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कार डीलरों के विरूद्ध धोखाधड़ी का मामला दर्ज

2017/12/09



नवभारत न्यूज भोपाल, पिछले चौबीस घंटे में दो कार डीलरों सहित चार धोखाधड़ी के मामले अलग-अलग थानों में दर्ज हुए हैं, जिनमें डॉक्टर को बेटी का एडमीशन करवाने के नाम पर पांच लाख का चूना लगा दिया, तो वहीं मैनेजर ने एक व्यक्ति को आठ लाख की चपत लगा दी. पुलिस ने सभी मामलों में प्रकरण दर्ज कर तलाश शुरू कर दी है. कोलार थाना पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार बहादुरपुर जिला अशोकनगर निवासी 43 वर्षीय डॉ. तनमय पिता जीवन मुखर्जी ने एक शिकायती आवेदन देते हुए बताया कि वह डॉक्टर है और वह अपनी बेटी सोनाली मुखर्जी का एडमीशन करवाने के लिए 15 अक्टूबर को कोलार स्थित मानसरोवर आयुर्वेदिक कॉलेज आए थे. यहां उनकी मुलाकात कटारा हिल्स निवासी रामेश्वर शर्मा से हुई थी. उन्होंने तनमय को बताया था कि उनकी कॉलेज में पहचान है वह उनकी बेटी का एडमीशन करवा देंगे. इससे वह वापस चले गए और 10 दिन बाद रामेश्वर का फोन आया कि उन्होंने एडमीशन की बात कर ली है और वह 5 लाख 15 हजार रुपए लेकर आ जाएं. इससे तनमय रुपए लेकर रामेश्वर के पास पहुंच गए, यहां उनकी मुलाकात शुभम सिंह, मृत्युंजय व आलेख तिवारी से करवाई गई. आलेख तिवारी ने खुद को कॉलेज का अधिकारी बताया और एडमीशन करवाने का पूरा विश्वास दिला दिया. इससे तनमय ने उसे 5 लाख 15 हजार रुपए दे दिए. आलेख ने उन्हें जल्द ही एडमीशन होने की सूचना देने के लिए कहा, लेकिन दो महीने बीत जाने पर भी एडमीशन संबंधी कोई जबाव नहीं आया तो उन्होंने रामेश्वर को फोन लगाकर पूछा, जिससे उसने बहाने बनाना शुरू कर दिया. इस पर वह खुद यहां रुपए लेने आ गए तो चारों ने उन्हें बैंक खाते के चेक थमा दिए जो फर्जी निकले. कोलार पुलिस ने रामेश्वर शर्मा, शुभम सिंह, मृत्युंजय व आलेख तिवारी के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है. वहीं मिसरोद पुलिस के मुताबिक इटन गार्डन निवासी 37 वर्षीय अम्बकेश पिता लखनलाल नामदेव ने पुलिस थाने में शिकायती आवेदन देते हुए बताया कि वह उनका आसमा मॉल मिसरोद में कारोबार है. उनके यहां नितिन डेविड मैनेजर के पद पर पदस्थ है. मैनेजर नितिन ने 27 मार्च 2014 से 23 फरवरी 2016 तक आए करीब 8 लाख 10 हजार रुपए बैंक में जमा न करते हुए उनकी हेराफेरी कर खुद हड़प लिया. रुपए मांगने पर वापस भी नहीं दिया. वहीं अशोकागार्डन थाना पुलिस ने बिन-बिन ऑटो शोरूम के डीलर के खिलाफ तो वहीं मिसरोद थाना पुलिस ने रंजीत निशान ऑटो शोरूम के डीलर के खिलाफ धोखाधड़ी का प्रकरण दर्ज किया है. लाखों का फर्जीवाड़ा मिसरोद पुलिस को 47 वर्षीय विनीता पति रूपेंद्र सक्सेना ने बताया कि उन्होंने 31 मार्च 2016 को मिसरोद के होशंगाबाद रोड स्थित रंजीत निशा ऑटो शोरूम से एक कार करणजीत सिंह के माध्यम से खरीदी थी, जो कि डीलर है, उन्होंने माईका कार को 2016 का बताया था जबकि कार मॉडल 2015 का निकला. इस तरह से उन्होंने फर्जीवाड़ा कर उनसे कार के जरिए लाखों रुपए ले लिए. वहीं अशोकागार्डन पुलिस को 57 वर्षीय हर्ष पिता सतीशचंद विद्यार्थी ने थाने में शिकायती आवेदन देते हुए बताया कि उन्होंने जेके रोड स्थित बिन - बिन ऑटो शोरूम के डीलर अम्रतांश घोष के माध्यम से डस्टर कार खरीदी थी. उन्होंने कार के 11 लाख रुपए उन्हें दिए थे, लेकिन एक साल बाद भी अम्रतांश ने 11 लाख रुपए लेकर जमा नहीं किए है. पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है.


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