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तीन दिनों में अपडेट हुई दौ सौ से अधिक बसें नवभारत न्यूज भोपाल, जिला प्रशासन के निर्देश पर 15 जनवरी तक स्कूल प्रबंधको को अपनी स्कूल बसों की जानकारी जागरुक भोपाल पोर्टल पर अपडेट करनी थी. जिसकी सूचना बैठक में सांसद आलोक संजर, जिला शिक्षा अधिकारी की उपस्थिती में स्कूलों को दी गई थी. पहले दिन बैठक में सम्मिलित स्कूलों ने स्कूलवाहनों की जानकारी साझा कर दी थी. तीन दिनों में 200 से अधिक स्कूलों ने स्कूल बसो की जानकारी अपडेट की हैं. प्राप्त जानकारी के अनुसार सोमवार को रिकार्ड 150 स्कूलों नेे सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाईन के अनुसार जानकारी अपडेट की. जिसमें सुरक्षा मापदण्डो का प्रयोग, स्पीड गवनर का प्रयोग, बस डाईवर की जानकारी पोर्टल पर डालनी थी. शहर का एक स्कूल ऐसा भी सामने आया हैं, जिसने प्रत्येक छात्र छात्रा की स्कूल आईडी में यूआरएल कोर्ड एड की है. अभिभावकों के स्मार्टफोन पर जीपीआरएस की सहायता से बस की स्पीड और लोकेशन भी देखे जा सकती हैं. पोर्टल पर जानकारी अपडेट होने से शहर के स्कूलों में छात्रों की सुरक्षा भी सुनिश्चित हो जायेगी. और स्कूलों की खामियां भी उजागर हो जाएगी. हाल ही में राजधानी में चली स्कूलवाहनों की चैंकिग के दौरान पुरानी खटारा बसे जब्त की गई थी. जो कि निजी बस संचालकों के द्वारा संचालित हो रही थी. शहर में लगभग 3 हजार स्कूल बसे संचालित हो रही हैं.पोर्टल पर 15 तारीख तक जानकारी अपडेट नहीं करने वाले स्कूलों पर कार्यवाही प्रशासन द्वारा की जायेगी. जिसमें स्कूलों का रजिस्टेशन तक रद्द किया जा सकता है."/> तीन दिनों में अपडेट हुई दौ सौ से अधिक बसें नवभारत न्यूज भोपाल, जिला प्रशासन के निर्देश पर 15 जनवरी तक स्कूल प्रबंधको को अपनी स्कूल बसों की जानकारी जागरुक भोपाल पोर्टल पर अपडेट करनी थी. जिसकी सूचना बैठक में सांसद आलोक संजर, जिला शिक्षा अधिकारी की उपस्थिती में स्कूलों को दी गई थी. पहले दिन बैठक में सम्मिलित स्कूलों ने स्कूलवाहनों की जानकारी साझा कर दी थी. तीन दिनों में 200 से अधिक स्कूलों ने स्कूल बसो की जानकारी अपडेट की हैं. प्राप्त जानकारी के अनुसार सोमवार को रिकार्ड 150 स्कूलों नेे सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाईन के अनुसार जानकारी अपडेट की. जिसमें सुरक्षा मापदण्डो का प्रयोग, स्पीड गवनर का प्रयोग, बस डाईवर की जानकारी पोर्टल पर डालनी थी. शहर का एक स्कूल ऐसा भी सामने आया हैं, जिसने प्रत्येक छात्र छात्रा की स्कूल आईडी में यूआरएल कोर्ड एड की है. अभिभावकों के स्मार्टफोन पर जीपीआरएस की सहायता से बस की स्पीड और लोकेशन भी देखे जा सकती हैं. पोर्टल पर जानकारी अपडेट होने से शहर के स्कूलों में छात्रों की सुरक्षा भी सुनिश्चित हो जायेगी. और स्कूलों की खामियां भी उजागर हो जाएगी. हाल ही में राजधानी में चली स्कूलवाहनों की चैंकिग के दौरान पुरानी खटारा बसे जब्त की गई थी. जो कि निजी बस संचालकों के द्वारा संचालित हो रही थी. शहर में लगभग 3 हजार स्कूल बसे संचालित हो रही हैं.पोर्टल पर 15 तारीख तक जानकारी अपडेट नहीं करने वाले स्कूलों पर कार्यवाही प्रशासन द्वारा की जायेगी. जिसमें स्कूलों का रजिस्टेशन तक रद्द किया जा सकता है."/> तीन दिनों में अपडेट हुई दौ सौ से अधिक बसें नवभारत न्यूज भोपाल, जिला प्रशासन के निर्देश पर 15 जनवरी तक स्कूल प्रबंधको को अपनी स्कूल बसों की जानकारी जागरुक भोपाल पोर्टल पर अपडेट करनी थी. जिसकी सूचना बैठक में सांसद आलोक संजर, जिला शिक्षा अधिकारी की उपस्थिती में स्कूलों को दी गई थी. पहले दिन बैठक में सम्मिलित स्कूलों ने स्कूलवाहनों की जानकारी साझा कर दी थी. तीन दिनों में 200 से अधिक स्कूलों ने स्कूल बसो की जानकारी अपडेट की हैं. प्राप्त जानकारी के अनुसार सोमवार को रिकार्ड 150 स्कूलों नेे सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाईन के अनुसार जानकारी अपडेट की. जिसमें सुरक्षा मापदण्डो का प्रयोग, स्पीड गवनर का प्रयोग, बस डाईवर की जानकारी पोर्टल पर डालनी थी. शहर का एक स्कूल ऐसा भी सामने आया हैं, जिसने प्रत्येक छात्र छात्रा की स्कूल आईडी में यूआरएल कोर्ड एड की है. अभिभावकों के स्मार्टफोन पर जीपीआरएस की सहायता से बस की स्पीड और लोकेशन भी देखे जा सकती हैं. पोर्टल पर जानकारी अपडेट होने से शहर के स्कूलों में छात्रों की सुरक्षा भी सुनिश्चित हो जायेगी. और स्कूलों की खामियां भी उजागर हो जाएगी. हाल ही में राजधानी में चली स्कूलवाहनों की चैंकिग के दौरान पुरानी खटारा बसे जब्त की गई थी. जो कि निजी बस संचालकों के द्वारा संचालित हो रही थी. शहर में लगभग 3 हजार स्कूल बसे संचालित हो रही हैं.पोर्टल पर 15 तारीख तक जानकारी अपडेट नहीं करने वाले स्कूलों पर कार्यवाही प्रशासन द्वारा की जायेगी. जिसमें स्कूलों का रजिस्टेशन तक रद्द किया जा सकता है.">

