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भाेपाल, मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आज अपने मंत्रिमंडल का विस्तार करते हुए तीन विधायकों सर्वश्री नारायण सिंह कुशवाहा, बालकृष्ण पाटीदार और जालम सिंह पटेल को मंत्री के रूप में शामिल किया। श्री कुशवाहा को कैबिनेट और श्री पाटीदार तथा श्री पटेल को राज्य मंत्री के रूप में शपथ दिलायी गयी है। राजभवन के दरबार हाल में आयोजित गरिमामय समारोह में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने नवनियुक्त मंत्रियों को पद और गोपनीयता की शपथ दिलायी। इस मौके पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, राज्य मंत्रिमंडल के सदस्य, वरिष्ठ अधिकारी और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नेता मौजूद थे। इनके साथ ही राज्य में मंत्रियों की संख्या 29 से बढ़कर 32 हो गयी है। इनमें मुख्यमंत्री भी शामिल हैं। राज्य में निर्धारित मापदंडों के अनुरूप अधिकतम तीन और मंत्री शामिल किए जा सकते हैं। श्री नारायण सिंह कुशवाहा ग्वालियर दक्षिण विधानसभा क्षेत्र का, बालकृष्ण पाटीदार खरगौन का और जालम सिंह पटेल नरसिंहपुर विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हैं। श्री कुशवाहा को कैबिनेट और श्री पाटीदार तथा श्री पटेल को राज्य मंत्री के रूप में शामिल करने के साथ ही कैबिनेट मंत्रियों की संख्या 19 से बढकर 20 हो गयी है। राज्य मंत्रियों की संख्या नौ से बढकर 11 हो गयी है। इसकेे अलावा मुख्यमंत्री अलग हैं। शपथ ग्रहण समारोह के बाद मुख्यमंत्री श्री चौहान ने पत्रकारों से कहा कि यह एक संक्षिप्त विस्तार है और हो सकता है कि भविष्य में एक और संक्षिप्त विस्तार हो। उन्होंने कहा कि निश्चित तौर पर नए सदस्यों की क्षमताओं का उपयोग सरकार चलाने में और लोगों के कल्याण में किया जाएगा। मंत्रिमंडल का विस्तार पूरी तरह संतुलित हैं। कोलारस और मुंगावली विधानसभा उपचुनाव के कारण आदर्श आचार संहिता लागू होने के चलते विपक्षी दल कांग्रेस की निर्वाचन आयोग में शिकायत संबंधी सवाल के जवाब में श्री चौहान ने कहा कि मंत्रिमंडल का विस्तार करना मुख्यमंत्री का विशेष अधिकार रहता है। विपक्ष की तो हर बात में शिकायत करने की आदत बनी है। इसमें वह क्या कर सकते हैं। इस बीच राजनैतिक पर्यवेक्षकों का मानना है कि इस वर्ष के अंत में होने वाले विधानसभा चुनाव के मद्देनजर सभी समीकरणों को ध्यान में रखकर यह मंत्रिमंडल विस्तार किया गया है। श्री चौहान ने मौजूदा राजनीतिक हालातों केे मद्देनजर शीर्ष संगठन को भी विश्वास में लेकर यह कदम उठाया है। इसके अलावा मंत्रिमंडल में तीन और पद रणनीतिक तौर रिक्त रखे गए हैं। वरिष्ठ कांग्रेस नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया केे प्रभाव वाले ग्वालियर अंचल में कुशवाहा समाज के लोग काफी संख्या में है। संभवत: इसलिए ही ग्वालियर से श्री कुशवाह को मंत्री बनाया गया है। श्री पाटीदार को मंत्री पद से नवाजे जाने के कारण पश्चिमी मध्यप्रदेश में इस वर्ग को ध्यान में रखा गया है। वहीं नरसिंहपुर विधायक श्री पटेल पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रहलाद पटेल के अनुज हैं।"