Breaking News :

कमेटी में सोनिया, मनमोहन समेत 34 को मिली जगह

नई दिल्ली, कांग्रेस अध्यक्ष बनने के बाद राहुल गांधी अपनी पार्टी में सबसे बड़े बदलाव की तरफ कदम बढ़ाने जा रहे हैं. कांग्रेस की सबसे बड़ी फैसला लेने वाली बॉडी कार्यसमिति को राहुल गांधी ने भंग कर दिया है. इसके बाद कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने बैठक के बाद 34 सदस्यों की एक संचालक कमेटी बनाई है. तकनीकी तौर पर कार्य समिति भंग होते ही वह स्टीयरिंग कमेटी में तब्दील हो जाती है जो अगले महीने यानी 17-18 मार्च को दिल्ली में संभावित पार्टी के अधिवेशन तक कार्यवाहक तौर पर बनी रहेगी. बैठक में कश्मीर और पीएनबी घोटाले पर चर्चा होगी. हालांकि पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने आलाकमान के सामने मोहाली में अधिवेशन कराने का प्रस्ताव रखा है इस कार्यसमिति में देश के मौजूदा राजनीतिक मुद्दों पर चर्चा की जाएगी इनमें पीएनबी घोटाला भी शामिल है. इसके अलावा जम्मू कश्मीर के हालात और पाकिस्तान के साथ संबंधों पर चर्चा की जाएगी. कांग्रेस के संगठन महासचिव जनार्दन द्विवेदी ने कहा कि कि जब भी पार्टी का नया अध्यक्ष चुना जाता है तब औपचारिक तौर पर एक कांग्रेस वर्किंग कमेटी बुलाई जाती है इसी के तहत यह बैठक बुलाई गई है. कुल मिलाकर कार्य समिति का गठन होते ही राहुल गांधी की टीम सामने आ जाएगी और कांग्रेस संगठन में सोनिया गांधी का सियासी युग समाप्त हो जाएगा राहुल गांधी ने इसी टीम के सहारे कांग्रेस की जमीन को मजबूत करने में लग जाएंगे. अधिवेशन में नई कार्य समिति के गठन की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाएगा. कांग्रेस अध्यक्ष समेत कार्य समिति में कुल 25 सदस्य होते हैं जिसमें 12 का चुनाव होता है और 12 पार्टी अध्यक्ष द्वारा मनोनीत होते हैं.

समिति के सदस्य

राहुल गांधी सोनिया गांधी मनमोहन सिंह ए के एंटोनी अहमद पटेल अम्बिका सोनी बी के हरी प्रसाद सी पी जोशी दिग्विजय सिंह गुलाम नबी आजाद हेमो परोवो सैकिया जनार्दन द्विवेदी कमलनाथ मोहन प्रकाश मोतीलाल वोरा मुकुल वासनिक सुशीला त्रिया मल्लिकाजुर्न खडगे अशोक गहलोत के सी वेणुगोपाल अविनाश पांडा सुशील कुमार शिंदे दीपक बाबरिया पी सी चाको आशा कुमारी ए चेल्ला कुमार आर पी एन सिंह पी एल पूनिया आर सी कुंतई कर्ण सिंह पी चिदम्बरम आस्कर फर्नांडीज आनंद शर्मा रणदीप सिंह सुरजेवाला सूत्रों के मुताबिक राहुल गांधी के पार्टी अध्यक्ष के चुनाव के तर्ज पर कार्य समिति के 12 सदस्यों की चुनावी प्रक्रिया होगी लेकिन 12 ही लोगों के नामांकन भरने की सूरत में मतदान की नौबत शायद ही आए बाकी 12 सदस्यों को राहुल खुद मनोनीत करेंगे. कुछ इस तरह अधिवेशन में कांग्रेस की नई कार्य समिति का गठन हो जाएगा लेकिन सूत्रों का कहना है कि इसमें से कई पुराने सदस्यों की छुट्टी होगी तो कुछ पुराने सदस्य बरकरार भी रहेंगे. कई नए सदस्यों की एंट्री भी होगी जिन्हें राहुल का करीबी माना जाता है नामों को लेकर टीम राहुल लगातार माथापच्ची और राय-मशविरा कर रही है."/>

