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भोपाल,  बच्चों की प्रतिभा एवं उनके कैरियर को एक्जाम में मिले अंको से नही जोडऩा चाहिए. पैरेंट्स को उनकी रूचि को पहचान कर उसी क्षेत्र में आगे बढऩे के लिए प्रोत्साहित करना चाहिए, क्योंकि आज के दौर में खेल, कला, राजनीति, व्यापार एवं चित्रकला में पर्याप्त अवसर हैं. यह बात राज्य के शिक्षा एवं तकनीकी मंत्री दीपक जोशी ने कार्मल कांवेंट स्कूल के स्वर्ण जयंती समारोह को संबोधित करते हुए कही. मंत्री जोशी ने अपने जीवन का अनुभव शेयर करते हुए कहा कि स्कूलों के वार्षिकोत्सव कार्यक्रम में जब मैं जाता हूं तो पुरानी यादे ताजा हो जाती है, इस कार्यक्रम का मेरी जिंदगी में बहुत बड़ा महत्व है. उन्होंने कहा कि मैने कक्षा छठी तक की पढ़ाई गांव में की थी, लेकिन सातवीं की पढ़ाई के लिए मैं भोपाल आ गया. मुझे शहर की भाषा नही आती थी निमाणी बोलता था जिसकी वजह से मैं असहज महसूस करता था लेकिन वार्षिकोत्सव में दिए गये भाषण एवं मिले पुरस्कार ने मुझे आगे बढऩे की प्रेरणा दी. जोशी ने कहा कि पर्यावरण के संरक्षण के लिए स्कूलों को आगे आना चाहिए, बच्चों के एडमीशन के समय पैरंट्स को पेड़ गिफ्ट करें. साथ हीं मंत्री जोशी ने कहा कि एमपी बोर्ड में 75 प्रतिशत एवं सीबीएसई में 85फीसदी अंक प्राप्त करने वाले छात्र-छात्राओं की आगे की पढ़ाई का खर्च सरकार उठाएगी. इस अवसर पर सांसद आलोक संजर, नगर निगम अध्यक्ष सुरजीत सिंह चौहान ,डीजीपी ऋषि शुक्ला ,भेल के कार्यकारी निदेशक डीके ठाकुर तथा आर्कविशप डा. लियो कार्नेलियो, पूर्व सीएस एंटोनी डिसा एवं कार्मल कांवेंट स्कूल की प्राचार्या सिस्टर अनूपा मौजूद थीं."/> भोपाल,  बच्चों की प्रतिभा एवं उनके कैरियर को एक्जाम में मिले अंको से नही जोडऩा चाहिए. पैरेंट्स को उनकी रूचि को पहचान कर उसी क्षेत्र में आगे बढऩे के लिए प्रोत्साहित करना चाहिए, क्योंकि आज के दौर में खेल, कला, राजनीति, व्यापार एवं चित्रकला में पर्याप्त अवसर हैं. यह बात राज्य के शिक्षा एवं तकनीकी मंत्री दीपक जोशी ने कार्मल कांवेंट स्कूल के स्वर्ण जयंती समारोह को संबोधित करते हुए कही. मंत्री जोशी ने अपने जीवन का अनुभव शेयर करते हुए कहा कि स्कूलों के वार्षिकोत्सव कार्यक्रम में जब मैं जाता हूं तो पुरानी यादे ताजा हो जाती है, इस कार्यक्रम का मेरी जिंदगी में बहुत बड़ा महत्व है. उन्होंने कहा कि मैने कक्षा छठी तक की पढ़ाई गांव में की थी, लेकिन सातवीं की पढ़ाई के लिए मैं भोपाल आ गया. मुझे शहर की भाषा नही आती थी निमाणी बोलता था जिसकी वजह से मैं असहज महसूस करता था लेकिन वार्षिकोत्सव में दिए गये भाषण एवं मिले पुरस्कार ने मुझे आगे बढऩे की प्रेरणा दी. जोशी ने कहा कि पर्यावरण के संरक्षण के लिए स्कूलों को आगे आना चाहिए, बच्चों के एडमीशन के समय पैरंट्स को पेड़ गिफ्ट करें. साथ हीं मंत्री जोशी ने कहा कि एमपी बोर्ड में 75 प्रतिशत एवं सीबीएसई में 85फीसदी अंक प्राप्त करने वाले छात्र-छात्राओं की आगे की पढ़ाई का खर्च सरकार उठाएगी. इस अवसर पर सांसद आलोक संजर, नगर निगम अध्यक्ष सुरजीत सिंह चौहान ,डीजीपी ऋषि शुक्ला ,भेल के कार्यकारी निदेशक डीके ठाकुर तथा आर्कविशप डा. लियो कार्नेलियो, पूर्व सीएस एंटोनी डिसा एवं कार्मल कांवेंट स्कूल की प्राचार्या सिस्टर अनूपा मौजूद थीं."/> भोपाल,  बच्चों की प्रतिभा एवं उनके कैरियर को एक्जाम में मिले अंको से नही जोडऩा चाहिए. पैरेंट्स को उनकी रूचि को पहचान कर उसी क्षेत्र में आगे बढऩे के लिए प्रोत्साहित करना चाहिए, क्योंकि आज के दौर में खेल, कला, राजनीति, व्यापार एवं चित्रकला में पर्याप्त अवसर हैं. यह बात राज्य के शिक्षा एवं तकनीकी मंत्री दीपक जोशी ने कार्मल कांवेंट स्कूल के स्वर्ण जयंती समारोह को संबोधित करते हुए कही. मंत्री जोशी ने अपने जीवन का अनुभव शेयर करते हुए कहा कि स्कूलों के वार्षिकोत्सव कार्यक्रम में जब मैं जाता हूं तो पुरानी यादे ताजा हो जाती है, इस कार्यक्रम का मेरी जिंदगी में बहुत बड़ा महत्व है. उन्होंने कहा कि मैने कक्षा छठी तक की पढ़ाई गांव में की थी, लेकिन सातवीं की पढ़ाई के लिए मैं भोपाल आ गया. मुझे शहर की भाषा नही आती थी निमाणी बोलता था जिसकी वजह से मैं असहज महसूस करता था लेकिन वार्षिकोत्सव में दिए गये भाषण एवं मिले पुरस्कार ने मुझे आगे बढऩे की प्रेरणा दी. जोशी ने कहा कि पर्यावरण के संरक्षण के लिए स्कूलों को आगे आना चाहिए, बच्चों के एडमीशन के समय पैरंट्स को पेड़ गिफ्ट करें. साथ हीं मंत्री जोशी ने कहा कि एमपी बोर्ड में 75 प्रतिशत एवं सीबीएसई में 85फीसदी अंक प्राप्त करने वाले छात्र-छात्राओं की आगे की पढ़ाई का खर्च सरकार उठाएगी. इस अवसर पर सांसद आलोक संजर, नगर निगम अध्यक्ष सुरजीत सिंह चौहान ,डीजीपी ऋषि शुक्ला ,भेल के कार्यकारी निदेशक डीके ठाकुर तथा आर्कविशप डा. लियो कार्नेलियो, पूर्व सीएस एंटोनी डिसा एवं कार्मल कांवेंट स्कूल की प्राचार्या सिस्टर अनूपा मौजूद थीं.">