/> भाेपाल, मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आज अपने मंत्रिमंडल का विस्तार करते हुए तीन विधायकों सर्वश्री नारायण सिंह कुशवाहा, बालकृष्ण पाटीदार और जालम सिंह पटेल को मंत्री के रूप में शामिल किया। श्री कुशवाहा को कैबिनेट और श्री पाटीदार तथा श्री पटेल को राज्य मंत्री के रूप में शपथ दिलायी गयी है। राजभवन के दरबार हाल में आयोजित गरिमामय समारोह में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने नवनियुक्त मंत्रियों को पद और गोपनीयता की शपथ दिलायी। इस मौके पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, राज्य मंत्रिमंडल के सदस्य, वरिष्ठ अधिकारी और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नेता मौजूद थे। इनके साथ ही राज्य में मंत्रियों की संख्या 29 से बढ़कर 32 हो गयी है। इनमें मुख्यमंत्री भी शामिल हैं। राज्य में निर्धारित मापदंडों के अनुरूप अधिकतम तीन और मंत्री शामिल किए जा सकते हैं। श्री नारायण सिंह कुशवाहा ग्वालियर दक्षिण विधानसभा क्षेत्र का, बालकृष्ण पाटीदार खरगौन का और जालम सिंह पटेल नरसिंहपुर विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हैं। श्री कुशवाहा को कैबिनेट और श्री पाटीदार तथा श्री पटेल को राज्य मंत्री के रूप में शामिल करने के साथ ही कैबिनेट मंत्रियों की संख्या 19 से बढकर 20 हो गयी है। राज्य मंत्रियों की संख्या नौ से बढकर 11 हो गयी है। इसकेे अलावा मुख्यमंत्री अलग हैं। शपथ ग्रहण समारोह के बाद मुख्यमंत्री श्री चौहान ने पत्रकारों से कहा कि यह एक संक्षिप्त विस्तार है और हो सकता है कि भविष्य में एक और संक्षिप्त विस्तार हो। उन्होंने कहा कि निश्चित तौर पर नए सदस्यों की क्षमताओं का उपयोग सरकार चलाने में और लोगों के कल्याण में किया जाएगा। मंत्रिमंडल का विस्तार पूरी तरह संतुलित हैं। कोलारस और मुंगावली विधानसभा उपचुनाव के कारण आदर्श आचार संहिता लागू होने के चलते विपक्षी दल कांग्रेस की निर्वाचन आयोग में शिकायत संबंधी सवाल के जवाब में श्री चौहान ने कहा कि मंत्रिमंडल का विस्तार करना मुख्यमंत्री का विशेष अधिकार रहता है। विपक्ष की तो हर बात में शिकायत करने की आदत बनी है। इसमें वह क्या कर सकते हैं। इस बीच राजनैतिक पर्यवेक्षकों का मानना है कि इस वर्ष के अंत में होने वाले विधानसभा चुनाव के मद्देनजर सभी समीकरणों को ध्यान में रखकर यह मंत्रिमंडल विस्तार किया गया है। श्री चौहान ने मौजूदा राजनीतिक हालातों केे मद्देनजर शीर्ष संगठन को भी विश्वास में लेकर यह कदम उठाया है। इसके अलावा मंत्रिमंडल में तीन और पद रणनीतिक तौर रिक्त रखे गए हैं। वरिष्ठ कांग्रेस नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया केे प्रभाव वाले ग्वालियर अंचल में कुशवाहा समाज के लोग काफी संख्या में है। संभवत: इसलिए ही ग्वालियर से श्री कुशवाह को मंत्री बनाया गया है। श्री पाटीदार को मंत्री पद से नवाजे जाने के कारण पश्चिमी मध्यप्रदेश में इस वर्ग को ध्यान में रखा गया है। वहीं नरसिंहपुर विधायक श्री पटेल पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रहलाद पटेल के अनुज हैं।"