बाल ठाकरे के साथ मुलाकात करने से कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी काफी नाराज हुई थीं. प्रणव को मना किया गया था फिर भी उन्होंने मुलाकात की थी. पूर्व राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी ने हाल में लॉन्च हुई अपनी किताब द कोएलिशन ईयर्स : 1996-2012 के तीसरे संस्करण में यह खुलासा किया है. 2012 के राष्ट्रपति चुनाव से पहले मुखर्जी महाराष्ट्र के दौरे पर थे, जहां ठाकरे ने मातोश्री (मुंबई में ठाकरे का घर ) में उनके आगमन के व्यापक इंतजाम किए थे. गौरतलब है कि बाल ठाकरे ने खुले तौर पर मुखर्जी की उम्मीदवारी का समर्थन किया था. राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के नेता शरद पवार संयुक्त प्रगितशील गठबंधन (यूपीए-2) के सहयोगी थे. पवार ने इस पर काफी जोर दिया था कि मुखर्जी ठाकरे से जरूर मुलाकात करें. अपनी किताब में पूर्व राष्ट्रपति ने ठाकरे के साथ अपनी मुलाकात को उचित ठहराया है. उन्होंने यह भी समझाने की कोशिश की है कि कैसे इसका मकसद गठबंधन के सहयोगी दलों जैसे एनसीपी का तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) नेता ममता बनर्जी के साथ बेहतर संबंध बनाए रखना था, जो पहले ही यूपीए से बाहर थीं.  "/> नई दिल्ली,  प्रणव मुखर्जी के दिवंगत शिवसेना नेता बाल ठाकरे के साथ मुलाकात करने से कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी काफी नाराज हुई थीं. प्रणव को मना किया गया था फिर भी उन्होंने मुलाकात की थी. पूर्व राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी ने हाल में लॉन्च हुई अपनी किताब द कोएलिशन ईयर्स : 1996-2012 के तीसरे संस्करण में यह खुलासा किया है. 2012 के राष्ट्रपति चुनाव से पहले मुखर्जी महाराष्ट्र के दौरे पर थे, जहां ठाकरे ने मातोश्री (मुंबई में ठाकरे का घर ) में उनके आगमन के व्यापक इंतजाम किए थे. गौरतलब है कि बाल ठाकरे ने खुले तौर पर मुखर्जी की उम्मीदवारी का समर्थन किया था. राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के नेता शरद पवार संयुक्त प्रगितशील गठबंधन (यूपीए-2) के सहयोगी थे. पवार ने इस पर काफी जोर दिया था कि मुखर्जी ठाकरे से जरूर मुलाकात करें. अपनी किताब में पूर्व राष्ट्रपति ने ठाकरे के साथ अपनी मुलाकात को उचित ठहराया है. उन्होंने यह भी समझाने की कोशिश की है कि कैसे इसका मकसद गठबंधन के सहयोगी दलों जैसे एनसीपी का तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) नेता ममता बनर्जी के साथ बेहतर संबंध बनाए रखना था, जो पहले ही यूपीए से बाहर थीं.  ">

ठाकरे से मिलने पर नाराज हुईं थीं सोनिया :  प्रणव

2017/10/17



नई दिल्ली,  प्रणव मुखर्जी के दिवंगत शिवसेना नेता बाल ठाकरे के साथ मुलाकात करने से कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी काफी नाराज हुई थीं. प्रणव को मना किया गया था फिर भी उन्होंने मुलाकात की थी. पूर्व राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी ने हाल में लॉन्च हुई अपनी किताब द कोएलिशन ईयर्स : 1996-2012 के तीसरे संस्करण में यह खुलासा किया है. 2012 के राष्ट्रपति चुनाव से पहले मुखर्जी महाराष्ट्र के दौरे पर थे, जहां ठाकरे ने मातोश्री (मुंबई में ठाकरे का घर ) में उनके आगमन के व्यापक इंतजाम किए थे. गौरतलब है कि बाल ठाकरे ने खुले तौर पर मुखर्जी की उम्मीदवारी का समर्थन किया था. राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के नेता शरद पवार संयुक्त प्रगितशील गठबंधन (यूपीए-2) के सहयोगी थे. पवार ने इस पर काफी जोर दिया था कि मुखर्जी ठाकरे से जरूर मुलाकात करें. अपनी किताब में पूर्व राष्ट्रपति ने ठाकरे के साथ अपनी मुलाकात को उचित ठहराया है. उन्होंने यह भी समझाने की कोशिश की है कि कैसे इसका मकसद गठबंधन के सहयोगी दलों जैसे एनसीपी का तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) नेता ममता बनर्जी के साथ बेहतर संबंध बनाए रखना था, जो पहले ही यूपीए से बाहर थीं.  


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