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भिवानी, हरियाणा के भिवानी में आयोेजित कुश्ती प्रतियोगिता ‘भारत केसरी दंगल’ के दौरान अव्यवस्था का आलम यह रहा कि बुधवार को यहां खेल निदेशक को ही पुलिस ने स्टेडियम में जाने सेे रोक दिया और कई पत्रकार पुलिस के कारण एंट्री पास नहीं बनवा सके। प्रतियोगिता की व्यवस्था को देखने के लिए खेल विभाग के निदेशक भारतीय प्रशासनिक सेवा अधिकारी जगदीप सिंह जब कार्यक्रम की व्यवस्थाओं का जायजा लेने भीम स्टेडियम पहुंचे तो पुलिस ने प्रवेश द्वार पर ही उन्हें रोक दिया।बाद में किसी कर्मचारी ने जब पुलिस कोे सिंह के बारे में बताया तो उन्हें अंदर जाने दिया गया। इस बीच एंट्री पास बनवाने के लिए पहुंचे पत्रकारों को भी स्टेडियम के प्रवेश द्वार पर ही पुलिसवालों ने रोक दिया।पत्रकारों को पुलिसवालों ने पहचान पत्र दिखाने के बावजूद अंदर नहीं जाने दिया। आरोप है कि प्रवेश द्वार पर लोक संपर्क विभाग का कोई भी कर्मचारी मौजूद नहीं था, जो पत्रकारों की पहचान कर उन्हें प्रवेश दिला सकता।इससे कई पत्रकार प्रवेश पास बनवाने से वंचित रह गए। बाद में पत्रकारों ने इस घटना को पुलिस कप्तान के संज्ञान में लाया।उन्होंने स्टेडियम की व्यवस्था देख रहे डीएसपी सिवानी का नंबर पत्रकारों को दिया और उनसे संपर्क करने कोे कहा। "/> भिवानी, हरियाणा के भिवानी में आयोेजित कुश्ती प्रतियोगिता ‘भारत केसरी दंगल’ के दौरान अव्यवस्था का आलम यह रहा कि बुधवार को यहां खेल निदेशक को ही पुलिस ने स्टेडियम में जाने सेे रोक दिया और कई पत्रकार पुलिस के कारण एंट्री पास नहीं बनवा सके। प्रतियोगिता की व्यवस्था को देखने के लिए खेल विभाग के निदेशक भारतीय प्रशासनिक सेवा अधिकारी जगदीप सिंह जब कार्यक्रम की व्यवस्थाओं का जायजा लेने भीम स्टेडियम पहुंचे तो पुलिस ने प्रवेश द्वार पर ही उन्हें रोक दिया।बाद में किसी कर्मचारी ने जब पुलिस कोे सिंह के बारे में बताया तो उन्हें अंदर जाने दिया गया। इस बीच एंट्री पास बनवाने के लिए पहुंचे पत्रकारों को भी स्टेडियम के प्रवेश द्वार पर ही पुलिसवालों ने रोक दिया।पत्रकारों को पुलिसवालों ने पहचान पत्र दिखाने के बावजूद अंदर नहीं जाने दिया। आरोप है कि प्रवेश द्वार पर लोक संपर्क विभाग का कोई भी कर्मचारी मौजूद नहीं था, जो पत्रकारों की पहचान कर उन्हें प्रवेश दिला सकता।इससे कई पत्रकार प्रवेश पास बनवाने से वंचित रह गए। बाद में पत्रकारों ने इस घटना को पुलिस कप्तान के संज्ञान में लाया।उन्होंने स्टेडियम की व्यवस्था देख रहे डीएसपी सिवानी का नंबर पत्रकारों को दिया और उनसे संपर्क करने कोे कहा। "/> भिवानी, हरियाणा के भिवानी में आयोेजित कुश्ती प्रतियोगिता ‘भारत केसरी दंगल’ के दौरान अव्यवस्था का आलम यह रहा कि बुधवार को यहां खेल निदेशक को ही पुलिस ने स्टेडियम में जाने सेे रोक दिया और कई पत्रकार पुलिस के कारण एंट्री पास नहीं बनवा सके। प्रतियोगिता की व्यवस्था को देखने के लिए खेल विभाग के निदेशक भारतीय प्रशासनिक सेवा अधिकारी जगदीप सिंह जब कार्यक्रम की व्यवस्थाओं का जायजा लेने भीम स्टेडियम पहुंचे तो पुलिस ने प्रवेश द्वार पर ही उन्हें रोक दिया।बाद में किसी कर्मचारी ने जब पुलिस कोे सिंह के बारे में बताया तो उन्हें अंदर जाने दिया गया। इस बीच एंट्री पास बनवाने के लिए पहुंचे पत्रकारों को भी स्टेडियम के प्रवेश द्वार पर ही पुलिसवालों ने रोक दिया।पत्रकारों को पुलिसवालों ने पहचान पत्र दिखाने के बावजूद अंदर नहीं जाने दिया। आरोप है कि प्रवेश द्वार पर लोक संपर्क विभाग का कोई भी कर्मचारी मौजूद नहीं था, जो पत्रकारों की पहचान कर उन्हें प्रवेश दिला सकता।इससे कई पत्रकार प्रवेश पास बनवाने से वंचित रह गए। बाद में पत्रकारों ने इस घटना को पुलिस कप्तान के संज्ञान में लाया।उन्होंने स्टेडियम की व्यवस्था देख रहे डीएसपी सिवानी का नंबर पत्रकारों को दिया और उनसे संपर्क करने कोे कहा। ">

खेल निदेशक कोे ही स्टेडियम में जानेे सेे रोेक दिया

2018/03/22



भिवानी, हरियाणा के भिवानी में आयोेजित कुश्ती प्रतियोगिता ‘भारत केसरी दंगल’ के दौरान अव्यवस्था का आलम यह रहा कि बुधवार को यहां खेल निदेशक को ही पुलिस ने स्टेडियम में जाने सेे रोक दिया और कई पत्रकार पुलिस के कारण एंट्री पास नहीं बनवा सके। प्रतियोगिता की व्यवस्था को देखने के लिए खेल विभाग के निदेशक भारतीय प्रशासनिक सेवा अधिकारी जगदीप सिंह जब कार्यक्रम की व्यवस्थाओं का जायजा लेने भीम स्टेडियम पहुंचे तो पुलिस ने प्रवेश द्वार पर ही उन्हें रोक दिया।बाद में किसी कर्मचारी ने जब पुलिस कोे सिंह के बारे में बताया तो उन्हें अंदर जाने दिया गया। इस बीच एंट्री पास बनवाने के लिए पहुंचे पत्रकारों को भी स्टेडियम के प्रवेश द्वार पर ही पुलिसवालों ने रोक दिया।पत्रकारों को पुलिसवालों ने पहचान पत्र दिखाने के बावजूद अंदर नहीं जाने दिया। आरोप है कि प्रवेश द्वार पर लोक संपर्क विभाग का कोई भी कर्मचारी मौजूद नहीं था, जो पत्रकारों की पहचान कर उन्हें प्रवेश दिला सकता।इससे कई पत्रकार प्रवेश पास बनवाने से वंचित रह गए। बाद में पत्रकारों ने इस घटना को पुलिस कप्तान के संज्ञान में लाया।उन्होंने स्टेडियम की व्यवस्था देख रहे डीएसपी सिवानी का नंबर पत्रकारों को दिया और उनसे संपर्क करने कोे कहा।


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