कमेटी में सोनिया, मनमोहन समेत 34 को मिली जगह

नई दिल्ली, कांग्रेस अध्यक्ष बनने के बाद राहुल गांधी अपनी पार्टी में सबसे बड़े बदलाव की तरफ कदम बढ़ाने जा रहे हैं. कांग्रेस की सबसे बड़ी फैसला लेने वाली बॉडी कार्यसमिति को राहुल गांधी ने भंग कर दिया है. इसके बाद कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने बैठक के बाद 34 सदस्यों की एक संचालक कमेटी बनाई है. तकनीकी तौर पर कार्य समिति भंग होते ही वह स्टीयरिंग कमेटी में तब्दील हो जाती है जो अगले महीने यानी 17-18 मार्च को दिल्ली में संभावित पार्टी के अधिवेशन तक कार्यवाहक तौर पर बनी रहेगी. बैठक में कश्मीर और पीएनबी घोटाले पर चर्चा होगी. हालांकि पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने आलाकमान के सामने मोहाली में अधिवेशन कराने का प्रस्ताव रखा है इस कार्यसमिति में देश के मौजूदा राजनीतिक मुद्दों पर चर्चा की जाएगी इनमें पीएनबी घोटाला भी शामिल है. इसके अलावा जम्मू कश्मीर के हालात और पाकिस्तान के साथ संबंधों पर चर्चा की जाएगी. कांग्रेस के संगठन महासचिव जनार्दन द्विवेदी ने कहा कि कि जब भी पार्टी का नया अध्यक्ष चुना जाता है तब औपचारिक तौर पर एक कांग्रेस वर्किंग कमेटी बुलाई जाती है इसी के तहत यह बैठक बुलाई गई है. कुल मिलाकर कार्य समिति का गठन होते ही राहुल गांधी की टीम सामने आ जाएगी और कांग्रेस संगठन में सोनिया गांधी का सियासी युग समाप्त हो जाएगा राहुल गांधी ने इसी टीम के सहारे कांग्रेस की जमीन को मजबूत करने में लग जाएंगे. अधिवेशन में नई कार्य समिति के गठन की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाएगा. कांग्रेस अध्यक्ष समेत कार्य समिति में कुल 25 सदस्य होते हैं जिसमें 12 का चुनाव होता है और 12 पार्टी अध्यक्ष द्वारा मनोनीत होते हैं.

समिति के सदस्य

राहुल गांधी सोनिया गांधी मनमोहन सिंह ए के एंटोनी अहमद पटेल अम्बिका सोनी बी के हरी प्रसाद सी पी जोशी दिग्विजय सिंह गुलाम नबी आजाद हेमो परोवो सैकिया जनार्दन द्विवेदी कमलनाथ मोहन प्रकाश मोतीलाल वोरा मुकुल वासनिक सुशीला त्रिया मल्लिकाजुर्न खडगे अशोक गहलोत के सी वेणुगोपाल अविनाश पांडा सुशील कुमार शिंदे दीपक बाबरिया पी सी चाको आशा कुमारी ए चेल्ला कुमार आर पी एन सिंह पी एल पूनिया आर सी कुंतई कर्ण सिंह पी चिदम्बरम आस्कर फर्नांडीज आनंद शर्मा रणदीप सिंह सुरजेवाला सूत्रों के मुताबिक राहुल गांधी के पार्टी अध्यक्ष के चुनाव के तर्ज पर कार्य समिति के 12 सदस्यों की चुनावी प्रक्रिया होगी लेकिन 12 ही लोगों के नामांकन भरने की सूरत में मतदान की नौबत शायद ही आए बाकी 12 सदस्यों को राहुल खुद मनोनीत करेंगे. कुछ इस तरह अधिवेशन में कांग्रेस की नई कार्य समिति का गठन हो जाएगा लेकिन सूत्रों का कहना है कि इसमें से कई पुराने सदस्यों की छुट्टी होगी तो कुछ पुराने सदस्य बरकरार भी रहेंगे. कई नए सदस्यों की एंट्री भी होगी जिन्हें राहुल का करीबी माना जाता है नामों को लेकर टीम राहुल लगातार माथापच्ची और राय-मशविरा कर रही है."/>

