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नई दिल्ली,भारत और अंतरराष्ट्रीय दवाब के सामने झुकते हुए पाकिस्तान ने कुलभूषण जाधव को उनकी पत्नी से मिलने की इजाजत दे दी है. बता दें कि कुलभूषण को कथित जासूसी के आरोप में पाकिस्तान की मिलिटरी कोर्ट ने फांसी की सजा सुनाई है. पाकिस्तानी विदेश विभाग ने इस बाबत इस्लामाबाद स्थित भारतीय उच्चायोग को शुक्रवार को एक नोट भेजा है. पाकिस्तान सरकार ने मानवीय आधार का हवाला देते हुए कुलभूषण को उनकी पत्नी से मिलने की इजाजत देने का फैसला किया है. जाधव की पत्नी से मुलाकात के लिए पाकिस्तान व्यवस्था करेगा. पाकिस्तान ने कुलभूषण के खिलाफ विध्वंसक गतिविधियां चलाने और जासूसी करने का आरोप लगाया है. भारत ने इन सभी आरोपों को खारिज किया  भारत ने कुलभूषण की फांसी की सजा के खिलाफ इंटरनैशनल कोर्ट ऑफ जस्टिस (आईसीजे) में अपील की थी. आईसीजे ने अपने फैसले में कुलभूषण की फांसी की सजा पर रोक लगा दी थी. अंतरराष्ट्रीय अदालत ने तत्कालीन पाकिस्तानी पीएम नवाज शरीफ को पत्र लिखकर जाधव की फांसी पर रोक लगाने के लिए कहा था. भारतीय नौसेना के रिटायर्ड अधिकारी कुलभूषण जाधव को जासूसी करने के आरोप में अप्रैल महीने में पाकिस्तानी सैन्य अदालत ने फांसी की सजा सुनाई थी. भारत ने पाकिस्तानी सैन्य अदालत के इस फैसले के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय अदालत में 8 मई को अपील की थी. जाधव के लिए राजनयिक पहुंच की मांग कर रहे भारत ने 16 बार दरख्वास्त ठुकराए जाने के बाद आईसीजे का रुख किया था. नीदरलैंड्स के हेग में स्थित आईसीजे में मामले की सुनवाई हुई थी. इसमें भारत और पाकिस्तान के वकीलों ने अपना पक्ष रखा था. सुनवाई के दौरान भारत ने पाकिस्तान पर विएना संधि के घोर उल्लंघन का आरोप लगाते हुए अंतरराष्ट्रीय अदालत से भारतीय नौसेना के पूर्व अधिकारी कुलभूषण जाधव की मौत की सजा पर रोक लगाने की मांग की थी."/> नई दिल्ली,भारत और अंतरराष्ट्रीय दवाब के सामने झुकते हुए पाकिस्तान ने कुलभूषण जाधव को उनकी पत्नी से मिलने की इजाजत दे दी है. बता दें कि कुलभूषण को कथित जासूसी के आरोप में पाकिस्तान की मिलिटरी कोर्ट ने फांसी की सजा सुनाई है. पाकिस्तानी विदेश विभाग ने इस बाबत इस्लामाबाद स्थित भारतीय उच्चायोग को शुक्रवार को एक नोट भेजा है. पाकिस्तान सरकार ने मानवीय आधार का हवाला देते हुए कुलभूषण को उनकी पत्नी से मिलने की इजाजत देने का फैसला किया है. जाधव की पत्नी से मुलाकात के लिए पाकिस्तान व्यवस्था करेगा. पाकिस्तान ने कुलभूषण के खिलाफ विध्वंसक गतिविधियां चलाने और जासूसी करने का आरोप लगाया है. भारत ने इन सभी आरोपों को खारिज किया  भारत ने कुलभूषण की फांसी की सजा के खिलाफ इंटरनैशनल कोर्ट ऑफ जस्टिस (आईसीजे) में अपील की थी. आईसीजे ने अपने फैसले में कुलभूषण की फांसी की सजा पर रोक लगा दी थी. अंतरराष्ट्रीय अदालत ने तत्कालीन पाकिस्तानी पीएम नवाज शरीफ को पत्र लिखकर जाधव की फांसी पर रोक लगाने के लिए कहा था. भारतीय नौसेना के रिटायर्ड अधिकारी कुलभूषण जाधव को जासूसी करने के आरोप में अप्रैल महीने में पाकिस्तानी सैन्य अदालत ने फांसी की सजा सुनाई थी. भारत ने पाकिस्तानी सैन्य अदालत के इस फैसले के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय अदालत में 8 मई को अपील की थी. जाधव के लिए राजनयिक पहुंच की मांग कर रहे भारत ने 16 बार दरख्वास्त ठुकराए जाने के बाद आईसीजे का रुख किया था. नीदरलैंड्स के हेग में स्थित आईसीजे में मामले की सुनवाई हुई थी. इसमें भारत और पाकिस्तान के वकीलों ने अपना पक्ष रखा था. सुनवाई के दौरान भारत ने पाकिस्तान पर विएना संधि के घोर उल्लंघन का आरोप लगाते हुए अंतरराष्ट्रीय अदालत से भारतीय नौसेना के पूर्व अधिकारी कुलभूषण जाधव की मौत की सजा पर रोक लगाने की मांग की थी."/> नई दिल्ली,भारत और अंतरराष्ट्रीय दवाब के सामने झुकते हुए पाकिस्तान ने कुलभूषण जाधव को उनकी पत्नी से मिलने की इजाजत दे दी है. बता दें कि कुलभूषण को कथित जासूसी के आरोप में पाकिस्तान की मिलिटरी कोर्ट ने फांसी की सजा सुनाई है. पाकिस्तानी विदेश विभाग ने इस बाबत इस्लामाबाद स्थित भारतीय उच्चायोग को शुक्रवार को एक नोट भेजा है. पाकिस्तान सरकार ने मानवीय आधार का हवाला देते हुए कुलभूषण को उनकी पत्नी से मिलने की इजाजत देने का फैसला किया है. जाधव की पत्नी से मुलाकात के लिए पाकिस्तान व्यवस्था करेगा. पाकिस्तान ने कुलभूषण के खिलाफ विध्वंसक गतिविधियां चलाने और जासूसी करने का आरोप लगाया है. भारत ने इन सभी आरोपों को खारिज किया  भारत ने कुलभूषण की फांसी की सजा के खिलाफ इंटरनैशनल कोर्ट ऑफ जस्टिस (आईसीजे) में अपील की थी. आईसीजे ने अपने फैसले में कुलभूषण की फांसी की सजा पर रोक लगा दी थी. अंतरराष्ट्रीय अदालत ने तत्कालीन पाकिस्तानी पीएम नवाज शरीफ को पत्र लिखकर जाधव की फांसी पर रोक लगाने के लिए कहा था. भारतीय नौसेना के रिटायर्ड अधिकारी कुलभूषण जाधव को जासूसी करने के आरोप में अप्रैल महीने में पाकिस्तानी सैन्य अदालत ने फांसी की सजा सुनाई थी. भारत ने पाकिस्तानी सैन्य अदालत के इस फैसले के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय अदालत में 8 मई को अपील की थी. जाधव के लिए राजनयिक पहुंच की मांग कर रहे भारत ने 16 बार दरख्वास्त ठुकराए जाने के बाद आईसीजे का रुख किया था. नीदरलैंड्स के हेग में स्थित आईसीजे में मामले की सुनवाई हुई थी. इसमें भारत और पाकिस्तान के वकीलों ने अपना पक्ष रखा था. सुनवाई के दौरान भारत ने पाकिस्तान पर विएना संधि के घोर उल्लंघन का आरोप लगाते हुए अंतरराष्ट्रीय अदालत से भारतीय नौसेना के पूर्व अधिकारी कुलभूषण जाधव की मौत की सजा पर रोक लगाने की मांग की थी.">

