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नयी दिल्ली, पूर्व केंद्रीय मंत्री पी. चिदम्बरम के पुत्र कार्ति चिदम्बरम ने आईएनएक्स मीडिया मामले में प्रवर्तन निदेशालय के समन आदेश को निरस्त करने को लेकर आज नयी याचिका दायर की, जिस पर कल सुनवाई हो सकती है। कार्ति ने शीर्ष न्यायालय की 23 फरवरी की सलाह पर अमल करते हुए यह नयी याचिका दायर की है।मुख्य न्यायाधीश दीपक मिश्रा की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने गत 23 फरवरी को सुनवाई करते हुए कार्ति को राहत देने से इन्कार कर दिया था, क्योंकि उन्होंने सीबीआई से जुड़े मामले में ही ईडी के समन आदेश को लेकर हस्तक्षेप अर्जी दाखिल की थी। सीबीआई के वकील ने इसका यह कहते हुए विरोध किया था कि सीबीआई और ईडी का मामला अलग-अलग है। गौरतलब है कि ईडी ने एक मार्च को पेश होने के लिए समन आदेश जारी किया था, जिसे निरस्त कराने वह शीर्ष अदालत पहुंचे थे। न्यायालय ने नये सिरे से याचिका दायर करने को कहा था, जिसके बाद कार्ति ने यह याचिका दायर कराई है। कार्ति फिलहाल छह मार्च तक सीबीआई की हिरासत में हैं। उन्हें गत 28 फरवरी को लंदन से चेन्नई हवाई अड्डे पर उतरते वक्त सीबीआई ने हिरासत में ले लिया था और बाद में गिरफ्तार करके उन्हें दिल्ली लाया गया था। कार्ति चिदम्बरम आईएनएक्स मीडिया में करीब 350 करोड़ रुपये के निवेश को विदेशी निवेश संवर्धन बोर्ड (एफआईपीबी) से मंजूरी दिलाने के लिए कमीशन लेने के आरोप में फंसे हैं। उस वक्त उनके पिता पी चिदम्बरम केंद्रीय वित्त मंत्री थे।"/> नयी दिल्ली, पूर्व केंद्रीय मंत्री पी. चिदम्बरम के पुत्र कार्ति चिदम्बरम ने आईएनएक्स मीडिया मामले में प्रवर्तन निदेशालय के समन आदेश को निरस्त करने को लेकर आज नयी याचिका दायर की, जिस पर कल सुनवाई हो सकती है। कार्ति ने शीर्ष न्यायालय की 23 फरवरी की सलाह पर अमल करते हुए यह नयी याचिका दायर की है।मुख्य न्यायाधीश दीपक मिश्रा की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने गत 23 फरवरी को सुनवाई करते हुए कार्ति को राहत देने से इन्कार कर दिया था, क्योंकि उन्होंने सीबीआई से जुड़े मामले में ही ईडी के समन आदेश को लेकर हस्तक्षेप अर्जी दाखिल की थी। सीबीआई के वकील ने इसका यह कहते हुए विरोध किया था कि सीबीआई और ईडी का मामला अलग-अलग है। गौरतलब है कि ईडी ने एक मार्च को पेश होने के लिए समन आदेश जारी किया था, जिसे निरस्त कराने वह शीर्ष अदालत पहुंचे थे। न्यायालय ने नये सिरे से याचिका दायर करने को कहा था, जिसके बाद कार्ति ने यह याचिका दायर कराई है। कार्ति फिलहाल छह मार्च तक सीबीआई की हिरासत में हैं। उन्हें गत 28 फरवरी को लंदन से चेन्नई हवाई अड्डे पर उतरते वक्त सीबीआई ने हिरासत में ले लिया था और बाद में गिरफ्तार करके उन्हें दिल्ली लाया गया था। कार्ति चिदम्बरम आईएनएक्स मीडिया में करीब 350 करोड़ रुपये के निवेश को विदेशी निवेश संवर्धन बोर्ड (एफआईपीबी) से मंजूरी दिलाने के लिए कमीशन लेने के आरोप में फंसे हैं। उस वक्त उनके पिता पी चिदम्बरम केंद्रीय वित्त मंत्री थे।"/> नयी दिल्ली, पूर्व केंद्रीय मंत्री पी. चिदम्बरम के पुत्र कार्ति चिदम्बरम ने आईएनएक्स मीडिया मामले में प्रवर्तन निदेशालय के समन आदेश को निरस्त करने को लेकर आज नयी याचिका दायर की, जिस पर कल सुनवाई हो सकती है। कार्ति ने शीर्ष न्यायालय की 23 फरवरी की सलाह पर अमल करते हुए यह नयी याचिका दायर की है।मुख्य न्यायाधीश दीपक मिश्रा की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने गत 23 फरवरी को सुनवाई करते हुए कार्ति को राहत देने से इन्कार कर दिया था, क्योंकि उन्होंने सीबीआई से जुड़े मामले में ही ईडी के समन आदेश को लेकर हस्तक्षेप अर्जी दाखिल की थी। सीबीआई के वकील ने इसका यह कहते हुए विरोध किया था कि सीबीआई और ईडी का मामला अलग-अलग है। गौरतलब है कि ईडी ने एक मार्च को पेश होने के लिए समन आदेश जारी किया था, जिसे निरस्त कराने वह शीर्ष अदालत पहुंचे थे। न्यायालय ने नये सिरे से याचिका दायर करने को कहा था, जिसके बाद कार्ति ने यह याचिका दायर कराई है। कार्ति फिलहाल छह मार्च तक सीबीआई की हिरासत में हैं। उन्हें गत 28 फरवरी को लंदन से चेन्नई हवाई अड्डे पर उतरते वक्त सीबीआई ने हिरासत में ले लिया था और बाद में गिरफ्तार करके उन्हें दिल्ली लाया गया था। कार्ति चिदम्बरम आईएनएक्स मीडिया में करीब 350 करोड़ रुपये के निवेश को विदेशी निवेश संवर्धन बोर्ड (एफआईपीबी) से मंजूरी दिलाने के लिए कमीशन लेने के आरोप में फंसे हैं। उस वक्त उनके पिता पी चिदम्बरम केंद्रीय वित्त मंत्री थे।">

