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नयी दिल्ली,  प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बच्चों से आज कहा कि वे अधिक से अधिक पुस्तकें विशेषकर महान लोगों की जीवनियां पढ़ें ताकि जीवन में आगे बढ़ने की प्ररेणा मिल सके। श्री मोदी ने यहां नेताजी सुभाष चंद्र बोस की 121 वीं जयंती पर 25 बच्चों को वीरता पुरस्कार से सम्मानित करते हुए यह बात कही। गणतंत्र दिवस के मौके पर राजपथ पर देश का नाम रौशन करने वाले इन बहादुर बच्चों ने आज प्रधानमंत्री से मुलाकात की। इस मौके पर श्री मोदी ने इन बच्चों को वीरता पुरस्कार से सम्मानित किया। प्रधानमंत्री ने इन बच्चों को आज के दिन का महत्व बताते हुए नेताजी सुभाष चंद्र बोस का स्मरण किया, जिनकी जयंती आज पूरा देश मना रहा है। उन्होंने बच्चों से कहा कि वे अपने जीवन में अधिक से अधिक किताबें पढ़ें, खासकर महान नेताओं, खिलाड़ियों और अन्य लोगों की जीवनियां पढ़ें, जिन्होंने अपने जीवन बड़े- बड़े काम किये हैं। उन्होंने इन बच्चों के साहस और वीरता की सराहना करते हुए कहा कि बहादुरी मन की अवस्था है और स्वस्थ रहने से ही बहादुरी आती है। इसीलिए हमें अपने मनोमस्तिष्क को मजबूत बनाने की जरूरत है। प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि इन बहादुर बच्चों ने जो कारनामे किये हैं, उससे उनके साहस का पता चलता है लेकिन यह पुरस्कार उनके जीवन का अंतिम ध्येय नहीं होना चाहिए बल्कि यह तो उनके जीवन की शुरूआत की निशानी है। उन्होंने बच्चों से यह भी कहा कि इन पुरस्कारों से उन्हें जो ख्याति प्राप्त हो रही है, वह उनके भविष्य के विकास में बाधक नहीं होनी चाहिए।"/> नयी दिल्ली,  प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बच्चों से आज कहा कि वे अधिक से अधिक पुस्तकें विशेषकर महान लोगों की जीवनियां पढ़ें ताकि जीवन में आगे बढ़ने की प्ररेणा मिल सके। श्री मोदी ने यहां नेताजी सुभाष चंद्र बोस की 121 वीं जयंती पर 25 बच्चों को वीरता पुरस्कार से सम्मानित करते हुए यह बात कही। गणतंत्र दिवस के मौके पर राजपथ पर देश का नाम रौशन करने वाले इन बहादुर बच्चों ने आज प्रधानमंत्री से मुलाकात की। इस मौके पर श्री मोदी ने इन बच्चों को वीरता पुरस्कार से सम्मानित किया। प्रधानमंत्री ने इन बच्चों को आज के दिन का महत्व बताते हुए नेताजी सुभाष चंद्र बोस का स्मरण किया, जिनकी जयंती आज पूरा देश मना रहा है। उन्होंने बच्चों से कहा कि वे अपने जीवन में अधिक से अधिक किताबें पढ़ें, खासकर महान नेताओं, खिलाड़ियों और अन्य लोगों की जीवनियां पढ़ें, जिन्होंने अपने जीवन बड़े- बड़े काम किये हैं। उन्होंने इन बच्चों के साहस और वीरता की सराहना करते हुए कहा कि बहादुरी मन की अवस्था है और स्वस्थ रहने से ही बहादुरी आती है। इसीलिए हमें अपने मनोमस्तिष्क को मजबूत बनाने की जरूरत है। प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि इन बहादुर बच्चों ने जो कारनामे किये हैं, उससे उनके साहस का पता चलता है लेकिन यह पुरस्कार उनके जीवन का अंतिम ध्येय नहीं होना चाहिए बल्कि यह तो उनके जीवन की शुरूआत की निशानी है। उन्होंने बच्चों से यह भी कहा कि इन पुरस्कारों से उन्हें जो ख्याति प्राप्त हो रही है, वह उनके भविष्य के विकास में बाधक नहीं होनी चाहिए।"/> नयी दिल्ली,  प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बच्चों से आज कहा कि वे अधिक से अधिक पुस्तकें विशेषकर महान लोगों की जीवनियां पढ़ें ताकि जीवन में आगे बढ़ने की प्ररेणा मिल सके। श्री मोदी ने यहां नेताजी सुभाष चंद्र बोस की 121 वीं जयंती पर 25 बच्चों को वीरता पुरस्कार से सम्मानित करते हुए यह बात कही। गणतंत्र दिवस के मौके पर राजपथ पर देश का नाम रौशन करने वाले इन बहादुर बच्चों ने आज प्रधानमंत्री से मुलाकात की। इस मौके पर श्री मोदी ने इन बच्चों को वीरता पुरस्कार से सम्मानित किया। प्रधानमंत्री ने इन बच्चों को आज के दिन का महत्व बताते हुए नेताजी सुभाष चंद्र बोस का स्मरण किया, जिनकी जयंती आज पूरा देश मना रहा है। उन्होंने बच्चों से कहा कि वे अपने जीवन में अधिक से अधिक किताबें पढ़ें, खासकर महान नेताओं, खिलाड़ियों और अन्य लोगों की जीवनियां पढ़ें, जिन्होंने अपने जीवन बड़े- बड़े काम किये हैं। उन्होंने इन बच्चों के साहस और वीरता की सराहना करते हुए कहा कि बहादुरी मन की अवस्था है और स्वस्थ रहने से ही बहादुरी आती है। इसीलिए हमें अपने मनोमस्तिष्क को मजबूत बनाने की जरूरत है। प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि इन बहादुर बच्चों ने जो कारनामे किये हैं, उससे उनके साहस का पता चलता है लेकिन यह पुरस्कार उनके जीवन का अंतिम ध्येय नहीं होना चाहिए बल्कि यह तो उनके जीवन की शुरूआत की निशानी है। उन्होंने बच्चों से यह भी कहा कि इन पुरस्कारों से उन्हें जो ख्याति प्राप्त हो रही है, वह उनके भविष्य के विकास में बाधक नहीं होनी चाहिए।">

