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भोपाल,  आदिवासी लोककला एवं बोली विकास अकादमी द्वारा मध्यप्रदेश जनजातीय संग्रहालय में प्रत्येक रविवार को आयोजित परम्परा, नवप्रयोगों एवं नवांकुरों के लिए स्थापित उत्तराधिकार श्रृंखला के अंतर्गत रविवार को संगीता गोस्वामी एवं साथी भोपाल द्वारा उपशास्त्रीय गायन तथा मेरी एलेंगोवन एवं साथी कलाकार दिल्ली द्वारा भरतनाट्यम् समूह नृत्य का प्रदर्शन किया गया. गायकी में तीनों सप्तकों पर अधिकार रखने वाली ग्वालियर घराने की गायिका संगीता गोस्वामी ने कार्यक्रम का आरंभ बंदिशों से किया. इसमें सकल गुनी जाने को विलंबित एक ताल राग मारू विहाग में तथा जिया नाहीं माने मोरा को मध्यलय तीन ताल में प्रस्तुत किया. इसके बाद सांवरिया प्यारा रे मोरी गुइयाँ दादरा की प्रस्तुति दी."/> भोपाल,  आदिवासी लोककला एवं बोली विकास अकादमी द्वारा मध्यप्रदेश जनजातीय संग्रहालय में प्रत्येक रविवार को आयोजित परम्परा, नवप्रयोगों एवं नवांकुरों के लिए स्थापित उत्तराधिकार श्रृंखला के अंतर्गत रविवार को संगीता गोस्वामी एवं साथी भोपाल द्वारा उपशास्त्रीय गायन तथा मेरी एलेंगोवन एवं साथी कलाकार दिल्ली द्वारा भरतनाट्यम् समूह नृत्य का प्रदर्शन किया गया. गायकी में तीनों सप्तकों पर अधिकार रखने वाली ग्वालियर घराने की गायिका संगीता गोस्वामी ने कार्यक्रम का आरंभ बंदिशों से किया. इसमें सकल गुनी जाने को विलंबित एक ताल राग मारू विहाग में तथा जिया नाहीं माने मोरा को मध्यलय तीन ताल में प्रस्तुत किया. इसके बाद सांवरिया प्यारा रे मोरी गुइयाँ दादरा की प्रस्तुति दी."/> भोपाल,  आदिवासी लोककला एवं बोली विकास अकादमी द्वारा मध्यप्रदेश जनजातीय संग्रहालय में प्रत्येक रविवार को आयोजित परम्परा, नवप्रयोगों एवं नवांकुरों के लिए स्थापित उत्तराधिकार श्रृंखला के अंतर्गत रविवार को संगीता गोस्वामी एवं साथी भोपाल द्वारा उपशास्त्रीय गायन तथा मेरी एलेंगोवन एवं साथी कलाकार दिल्ली द्वारा भरतनाट्यम् समूह नृत्य का प्रदर्शन किया गया. गायकी में तीनों सप्तकों पर अधिकार रखने वाली ग्वालियर घराने की गायिका संगीता गोस्वामी ने कार्यक्रम का आरंभ बंदिशों से किया. इसमें सकल गुनी जाने को विलंबित एक ताल राग मारू विहाग में तथा जिया नाहीं माने मोरा को मध्यलय तीन ताल में प्रस्तुत किया. इसके बाद सांवरिया प्यारा रे मोरी गुइयाँ दादरा की प्रस्तुति दी.">

जनजातीय संग्रहालय में गंूजा शास्त्रीय संगीत

2017/05/01



भोपाल,  आदिवासी लोककला एवं बोली विकास अकादमी द्वारा मध्यप्रदेश जनजातीय संग्रहालय में प्रत्येक रविवार को आयोजित परम्परा, नवप्रयोगों एवं नवांकुरों के लिए स्थापित उत्तराधिकार श्रृंखला के अंतर्गत रविवार को संगीता गोस्वामी एवं साथी भोपाल द्वारा उपशास्त्रीय गायन तथा मेरी एलेंगोवन एवं साथी कलाकार दिल्ली द्वारा भरतनाट्यम् समूह नृत्य का प्रदर्शन किया गया. गायकी में तीनों सप्तकों पर अधिकार रखने वाली ग्वालियर घराने की गायिका संगीता गोस्वामी ने कार्यक्रम का आरंभ बंदिशों से किया. इसमें सकल गुनी जाने को विलंबित एक ताल राग मारू विहाग में तथा जिया नाहीं माने मोरा को मध्यलय तीन ताल में प्रस्तुत किया. इसके बाद सांवरिया प्यारा रे मोरी गुइयाँ दादरा की प्रस्तुति दी.


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