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जल निगम की बैठक में मुख्यमंत्री चौहान ने दिए अग्रिम योजना बनाने के निर्देश, जरूरत का पहले से कर लें आकलन भोपाल, मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने निर्देश दिये हैं कि प्रदेश में ग्रीष्म ऋतु में पेयजल आपूर्ति की अग्रिम योजना बनायें. इसमें पूर्व से आकलन करें तथा संसाधनों की व्यवस्था करें. मुख्यमंत्री चौहान गुरुवार को जल निगम की बैठक ले रहे थे. बैठक में पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री गोपाल भार्गव और मुख्य सचिव बी.पी. सिंह भी उपस्थित थे. मुख्यमंत्री चौहान ने बैठक में निर्देश दिये कि मुख्यमंत्री ग्राम नलजल योजनाओं के निर्माण का समयबद्ध रोडमेप बनायें. ग्रामीण बसाहटों में पेयजल व्यवस्था के लिये नवीन हैंडपंप स्थापना की तैयारियां करें. नलजल योजनाओं में गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दें. समूह नलजल योजनाओं का बेहतर प्रबंधन करें. गर्मियों में ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति बनाये रखने के लिये समय से तैयारियां करें. बैठक में बताया गया कि प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्र में 15 हजार 418 नलजल योजनाएं तथा 5 लाख 35 हजार हैंडपंप हैं. मुख्यमंत्री ग्राम नलजल योजनाओं के लिये 2 हजार 379 ग्राम चिन्हांकित किये गये हैं. इसके प्रथम चरण में 1650 नलजल योजनाएं आगामी फरवरी 2019 तक पूरी की जायेंगी. लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा बन्द नलजल योजनाओं को स्थल पर चालू रखने के लिये स्त्रोत सुरक्षा योजना पायलेट प्रोजेक्ट के रूप में दो विकासखंडों में संचालित की जायेगी. जारी वर्ष में 6 हजार 419 नये हैंडपंप स्थापित किये गये हैं. ग्रीष्मऋतु में पेयजल आपूर्ति के लिये विभाग द्वारा कार्य योजना बनायी गई है. जल निगम द्वारा 30 समूह नलजल योजनाएं निर्माणा-धीन हैं जिनसे 1 हजार 635 ग्राम लाभान्वित होंगे. जल निगम द्वारा 6 समूह नलजल योजनाएं पूर्ण कर ली गईं हैं. बैठक में अपर मुख्य सचिव वित्त ए.पी. श्रीवास्तव, अपर मुख्य सचिव पंचायत एवं ग्रामीण विकास इकबाल सिंह बैंस, प्रमुख सचिव लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी प्रमोद अग्रवाल, प्रमुख सचिव नगरीय प्रशासन मलय श्रीवास्तव सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे."/> जल निगम की बैठक में मुख्यमंत्री चौहान ने दिए अग्रिम योजना बनाने के निर्देश, जरूरत का पहले से कर लें आकलन भोपाल, मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने निर्देश दिये हैं कि प्रदेश में ग्रीष्म ऋतु में पेयजल आपूर्ति की अग्रिम योजना बनायें. इसमें पूर्व से आकलन करें तथा संसाधनों की व्यवस्था करें. मुख्यमंत्री चौहान गुरुवार को जल निगम की बैठक ले रहे थे. बैठक में पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री गोपाल भार्गव और मुख्य सचिव बी.पी. सिंह भी उपस्थित थे. मुख्यमंत्री चौहान ने बैठक में निर्देश दिये कि मुख्यमंत्री ग्राम नलजल योजनाओं के निर्माण का समयबद्ध रोडमेप बनायें. ग्रामीण बसाहटों में पेयजल व्यवस्था के लिये नवीन हैंडपंप स्थापना की तैयारियां करें. नलजल योजनाओं में गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दें. समूह नलजल योजनाओं का बेहतर प्रबंधन करें. गर्मियों में ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति बनाये रखने के लिये समय से तैयारियां करें. बैठक में बताया गया कि प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्र में 15 हजार 418 नलजल योजनाएं तथा 5 लाख 35 हजार हैंडपंप हैं. मुख्यमंत्री ग्राम नलजल योजनाओं के लिये 2 हजार 379 ग्राम चिन्हांकित किये गये हैं. इसके प्रथम चरण में 1650 नलजल योजनाएं आगामी फरवरी 2019 तक पूरी की जायेंगी. लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा बन्द नलजल योजनाओं को स्थल पर चालू रखने के लिये स्त्रोत सुरक्षा योजना पायलेट प्रोजेक्ट के रूप में दो विकासखंडों में संचालित की जायेगी. जारी वर्ष में 6 हजार 419 नये हैंडपंप स्थापित किये गये हैं. ग्रीष्मऋतु में पेयजल आपूर्ति के लिये विभाग द्वारा कार्य योजना बनायी गई है. जल निगम द्वारा 30 समूह नलजल योजनाएं निर्माणा-धीन हैं जिनसे 1 हजार 635 ग्राम लाभान्वित होंगे. जल निगम द्वारा 6 समूह नलजल योजनाएं पूर्ण कर ली गईं हैं. बैठक में अपर मुख्य सचिव वित्त ए.पी. श्रीवास्तव, अपर मुख्य सचिव पंचायत एवं ग्रामीण विकास इकबाल सिंह बैंस, प्रमुख सचिव लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी प्रमोद अग्रवाल, प्रमुख सचिव नगरीय प्रशासन मलय श्रीवास्तव सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे."/> जल निगम की बैठक में मुख्यमंत्री चौहान ने दिए अग्रिम योजना बनाने के निर्देश, जरूरत का पहले से कर लें आकलन भोपाल, मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने निर्देश दिये हैं कि प्रदेश में ग्रीष्म ऋतु में पेयजल आपूर्ति की अग्रिम योजना बनायें. इसमें पूर्व से आकलन करें तथा संसाधनों की व्यवस्था करें. मुख्यमंत्री चौहान गुरुवार को जल निगम की बैठक ले रहे थे. बैठक में पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री गोपाल भार्गव और मुख्य सचिव बी.पी. सिंह भी उपस्थित थे. मुख्यमंत्री चौहान ने बैठक में निर्देश दिये कि मुख्यमंत्री ग्राम नलजल योजनाओं के निर्माण का समयबद्ध रोडमेप बनायें. ग्रामीण बसाहटों में पेयजल व्यवस्था के लिये नवीन हैंडपंप स्थापना की तैयारियां करें. नलजल योजनाओं में गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दें. समूह नलजल योजनाओं का बेहतर प्रबंधन करें. गर्मियों में ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति बनाये रखने के लिये समय से तैयारियां करें. बैठक में बताया गया कि प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्र में 15 हजार 418 नलजल योजनाएं तथा 5 लाख 35 हजार हैंडपंप हैं. मुख्यमंत्री ग्राम नलजल योजनाओं के लिये 2 हजार 379 ग्राम चिन्हांकित किये गये हैं. इसके प्रथम चरण में 1650 नलजल योजनाएं आगामी फरवरी 2019 तक पूरी की जायेंगी. लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा बन्द नलजल योजनाओं को स्थल पर चालू रखने के लिये स्त्रोत सुरक्षा योजना पायलेट प्रोजेक्ट के रूप में दो विकासखंडों में संचालित की जायेगी. जारी वर्ष में 6 हजार 419 नये हैंडपंप स्थापित किये गये हैं. ग्रीष्मऋतु में पेयजल आपूर्ति के लिये विभाग द्वारा कार्य योजना बनायी गई है. जल निगम द्वारा 30 समूह नलजल योजनाएं निर्माणा-धीन हैं जिनसे 1 हजार 635 ग्राम लाभान्वित होंगे. जल निगम द्वारा 6 समूह नलजल योजनाएं पूर्ण कर ली गईं हैं. बैठक में अपर मुख्य सचिव वित्त ए.पी. श्रीवास्तव, अपर मुख्य सचिव पंचायत एवं ग्रामीण विकास इकबाल सिंह बैंस, प्रमुख सचिव लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी प्रमोद अग्रवाल, प्रमुख सचिव नगरीय प्रशासन मलय श्रीवास्तव सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे.">