कार्ति ने दायर की नयी याचिका, मंगलवार को सुनवाई

2018/03/05



नयी दिल्ली, पूर्व केंद्रीय मंत्री पी. चिदम्बरम के पुत्र कार्ति चिदम्बरम ने आईएनएक्स मीडिया मामले में प्रवर्तन निदेशालय के समन आदेश को निरस्त करने को लेकर आज नयी याचिका दायर की, जिस पर कल सुनवाई हो सकती है। कार्ति ने शीर्ष न्यायालय की 23 फरवरी की सलाह पर अमल करते हुए यह नयी याचिका दायर की है।मुख्य न्यायाधीश दीपक मिश्रा की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने गत 23 फरवरी को सुनवाई करते हुए कार्ति को राहत देने से इन्कार कर दिया था, क्योंकि उन्होंने सीबीआई से जुड़े मामले में ही ईडी के समन आदेश को लेकर हस्तक्षेप अर्जी दाखिल की थी। सीबीआई के वकील ने इसका यह कहते हुए विरोध किया था कि सीबीआई और ईडी का मामला अलग-अलग है। गौरतलब है कि ईडी ने एक मार्च को पेश होने के लिए समन आदेश जारी किया था, जिसे निरस्त कराने वह शीर्ष अदालत पहुंचे थे। न्यायालय ने नये सिरे से याचिका दायर करने को कहा था, जिसके बाद कार्ति ने यह याचिका दायर कराई है। कार्ति फिलहाल छह मार्च तक सीबीआई की हिरासत में हैं। उन्हें गत 28 फरवरी को लंदन से चेन्नई हवाई अड्डे पर उतरते वक्त सीबीआई ने हिरासत में ले लिया था और बाद में गिरफ्तार करके उन्हें दिल्ली लाया गया था। कार्ति चिदम्बरम आईएनएक्स मीडिया में करीब 350 करोड़ रुपये के निवेश को विदेशी निवेश संवर्धन बोर्ड (एफआईपीबी) से मंजूरी दिलाने के लिए कमीशन लेने के आरोप में फंसे हैं। उस वक्त उनके पिता पी चिदम्बरम केंद्रीय वित्त मंत्री थे।


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