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नयी दिल्ली,  कारोबारी सुगमता की वैश्विक रैंकिंग पर सवाल खड़े कर रही कांग्रेस पर करारा प्रहार करते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज कहा कि विश्व बैंक चलाने और बिना कुछ किये देश पर 10 साल तक राज करने वाले आज उन पर सवाल उठा रहे हैं जो कुछ कर रहे हैं। श्री मोदी ने यहां कारोबारी सुगमता को लेकर एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि कारोबार की सुगमता का मतलब जीवन की सुगमता है और बीते तीन साल में कर प्रणाली, भविष्य निधि आहरण, बिज़नेस कोर्ट की स्थापना, कंपनी पंजीकरण, निर्माण अनुमति, बिजली संयोजन, पासपोर्ट आदि सेवाओं में सुगमता से न केवल कारोबार बल्कि आम आदमी के जीवन में सुगमता आयी है। उन्होंने कहा, “कुछ लोगों को भारत की रैकिंग 142 से 100 होने की बात समझ नहीं आती। उन्हें कोई फर्क नहीं पड़ता। इनमें से कुछ लोग तो पहले विश्व बैंक में भी रह चुके हैं। वे भी आज भारत की रैंकिंग पर सवाल उठा रहे हैं। किया कुछ नहीं, और जो कर रहा है उस पर सवाल कर रहे हैं।” प्रधानमंत्री ने कहा, “अगर यदि ‘इन्सॉल्वेंसी कोड’, ‘बैंकरप्सी कोड’, ‘कमर्शियल कोर्ट’ जैसे कानूनी सुधार आपके टाइम में ही हो जाते तो हमारी रैकिंग पहले ही सुधर जाती। यह रैंकिंग कांग्रेस के सौभाग्य में आती और देश की स्थिति सुधर जाती। ”"/> नयी दिल्ली,  कारोबारी सुगमता की वैश्विक रैंकिंग पर सवाल खड़े कर रही कांग्रेस पर करारा प्रहार करते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज कहा कि विश्व बैंक चलाने और बिना कुछ किये देश पर 10 साल तक राज करने वाले आज उन पर सवाल उठा रहे हैं जो कुछ कर रहे हैं। श्री मोदी ने यहां कारोबारी सुगमता को लेकर एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि कारोबार की सुगमता का मतलब जीवन की सुगमता है और बीते तीन साल में कर प्रणाली, भविष्य निधि आहरण, बिज़नेस कोर्ट की स्थापना, कंपनी पंजीकरण, निर्माण अनुमति, बिजली संयोजन, पासपोर्ट आदि सेवाओं में सुगमता से न केवल कारोबार बल्कि आम आदमी के जीवन में सुगमता आयी है। उन्होंने कहा, “कुछ लोगों को भारत की रैकिंग 142 से 100 होने की बात समझ नहीं आती। उन्हें कोई फर्क नहीं पड़ता। इनमें से कुछ लोग तो पहले विश्व बैंक में भी रह चुके हैं। वे भी आज भारत की रैंकिंग पर सवाल उठा रहे हैं। किया कुछ नहीं, और जो कर रहा है उस पर सवाल कर रहे हैं।” प्रधानमंत्री ने कहा, “अगर यदि ‘इन्सॉल्वेंसी कोड’, ‘बैंकरप्सी कोड’, ‘कमर्शियल कोर्ट’ जैसे कानूनी सुधार आपके टाइम में ही हो जाते तो हमारी रैकिंग पहले ही सुधर जाती। यह रैंकिंग कांग्रेस के सौभाग्य में आती और देश की स्थिति सुधर जाती। ”"/> नयी दिल्ली,  कारोबारी सुगमता की वैश्विक रैंकिंग पर सवाल खड़े कर रही कांग्रेस पर करारा प्रहार करते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज कहा कि विश्व बैंक चलाने और बिना कुछ किये देश पर 10 साल तक राज करने वाले आज उन पर सवाल उठा रहे हैं जो कुछ कर रहे हैं। श्री मोदी ने यहां कारोबारी सुगमता को लेकर एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि कारोबार की सुगमता का मतलब जीवन की सुगमता है और बीते तीन साल में कर प्रणाली, भविष्य निधि आहरण, बिज़नेस कोर्ट की स्थापना, कंपनी पंजीकरण, निर्माण अनुमति, बिजली संयोजन, पासपोर्ट आदि सेवाओं में सुगमता से न केवल कारोबार बल्कि आम आदमी के जीवन में सुगमता आयी है। उन्होंने कहा, “कुछ लोगों को भारत की रैकिंग 142 से 100 होने की बात समझ नहीं आती। उन्हें कोई फर्क नहीं पड़ता। इनमें से कुछ लोग तो पहले विश्व बैंक में भी रह चुके हैं। वे भी आज भारत की रैंकिंग पर सवाल उठा रहे हैं। किया कुछ नहीं, और जो कर रहा है उस पर सवाल कर रहे हैं।” प्रधानमंत्री ने कहा, “अगर यदि ‘इन्सॉल्वेंसी कोड’, ‘बैंकरप्सी कोड’, ‘कमर्शियल कोर्ट’ जैसे कानूनी सुधार आपके टाइम में ही हो जाते तो हमारी रैकिंग पहले ही सुधर जाती। यह रैंकिंग कांग्रेस के सौभाग्य में आती और देश की स्थिति सुधर जाती। ”">

कारोबारी सुगमता को लेकर मोदी ने कांग्रेस पर किया करारा हमला

2017/11/04



नयी दिल्ली,  कारोबारी सुगमता की वैश्विक रैंकिंग पर सवाल खड़े कर रही कांग्रेस पर करारा प्रहार करते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज कहा कि विश्व बैंक चलाने और बिना कुछ किये देश पर 10 साल तक राज करने वाले आज उन पर सवाल उठा रहे हैं जो कुछ कर रहे हैं। श्री मोदी ने यहां कारोबारी सुगमता को लेकर एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि कारोबार की सुगमता का मतलब जीवन की सुगमता है और बीते तीन साल में कर प्रणाली, भविष्य निधि आहरण, बिज़नेस कोर्ट की स्थापना, कंपनी पंजीकरण, निर्माण अनुमति, बिजली संयोजन, पासपोर्ट आदि सेवाओं में सुगमता से न केवल कारोबार बल्कि आम आदमी के जीवन में सुगमता आयी है। उन्होंने कहा, “कुछ लोगों को भारत की रैकिंग 142 से 100 होने की बात समझ नहीं आती। उन्हें कोई फर्क नहीं पड़ता। इनमें से कुछ लोग तो पहले विश्व बैंक में भी रह चुके हैं। वे भी आज भारत की रैंकिंग पर सवाल उठा रहे हैं। किया कुछ नहीं, और जो कर रहा है उस पर सवाल कर रहे हैं।” प्रधानमंत्री ने कहा, “अगर यदि ‘इन्सॉल्वेंसी कोड’, ‘बैंकरप्सी कोड’, ‘कमर्शियल कोर्ट’ जैसे कानूनी सुधार आपके टाइम में ही हो जाते तो हमारी रैकिंग पहले ही सुधर जाती। यह रैंकिंग कांग्रेस के सौभाग्य में आती और देश की स्थिति सुधर जाती। ”


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