गर्मी में न हो पेयजल संकट

2017/12/08



जल निगम की बैठक में मुख्यमंत्री चौहान ने दिए अग्रिम योजना बनाने के निर्देश, जरूरत का पहले से कर लें आकलन भोपाल, मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने निर्देश दिये हैं कि प्रदेश में ग्रीष्म ऋतु में पेयजल आपूर्ति की अग्रिम योजना बनायें. इसमें पूर्व से आकलन करें तथा संसाधनों की व्यवस्था करें. मुख्यमंत्री चौहान गुरुवार को जल निगम की बैठक ले रहे थे. बैठक में पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री गोपाल भार्गव और मुख्य सचिव बी.पी. सिंह भी उपस्थित थे. मुख्यमंत्री चौहान ने बैठक में निर्देश दिये कि मुख्यमंत्री ग्राम नलजल योजनाओं के निर्माण का समयबद्ध रोडमेप बनायें. ग्रामीण बसाहटों में पेयजल व्यवस्था के लिये नवीन हैंडपंप स्थापना की तैयारियां करें. नलजल योजनाओं में गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दें. समूह नलजल योजनाओं का बेहतर प्रबंधन करें. गर्मियों में ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति बनाये रखने के लिये समय से तैयारियां करें. बैठक में बताया गया कि प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्र में 15 हजार 418 नलजल योजनाएं तथा 5 लाख 35 हजार हैंडपंप हैं. मुख्यमंत्री ग्राम नलजल योजनाओं के लिये 2 हजार 379 ग्राम चिन्हांकित किये गये हैं. इसके प्रथम चरण में 1650 नलजल योजनाएं आगामी फरवरी 2019 तक पूरी की जायेंगी. लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा बन्द नलजल योजनाओं को स्थल पर चालू रखने के लिये स्त्रोत सुरक्षा योजना पायलेट प्रोजेक्ट के रूप में दो विकासखंडों में संचालित की जायेगी. जारी वर्ष में 6 हजार 419 नये हैंडपंप स्थापित किये गये हैं. ग्रीष्मऋतु में पेयजल आपूर्ति के लिये विभाग द्वारा कार्य योजना बनायी गई है. जल निगम द्वारा 30 समूह नलजल योजनाएं निर्माणा-धीन हैं जिनसे 1 हजार 635 ग्राम लाभान्वित होंगे. जल निगम द्वारा 6 समूह नलजल योजनाएं पूर्ण कर ली गईं हैं. बैठक में अपर मुख्य सचिव वित्त ए.पी. श्रीवास्तव, अपर मुख्य सचिव पंचायत एवं ग्रामीण विकास इकबाल सिंह बैंस, प्रमुख सचिव लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी प्रमोद अग्रवाल, प्रमुख सचिव नगरीय प्रशासन मलय श्रीवास्तव सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे.


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