झुका पाक, जाधव को पत्नी से मिलने की इजाजत

2017/11/11



नई दिल्ली,भारत और अंतरराष्ट्रीय दवाब के सामने झुकते हुए पाकिस्तान ने कुलभूषण जाधव को उनकी पत्नी से मिलने की इजाजत दे दी है. बता दें कि कुलभूषण को कथित जासूसी के आरोप में पाकिस्तान की मिलिटरी कोर्ट ने फांसी की सजा सुनाई है. पाकिस्तानी विदेश विभाग ने इस बाबत इस्लामाबाद स्थित भारतीय उच्चायोग को शुक्रवार को एक नोट भेजा है. पाकिस्तान सरकार ने मानवीय आधार का हवाला देते हुए कुलभूषण को उनकी पत्नी से मिलने की इजाजत देने का फैसला किया है. जाधव की पत्नी से मुलाकात के लिए पाकिस्तान व्यवस्था करेगा. पाकिस्तान ने कुलभूषण के खिलाफ विध्वंसक गतिविधियां चलाने और जासूसी करने का आरोप लगाया है. भारत ने इन सभी आरोपों को खारिज किया  भारत ने कुलभूषण की फांसी की सजा के खिलाफ इंटरनैशनल कोर्ट ऑफ जस्टिस (आईसीजे) में अपील की थी. आईसीजे ने अपने फैसले में कुलभूषण की फांसी की सजा पर रोक लगा दी थी. अंतरराष्ट्रीय अदालत ने तत्कालीन पाकिस्तानी पीएम नवाज शरीफ को पत्र लिखकर जाधव की फांसी पर रोक लगाने के लिए कहा था. भारतीय नौसेना के रिटायर्ड अधिकारी कुलभूषण जाधव को जासूसी करने के आरोप में अप्रैल महीने में पाकिस्तानी सैन्य अदालत ने फांसी की सजा सुनाई थी. भारत ने पाकिस्तानी सैन्य अदालत के इस फैसले के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय अदालत में 8 मई को अपील की थी. जाधव के लिए राजनयिक पहुंच की मांग कर रहे भारत ने 16 बार दरख्वास्त ठुकराए जाने के बाद आईसीजे का रुख किया था. नीदरलैंड्स के हेग में स्थित आईसीजे में मामले की सुनवाई हुई थी. इसमें भारत और पाकिस्तान के वकीलों ने अपना पक्ष रखा था. सुनवाई के दौरान भारत ने पाकिस्तान पर विएना संधि के घोर उल्लंघन का आरोप लगाते हुए अंतरराष्ट्रीय अदालत से भारतीय नौसेना के पूर्व अधिकारी कुलभूषण जाधव की मौत की सजा पर रोक लगाने की मांग की थी.


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