Breaking News :

'संवेगात्मक बुद्धिमत्ता' पर डॉ. एस. नीलकंठन का विशेष प्रशिक्षण सत्र आयोजित संत हिरदाराम नगर, संत हिरदाराम कन्या महा विद्यालय में सिद्ध भाऊ की उपस्थिति में संवेगात्मक बुद्धिमत्ता' पर डॉ. एस. नीलकंठन का विशेष प्रशिक्षण सत्र आयोजित किया गया. इस अवसर पर विषय विशेेषज्ञ के रूप में ट्रान्सफार्मेशनल ट्रेनर डॉ. एस. नीलकंठन उपस्थित थे. इसके साथ ही महाविद्यालय के प्रबंध संचालक हीरो ज्ञानचंदानी, महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. चरनजीत कौर सहित तीनो संस्थाओं के छात्र-छात्राएं वहीं शिक्षकों के अतिरिक्त संत हिरदाराम नगर के स्थानीय स्कूलों के छात्रों एवं शिक्षकों ने उपस्थित होकर इस कार्यक्रम का लाभ उठाया. कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य आज की युवा पीढ़ी के रूप में उपस्थित छात्र-छात्राओं को भावनात्मक स्तर पर सशक्त बनाना था. 'संवेगात्मक बुद्धिमत्ता' पर बोलते हुए डॉ. नीलकंठन ने बताया कि आज घर बाहर सभी भावनात्मक स्तर पर जूझ रहे हैं, उसका सबसे बड़ा कारण है भावनात्मक बुद्धिमत्ता का अभाव. कोई भी बात होने पर आज का युवा भावनात्मक स्तर पर कमजोर पड़ जाता है और गलत निर्णय ले लेता है. न तो हम स्वयं को भावनात्मक स्तर पर परखतें हैं न दूसरे को."/> 'संवेगात्मक बुद्धिमत्ता' पर डॉ. एस. नीलकंठन का विशेष प्रशिक्षण सत्र आयोजित संत हिरदाराम नगर, संत हिरदाराम कन्या महा विद्यालय में सिद्ध भाऊ की उपस्थिति में संवेगात्मक बुद्धिमत्ता' पर डॉ. एस. नीलकंठन का विशेष प्रशिक्षण सत्र आयोजित किया गया. इस अवसर पर विषय विशेेषज्ञ के रूप में ट्रान्सफार्मेशनल ट्रेनर डॉ. एस. नीलकंठन उपस्थित थे. इसके साथ ही महाविद्यालय के प्रबंध संचालक हीरो ज्ञानचंदानी, महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. चरनजीत कौर सहित तीनो संस्थाओं के छात्र-छात्राएं वहीं शिक्षकों के अतिरिक्त संत हिरदाराम नगर के स्थानीय स्कूलों के छात्रों एवं शिक्षकों ने उपस्थित होकर इस कार्यक्रम का लाभ उठाया. कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य आज की युवा पीढ़ी के रूप में उपस्थित छात्र-छात्राओं को भावनात्मक स्तर पर सशक्त बनाना था. 'संवेगात्मक बुद्धिमत्ता' पर बोलते हुए डॉ. नीलकंठन ने बताया कि आज घर बाहर सभी भावनात्मक स्तर पर जूझ रहे हैं, उसका सबसे बड़ा कारण है भावनात्मक बुद्धिमत्ता का अभाव. कोई भी बात होने पर आज का युवा भावनात्मक स्तर पर कमजोर पड़ जाता है और गलत निर्णय ले लेता है. न तो हम स्वयं को भावनात्मक स्तर पर परखतें हैं न दूसरे को."/> 'संवेगात्मक बुद्धिमत्ता' पर डॉ. एस. नीलकंठन का विशेष प्रशिक्षण सत्र आयोजित संत हिरदाराम नगर, संत हिरदाराम कन्या महा विद्यालय में सिद्ध भाऊ की उपस्थिति में संवेगात्मक बुद्धिमत्ता' पर डॉ. एस. नीलकंठन का विशेष प्रशिक्षण सत्र आयोजित किया गया. इस अवसर पर विषय विशेेषज्ञ के रूप में ट्रान्सफार्मेशनल ट्रेनर डॉ. एस. नीलकंठन उपस्थित थे. इसके साथ ही महाविद्यालय के प्रबंध संचालक हीरो ज्ञानचंदानी, महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. चरनजीत कौर सहित तीनो संस्थाओं के छात्र-छात्राएं वहीं शिक्षकों के अतिरिक्त संत हिरदाराम नगर के स्थानीय स्कूलों के छात्रों एवं शिक्षकों ने उपस्थित होकर इस कार्यक्रम का लाभ उठाया. कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य आज की युवा पीढ़ी के रूप में उपस्थित छात्र-छात्राओं को भावनात्मक स्तर पर सशक्त बनाना था. 'संवेगात्मक बुद्धिमत्ता' पर बोलते हुए डॉ. नीलकंठन ने बताया कि आज घर बाहर सभी भावनात्मक स्तर पर जूझ रहे हैं, उसका सबसे बड़ा कारण है भावनात्मक बुद्धिमत्ता का अभाव. कोई भी बात होने पर आज का युवा भावनात्मक स्तर पर कमजोर पड़ जाता है और गलत निर्णय ले लेता है. न तो हम स्वयं को भावनात्मक स्तर पर परखतें हैं न दूसरे को.">

गलत निर्णय लेते हैं भावनात्मक स्तर पर कमजोर लोग

2017/12/08



'संवेगात्मक बुद्धिमत्ता' पर डॉ. एस. नीलकंठन का विशेष प्रशिक्षण सत्र आयोजित संत हिरदाराम नगर, संत हिरदाराम कन्या महा विद्यालय में सिद्ध भाऊ की उपस्थिति में संवेगात्मक बुद्धिमत्ता' पर डॉ. एस. नीलकंठन का विशेष प्रशिक्षण सत्र आयोजित किया गया. इस अवसर पर विषय विशेेषज्ञ के रूप में ट्रान्सफार्मेशनल ट्रेनर डॉ. एस. नीलकंठन उपस्थित थे. इसके साथ ही महाविद्यालय के प्रबंध संचालक हीरो ज्ञानचंदानी, महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. चरनजीत कौर सहित तीनो संस्थाओं के छात्र-छात्राएं वहीं शिक्षकों के अतिरिक्त संत हिरदाराम नगर के स्थानीय स्कूलों के छात्रों एवं शिक्षकों ने उपस्थित होकर इस कार्यक्रम का लाभ उठाया. कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य आज की युवा पीढ़ी के रूप में उपस्थित छात्र-छात्राओं को भावनात्मक स्तर पर सशक्त बनाना था. 'संवेगात्मक बुद्धिमत्ता' पर बोलते हुए डॉ. नीलकंठन ने बताया कि आज घर बाहर सभी भावनात्मक स्तर पर जूझ रहे हैं, उसका सबसे बड़ा कारण है भावनात्मक बुद्धिमत्ता का अभाव. कोई भी बात होने पर आज का युवा भावनात्मक स्तर पर कमजोर पड़ जाता है और गलत निर्णय ले लेता है. न तो हम स्वयं को भावनात्मक स्तर पर परखतें हैं न दूसरे को.


Opinions expressed in the comments are not reflective of Nava Bharat. Comments are moderated automatically.

Related Posts