कार्मल कांवेंट स्कूल में स्वर्ण जयंती समारोह मनाया गया

2017/11/27



भोपाल,  बच्चों की प्रतिभा एवं उनके कैरियर को एक्जाम में मिले अंको से नही जोडऩा चाहिए. पैरेंट्स को उनकी रूचि को पहचान कर उसी क्षेत्र में आगे बढऩे के लिए प्रोत्साहित करना चाहिए, क्योंकि आज के दौर में खेल, कला, राजनीति, व्यापार एवं चित्रकला में पर्याप्त अवसर हैं. यह बात राज्य के शिक्षा एवं तकनीकी मंत्री दीपक जोशी ने कार्मल कांवेंट स्कूल के स्वर्ण जयंती समारोह को संबोधित करते हुए कही. मंत्री जोशी ने अपने जीवन का अनुभव शेयर करते हुए कहा कि स्कूलों के वार्षिकोत्सव कार्यक्रम में जब मैं जाता हूं तो पुरानी यादे ताजा हो जाती है, इस कार्यक्रम का मेरी जिंदगी में बहुत बड़ा महत्व है. उन्होंने कहा कि मैने कक्षा छठी तक की पढ़ाई गांव में की थी, लेकिन सातवीं की पढ़ाई के लिए मैं भोपाल आ गया. मुझे शहर की भाषा नही आती थी निमाणी बोलता था जिसकी वजह से मैं असहज महसूस करता था लेकिन वार्षिकोत्सव में दिए गये भाषण एवं मिले पुरस्कार ने मुझे आगे बढऩे की प्रेरणा दी. जोशी ने कहा कि पर्यावरण के संरक्षण के लिए स्कूलों को आगे आना चाहिए, बच्चों के एडमीशन के समय पैरंट्स को पेड़ गिफ्ट करें. साथ हीं मंत्री जोशी ने कहा कि एमपी बोर्ड में 75 प्रतिशत एवं सीबीएसई में 85फीसदी अंक प्राप्त करने वाले छात्र-छात्राओं की आगे की पढ़ाई का खर्च सरकार उठाएगी. इस अवसर पर सांसद आलोक संजर, नगर निगम अध्यक्ष सुरजीत सिंह चौहान ,डीजीपी ऋषि शुक्ला ,भेल के कार्यकारी निदेशक डीके ठाकुर तथा आर्कविशप डा. लियो कार्नेलियो, पूर्व सीएस एंटोनी डिसा एवं कार्मल कांवेंट स्कूल की प्राचार्या सिस्टर अनूपा मौजूद थीं.


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