/> भाेपाल, मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आज अपने मंत्रिमंडल का विस्तार करते हुए तीन विधायकों सर्वश्री नारायण सिंह कुशवाहा, बालकृष्ण पाटीदार और जालम सिंह पटेल को मंत्री के रूप में शामिल किया। श्री कुशवाहा को कैबिनेट और श्री पाटीदार तथा श्री पटेल को राज्य मंत्री के रूप में शपथ दिलायी गयी है। राजभवन के दरबार हाल में आयोजित गरिमामय समारोह में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने नवनियुक्त मंत्रियों को पद और गोपनीयता की शपथ दिलायी। इस मौके पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, राज्य मंत्रिमंडल के सदस्य, वरिष्ठ अधिकारी और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नेता मौजूद थे। इनके साथ ही राज्य में मंत्रियों की संख्या 29 से बढ़कर 32 हो गयी है। इनमें मुख्यमंत्री भी शामिल हैं। राज्य में निर्धारित मापदंडों के अनुरूप अधिकतम तीन और मंत्री शामिल किए जा सकते हैं। श्री नारायण सिंह कुशवाहा ग्वालियर दक्षिण विधानसभा क्षेत्र का, बालकृष्ण पाटीदार खरगौन का और जालम सिंह पटेल नरसिंहपुर विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हैं। श्री कुशवाहा को कैबिनेट और श्री पाटीदार तथा श्री पटेल को राज्य मंत्री के रूप में शामिल करने के साथ ही कैबिनेट मंत्रियों की संख्या 19 से बढकर 20 हो गयी है। राज्य मंत्रियों की संख्या नौ से बढकर 11 हो गयी है। इसकेे अलावा मुख्यमंत्री अलग हैं। शपथ ग्रहण समारोह के बाद मुख्यमंत्री श्री चौहान ने पत्रकारों से कहा कि यह एक संक्षिप्त विस्तार है और हो सकता है कि भविष्य में एक और संक्षिप्त विस्तार हो। उन्होंने कहा कि निश्चित तौर पर नए सदस्यों की क्षमताओं का उपयोग सरकार चलाने में और लोगों के कल्याण में किया जाएगा। मंत्रिमंडल का विस्तार पूरी तरह संतुलित हैं। कोलारस और मुंगावली विधानसभा उपचुनाव के कारण आदर्श आचार संहिता लागू होने के चलते विपक्षी दल कांग्रेस की निर्वाचन आयोग में शिकायत संबंधी सवाल के जवाब में श्री चौहान ने कहा कि मंत्रिमंडल का विस्तार करना मुख्यमंत्री का विशेष अधिकार रहता है। विपक्ष की तो हर बात में शिकायत करने की आदत बनी है। इसमें वह क्या कर सकते हैं। इस बीच राजनैतिक पर्यवेक्षकों का मानना है कि इस वर्ष के अंत में होने वाले विधानसभा चुनाव के मद्देनजर सभी समीकरणों को ध्यान में रखकर यह मंत्रिमंडल विस्तार किया गया है। श्री चौहान ने मौजूदा राजनीतिक हालातों केे मद्देनजर शीर्ष संगठन को भी विश्वास में लेकर यह कदम उठाया है। इसके अलावा मंत्रिमंडल में तीन और पद रणनीतिक तौर रिक्त रखे गए हैं। वरिष्ठ कांग्रेस नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया केे प्रभाव वाले ग्वालियर अंचल में कुशवाहा समाज के लोग काफी संख्या में है। संभवत: इसलिए ही ग्वालियर से श्री कुशवाह को मंत्री बनाया गया है। श्री पाटीदार को मंत्री पद से नवाजे जाने के कारण पश्चिमी मध्यप्रदेश में इस वर्ग को ध्यान में रखा गया है। वहीं नरसिंहपुर विधायक श्री पटेल पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रहलाद पटेल के अनुज हैं।">

चौहान ने एक कैबिनेट और दो राज्य मंत्रियों को शामिल किया मंत्रिमंडल में

2018/02/03