जागरुक भोपाल पोर्टल में स्कूल प्रबंधकों ने साझा की जानकारी

2018/01/16



तीन दिनों में अपडेट हुई दौ सौ से अधिक बसें

नवभारत न्यूज भोपाल, जिला प्रशासन के निर्देश पर 15 जनवरी तक स्कूल प्रबंधको को अपनी स्कूल बसों की जानकारी जागरुक भोपाल पोर्टल पर अपडेट करनी थी. जिसकी सूचना बैठक में सांसद आलोक संजर, जिला शिक्षा अधिकारी की उपस्थिती में स्कूलों को दी गई थी. पहले दिन बैठक में सम्मिलित स्कूलों ने स्कूलवाहनों की जानकारी साझा कर दी थी. तीन दिनों में 200 से अधिक स्कूलों ने स्कूल बसो की जानकारी अपडेट की हैं. प्राप्त जानकारी के अनुसार सोमवार को रिकार्ड 150 स्कूलों नेे सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाईन के अनुसार जानकारी अपडेट की. जिसमें सुरक्षा मापदण्डो का प्रयोग, स्पीड गवनर का प्रयोग, बस डाईवर की जानकारी पोर्टल पर डालनी थी. शहर का एक स्कूल ऐसा भी सामने आया हैं, जिसने प्रत्येक छात्र छात्रा की स्कूल आईडी में यूआरएल कोर्ड एड की है. अभिभावकों के स्मार्टफोन पर जीपीआरएस की सहायता से बस की स्पीड और लोकेशन भी देखे जा सकती हैं. पोर्टल पर जानकारी अपडेट होने से शहर के स्कूलों में छात्रों की सुरक्षा भी सुनिश्चित हो जायेगी. और स्कूलों की खामियां भी उजागर हो जाएगी. हाल ही में राजधानी में चली स्कूलवाहनों की चैंकिग के दौरान पुरानी खटारा बसे जब्त की गई थी. जो कि निजी बस संचालकों के द्वारा संचालित हो रही थी. शहर में लगभग 3 हजार स्कूल बसे संचालित हो रही हैं.पोर्टल पर 15 तारीख तक जानकारी अपडेट नहीं करने वाले स्कूलों पर कार्यवाही प्रशासन द्वारा की जायेगी. जिसमें स्कूलों का रजिस्टेशन तक रद्द किया जा सकता है.


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