Breaking News :

भोपाल,  मध्यप्रदेश मानव अधिकार आयोग ने राजधानी भोपाल के काटजू अस्पताल में पिछले 11 दिसंबर को एक प्रसूता की मृत्यु के मामले में अस्पताल के चिकित्सकों को तलब किया है। आयोग की ओर से आज यहां जारी विज्ञप्ति के अनुसार काटजू अस्पताल में प्रसूता सुमन की विगत 11 दिसंबर को हुई मृत्यु के मामले में अस्पताल की अधीक्षक डाॅ. आभा शुक्ला सहित डाॅ.नीलम धवन, डाॅ. उषा ग्रोवर, स्टाफ नर्स हेमलता ठाकुर और संविदा स्टाफ नर्स दीपमाला को धारा-16 मानव अधिकार संरक्षण अधिनियम, 1993 के तहत नोटिस जारी कर कहा है कि क्यों न इनके खिलाफ क्षतिपूर्ति राशि दिये जाने और विभागीय कार्यवाही की अनुशंसा की जाये। आयोग ने इन सभी को 28 फरवरी को आयोग के समक्ष उपस्थित होकर लिखित जवाब प्रस्तुत करने के लिए कहा है। आयोग ने प्रकरण में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी और जांच दल की रिपोर्ट के अध्ययन में पाया कि प्रसूता सुमन की प्रसव के दौरान मृत्यु के मामले में काटजू चिकित्सालय के संबंधित चिकित्सकों द्वारा लापरवाही बरती गयी और वे ही इस घटना के जिम्मेदार भी हैं। आयोग ने इस सिलसिले में प्रमुख सचिव, लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग से आयुक्त, स्वास्थ्य के जरिए प्रतिवेदन चाहा है।"/> भोपाल,  मध्यप्रदेश मानव अधिकार आयोग ने राजधानी भोपाल के काटजू अस्पताल में पिछले 11 दिसंबर को एक प्रसूता की मृत्यु के मामले में अस्पताल के चिकित्सकों को तलब किया है। आयोग की ओर से आज यहां जारी विज्ञप्ति के अनुसार काटजू अस्पताल में प्रसूता सुमन की विगत 11 दिसंबर को हुई मृत्यु के मामले में अस्पताल की अधीक्षक डाॅ. आभा शुक्ला सहित डाॅ.नीलम धवन, डाॅ. उषा ग्रोवर, स्टाफ नर्स हेमलता ठाकुर और संविदा स्टाफ नर्स दीपमाला को धारा-16 मानव अधिकार संरक्षण अधिनियम, 1993 के तहत नोटिस जारी कर कहा है कि क्यों न इनके खिलाफ क्षतिपूर्ति राशि दिये जाने और विभागीय कार्यवाही की अनुशंसा की जाये। आयोग ने इन सभी को 28 फरवरी को आयोग के समक्ष उपस्थित होकर लिखित जवाब प्रस्तुत करने के लिए कहा है। आयोग ने प्रकरण में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी और जांच दल की रिपोर्ट के अध्ययन में पाया कि प्रसूता सुमन की प्रसव के दौरान मृत्यु के मामले में काटजू चिकित्सालय के संबंधित चिकित्सकों द्वारा लापरवाही बरती गयी और वे ही इस घटना के जिम्मेदार भी हैं। आयोग ने इस सिलसिले में प्रमुख सचिव, लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग से आयुक्त, स्वास्थ्य के जरिए प्रतिवेदन चाहा है।"/> भोपाल,  मध्यप्रदेश मानव अधिकार आयोग ने राजधानी भोपाल के काटजू अस्पताल में पिछले 11 दिसंबर को एक प्रसूता की मृत्यु के मामले में अस्पताल के चिकित्सकों को तलब किया है। आयोग की ओर से आज यहां जारी विज्ञप्ति के अनुसार काटजू अस्पताल में प्रसूता सुमन की विगत 11 दिसंबर को हुई मृत्यु के मामले में अस्पताल की अधीक्षक डाॅ. आभा शुक्ला सहित डाॅ.नीलम धवन, डाॅ. उषा ग्रोवर, स्टाफ नर्स हेमलता ठाकुर और संविदा स्टाफ नर्स दीपमाला को धारा-16 मानव अधिकार संरक्षण अधिनियम, 1993 के तहत नोटिस जारी कर कहा है कि क्यों न इनके खिलाफ क्षतिपूर्ति राशि दिये जाने और विभागीय कार्यवाही की अनुशंसा की जाये। आयोग ने इन सभी को 28 फरवरी को आयोग के समक्ष उपस्थित होकर लिखित जवाब प्रस्तुत करने के लिए कहा है। आयोग ने प्रकरण में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी और जांच दल की रिपोर्ट के अध्ययन में पाया कि प्रसूता सुमन की प्रसव के दौरान मृत्यु के मामले में काटजू चिकित्सालय के संबंधित चिकित्सकों द्वारा लापरवाही बरती गयी और वे ही इस घटना के जिम्मेदार भी हैं। आयोग ने इस सिलसिले में प्रमुख सचिव, लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग से आयुक्त, स्वास्थ्य के जरिए प्रतिवेदन चाहा है।">

काटजू अस्पताल में प्रसूता की मौत पर डॉक्टर्स तलब

2017/01/25



भोपाल,  मध्यप्रदेश मानव अधिकार आयोग ने राजधानी भोपाल के काटजू अस्पताल में पिछले 11 दिसंबर को एक प्रसूता की मृत्यु के मामले में अस्पताल के चिकित्सकों को तलब किया है। आयोग की ओर से आज यहां जारी विज्ञप्ति के अनुसार काटजू अस्पताल में प्रसूता सुमन की विगत 11 दिसंबर को हुई मृत्यु के मामले में अस्पताल की अधीक्षक डाॅ. आभा शुक्ला सहित डाॅ.नीलम धवन, डाॅ. उषा ग्रोवर, स्टाफ नर्स हेमलता ठाकुर और संविदा स्टाफ नर्स दीपमाला को धारा-16 मानव अधिकार संरक्षण अधिनियम, 1993 के तहत नोटिस जारी कर कहा है कि क्यों न इनके खिलाफ क्षतिपूर्ति राशि दिये जाने और विभागीय कार्यवाही की अनुशंसा की जाये। आयोग ने इन सभी को 28 फरवरी को आयोग के समक्ष उपस्थित होकर लिखित जवाब प्रस्तुत करने के लिए कहा है। आयोग ने प्रकरण में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी और जांच दल की रिपोर्ट के अध्ययन में पाया कि प्रसूता सुमन की प्रसव के दौरान मृत्यु के मामले में काटजू चिकित्सालय के संबंधित चिकित्सकों द्वारा लापरवाही बरती गयी और वे ही इस घटना के जिम्मेदार भी हैं। आयोग ने इस सिलसिले में प्रमुख सचिव, लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग से आयुक्त, स्वास्थ्य के जरिए प्रतिवेदन चाहा है।


Opinions expressed in the comments are not reflective of Nava Bharat. Comments are moderated automatically.

Related Posts