भाेपाल, मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आज अपने मंत्रिमंडल का विस्तार करते हुए तीन विधायकों सर्वश्री नारायण सिंह कुशवाहा, बालकृष्ण पाटीदार और जालम सिंह पटेल को मंत्री के रूप में शामिल किया। श्री कुशवाहा को कैबिनेट और श्री पाटीदार तथा श्री पटेल को राज्य मंत्री के रूप में शपथ दिलायी गयी है। राजभवन के दरबार हाल में आयोजित गरिमामय समारोह में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने नवनियुक्त मंत्रियों को पद और गोपनीयता की शपथ दिलायी। इस मौके पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, राज्य मंत्रिमंडल के सदस्य, वरिष्ठ अधिकारी और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नेता मौजूद थे। इनके साथ ही राज्य में मंत्रियों की संख्या 29 से बढ़कर 32 हो गयी है। इनमें मुख्यमंत्री भी शामिल हैं। राज्य में निर्धारित मापदंडों के अनुरूप अधिकतम तीन और मंत्री शामिल किए जा सकते हैं। श्री नारायण सिंह कुशवाहा ग्वालियर दक्षिण विधानसभा क्षेत्र का, बालकृष्ण पाटीदार खरगौन का और जालम सिंह पटेल नरसिंहपुर विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हैं। श्री कुशवाहा को कैबिनेट और श्री पाटीदार तथा श्री पटेल को राज्य मंत्री के रूप में शामिल करने के साथ ही कैबिनेट मंत्रियों की संख्या 19 से बढकर 20 हो गयी है। राज्य मंत्रियों की संख्या नौ से बढकर 11 हो गयी है। इसकेे अलावा मुख्यमंत्री अलग हैं। शपथ ग्रहण समारोह के बाद मुख्यमंत्री श्री चौहान ने पत्रकारों से कहा कि यह एक संक्षिप्त विस्तार है और हो सकता है कि भविष्य में एक और संक्षिप्त विस्तार हो। उन्होंने कहा कि निश्चित तौर पर नए सदस्यों की क्षमताओं का उपयोग सरकार चलाने में और लोगों के कल्याण में किया जाएगा। मंत्रिमंडल का विस्तार पूरी तरह संतुलित हैं। कोलारस और मुंगावली विधानसभा उपचुनाव के कारण आदर्श आचार संहिता लागू होने के चलते विपक्षी दल कांग्रेस की निर्वाचन आयोग में शिकायत संबंधी सवाल के जवाब में श्री चौहान ने कहा कि मंत्रिमंडल का विस्तार करना मुख्यमंत्री का विशेष अधिकार रहता है। विपक्ष की तो हर बात में शिकायत करने की आदत बनी है। इसमें वह क्या कर सकते हैं। इस बीच राजनैतिक पर्यवेक्षकों का मानना है कि इस वर्ष के अंत में होने वाले विधानसभा चुनाव के मद्देनजर सभी समीकरणों को ध्यान में रखकर यह मंत्रिमंडल विस्तार किया गया है। श्री चौहान ने मौजूदा राजनीतिक हालातों केे मद्देनजर शीर्ष संगठन को भी विश्वास में लेकर यह कदम उठाया है। इसके अलावा मंत्रिमंडल में तीन और पद रणनीतिक तौर रिक्त रखे गए हैं। वरिष्ठ कांग्रेस नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया केे प्रभाव वाले ग्वालियर अंचल में कुशवाहा समाज के लोग काफी संख्या में है। संभवत: इसलिए ही ग्वालियर से श्री कुशवाह को मंत्री बनाया गया है। श्री पाटीदार को मंत्री पद से नवाजे जाने के कारण पश्चिमी मध्यप्रदेश में इस वर्ग को ध्यान में रखा गया है। वहीं नरसिंहपुर विधायक श्री पटेल पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रहलाद पटेल के अनुज हैं।


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