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कांग्रेस के जनवेदना सम्मेलन में मोदी सरकार पर बिफरे कांग्रेस के वरिष्ठ नेता

2017/01/25



` भोपाल,  नोटबंदी के कारण जनता को हो रही परेशानियों के सामने लाने के लिये कांग्रेस द्वारा आयोजित जनवेदना सम्मेलन में भोपाल में जनवेदना सम्मेलन में नेताओं ने जनता के कष्टों के बारे में सोचे बगैर नोटबंदी करने के लिये प्रधानमंत्री मोदी की तीखी आलोचना की. उन्होंने कहा कि मोदी ने अपनी छवि बनाने के लिये यह कदम उठाया और सवाल किया कि 12 लाख के सूट की चार करोड़ की नीलामी को लेकर बताएंगे कि इनमें काले धन की क्या भूमिका थी. रोशनपुरा चौराहे पर प्रदेश कांग्रेस कमेटी द्वारा जवाहर भवन में आयोजित इस कार्यक्रम में अ.भा.कांग्रेस कमेटी के प्रभारी महामंत्री मोहनप्रकाश, पूर्व केंद्रीय मंत्री सुरेश पचौरी, सांसद कांतिलाल भूरिया, प्रदेषाध्यक्ष अरुण यादव, पूर्व गृह राज्यमंत्री भंवर जितेन्द्रसिंह, दिल्ली प्रदेश कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष अरविंदरसिंह लवली, पूर्व नेता प्रतिपक्ष मप्र विधानसभा अजयसिंह व कार्यकारी नेता प्रतिपक्ष बाला बच्चन सहित कई वरिष्ठ नेतागणों ने भी इस जनवेदना सम्मेलन में शिरकत की. कांग्रेसी कार्यकर्ताओं में भी काफी जोश देखा गया. नेताओं ने अपने संबोधन में सवाल किया कि नोटबंदी से छाई वित्तीय अराजकता और कुप्रबंधन के लिये दोषी कौन है. उन्हें कब सजा मिलेगी. प्रभारी महासचिव प्रकाश ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी, उनकी कार्यप्रणाली, गरीब विरोधी नीतियों, नोटबंदी और उसके बाद नोटबंदी की नोटंकी पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि बिना किसी ठोस रणनीति के मोदी द्वारा लिये गये तुगलकी फरमान से समूचा देश, विशेष हमारी मां - बहने हलाकान हैं. पहले हमले में किसानों की जमीनों पर हाथ मारा, छह अध्यादेश लाकर भी कांग्रेस सहित अन्य विपक्षी दलों की एकजुटतो के कारण पूंजीपतियों को समर्पित यह अध्यादेश केंद्र सरकार लागू नहीं कर पाई. उसके बाद योजना आयोग जो किसी राजनैतिक दल का ना होकर समूचे देश के लिए काम करता है, को निशाना बनाया. फिर बहुपयोगी रेल मंत्रालय के बजट को आम बजट में शामिल करने की मनमानी जाहिर की. अब रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया जो एक संवैधानिक संस्था है, के गर्वनर को कमजोर करते हुए अपनी तुनकमिजाजी के चलते उसे विश्वास में लिये बगैर नोटबंदी का फरमान जारी कर दिया, जिससे पूरे देश में वित्तीय आपातकाल की स्थिति ना केवल निर्मित हुई है, बल्कि इसके दूरगामी परिणाम भी घातक होते दिखाई दे रहे हैं. पूर्व केंद्रीय मंत्री सुरेश पचौरी ने प्रधानमंत्री मोदी के साथ वित्त मंत्री अरूण जेटली के विरोधाभासी बयानों पर निशाना साधते हुए कहा कि प्रधानमंत्री अपने नोटबंदी के निर्णय को लेकर नकली करंसी एक मुख्य कारण बता रहे हैं, तब जेटली कहते हैं कि 50 दिन में बैंकों में जितनी राशि जमा हुई है उसमें नकली करंसी नहीं मिली. प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अरूण यादव ने केंद्र और राज्य सरकार को गरीब, न्याय, इंसानियत और इंसाफ विरोधी करार देते हुए कहा कि ये सरकारें कुछ उद्योगपतियों के इशारे पर संचालित हो रही हैं और इन 1 प्रतिशत काली कमाई करने वालों का सहयोग करने के लिए मोदी ने देश की 99 प्रतिशत आबादी को आर्थिक आपातकाल की ओर धकेल दिया है, जिससे लघु और मध्यम उद्योग, किसान, गरीब-मध्यमवर्गीय परिवार जहां परेशान हैं, वहीं लगभग 1 करोड़ नौजवानों और मजदूरों के रोजगार छिन गये हैं. नोटबंदी को लेकर जारी राष्ट्रव्यापी अभियान के सह - संयोजक पूर्व केंद्रीय गृह राज्यमंत्री भंवर जितेन्द्रसिंह ने ''जन-वेदना सम्मेलनÓÓ में ऐतिहासिक उपस्थिति और अनुशासित आयोजन को लेकर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अरूण यादव को बधाई देते हुए आंदोलन के दूसरे चरण की कार्ययोजना प्रस्तुत करते हुए कहा कि समूचे देश में जन-वेदना सम्मेलन के सफल आयोजनों के बाद अब ब्लाक स्तरीय जन-वेदना पंचायतें आयोजित होंगी. मध्यप्रदेश में भी लगभग 250-300 ब्लाकों में ऐसी पंचायतें होंगी. मार्च माह के प्रथम सप्ताह तक ये पंचायतें चलेंगी.


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