जीवन में आगे बढ़ने के लिए बच्चे महापुरुषों की जीवनियां पढ़ें : मोदी

2017/01/24



नयी दिल्ली,  प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बच्चों से आज कहा कि वे अधिक से अधिक पुस्तकें विशेषकर महान लोगों की जीवनियां पढ़ें ताकि जीवन में आगे बढ़ने की प्ररेणा मिल सके। श्री मोदी ने यहां नेताजी सुभाष चंद्र बोस की 121 वीं जयंती पर 25 बच्चों को वीरता पुरस्कार से सम्मानित करते हुए यह बात कही। गणतंत्र दिवस के मौके पर राजपथ पर देश का नाम रौशन करने वाले इन बहादुर बच्चों ने आज प्रधानमंत्री से मुलाकात की। इस मौके पर श्री मोदी ने इन बच्चों को वीरता पुरस्कार से सम्मानित किया। प्रधानमंत्री ने इन बच्चों को आज के दिन का महत्व बताते हुए नेताजी सुभाष चंद्र बोस का स्मरण किया, जिनकी जयंती आज पूरा देश मना रहा है। उन्होंने बच्चों से कहा कि वे अपने जीवन में अधिक से अधिक किताबें पढ़ें, खासकर महान नेताओं, खिलाड़ियों और अन्य लोगों की जीवनियां पढ़ें, जिन्होंने अपने जीवन बड़े- बड़े काम किये हैं। उन्होंने इन बच्चों के साहस और वीरता की सराहना करते हुए कहा कि बहादुरी मन की अवस्था है और स्वस्थ रहने से ही बहादुरी आती है। इसीलिए हमें अपने मनोमस्तिष्क को मजबूत बनाने की जरूरत है। प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि इन बहादुर बच्चों ने जो कारनामे किये हैं, उससे उनके साहस का पता चलता है लेकिन यह पुरस्कार उनके जीवन का अंतिम ध्येय नहीं होना चाहिए बल्कि यह तो उनके जीवन की शुरूआत की निशानी है। उन्होंने बच्चों से यह भी कहा कि इन पुरस्कारों से उन्हें जो ख्याति प्राप्त हो रही है, वह उनके भविष्य के विकास में बाधक नहीं होनी चाहिए।


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