कमेटी में सोनिया, मनमोहन समेत 34 को मिली जगह

नई दिल्ली, कांग्रेस अध्यक्ष बनने के बाद राहुल गांधी अपनी पार्टी में सबसे बड़े बदलाव की तरफ कदम बढ़ाने जा रहे हैं. कांग्रेस की सबसे बड़ी फैसला लेने वाली बॉडी कार्यसमिति को राहुल गांधी ने भंग कर दिया है. इसके बाद कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने बैठक के बाद 34 सदस्यों की एक संचालक कमेटी बनाई है. तकनीकी तौर पर कार्य समिति भंग होते ही वह स्टीयरिंग कमेटी में तब्दील हो जाती है जो अगले महीने यानी 17-18 मार्च को दिल्ली में संभावित पार्टी के अधिवेशन तक कार्यवाहक तौर पर बनी रहेगी. बैठक में कश्मीर और पीएनबी घोटाले पर चर्चा होगी. हालांकि पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने आलाकमान के सामने मोहाली में अधिवेशन कराने का प्रस्ताव रखा है इस कार्यसमिति में देश के मौजूदा राजनीतिक मुद्दों पर चर्चा की जाएगी इनमें पीएनबी घोटाला भी शामिल है. इसके अलावा जम्मू कश्मीर के हालात और पाकिस्तान के साथ संबंधों पर चर्चा की जाएगी. कांग्रेस के संगठन महासचिव जनार्दन द्विवेदी ने कहा कि कि जब भी पार्टी का नया अध्यक्ष चुना जाता है तब औपचारिक तौर पर एक कांग्रेस वर्किंग कमेटी बुलाई जाती है इसी के तहत यह बैठक बुलाई गई है. कुल मिलाकर कार्य समिति का गठन होते ही राहुल गांधी की टीम सामने आ जाएगी और कांग्रेस संगठन में सोनिया गांधी का सियासी युग समाप्त हो जाएगा राहुल गांधी ने इसी टीम के सहारे कांग्रेस की जमीन को मजबूत करने में लग जाएंगे. अधिवेशन में नई कार्य समिति के गठन की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाएगा. कांग्रेस अध्यक्ष समेत कार्य समिति में कुल 25 सदस्य होते हैं जिसमें 12 का चुनाव होता है और 12 पार्टी अध्यक्ष द्वारा मनोनीत होते हैं.

समिति के सदस्य

राहुल गांधी सोनिया गांधी मनमोहन सिंह ए के एंटोनी अहमद पटेल अम्बिका सोनी बी के हरी प्रसाद सी पी जोशी दिग्विजय सिंह गुलाम नबी आजाद हेमो परोवो सैकिया जनार्दन द्विवेदी कमलनाथ मोहन प्रकाश मोतीलाल वोरा मुकुल वासनिक सुशीला त्रिया मल्लिकाजुर्न खडगे अशोक गहलोत के सी वेणुगोपाल अविनाश पांडा सुशील कुमार शिंदे दीपक बाबरिया पी सी चाको आशा कुमारी ए चेल्ला कुमार आर पी एन सिंह पी एल पूनिया आर सी कुंतई कर्ण सिंह पी चिदम्बरम आस्कर फर्नांडीज आनंद शर्मा रणदीप सिंह सुरजेवाला सूत्रों के मुताबिक राहुल गांधी के पार्टी अध्यक्ष के चुनाव के तर्ज पर कार्य समिति के 12 सदस्यों की चुनावी प्रक्रिया होगी लेकिन 12 ही लोगों के नामांकन भरने की सूरत में मतदान की नौबत शायद ही आए बाकी 12 सदस्यों को राहुल खुद मनोनीत करेंगे. कुछ इस तरह अधिवेशन में कांग्रेस की नई कार्य समिति का गठन हो जाएगा लेकिन सूत्रों का कहना है कि इसमें से कई पुराने सदस्यों की छुट्टी होगी तो कुछ पुराने सदस्य बरकरार भी रहेंगे. कई नए सदस्यों की एंट्री भी होगी जिन्हें राहुल का करीबी माना जाता है नामों को लेकर टीम राहुल लगातार माथापच्ची और राय-मशविरा कर रही है.">

कांग्रेस कार्य समिति की जगह अब स्टीयरिंग कमेटी

2018/02/17



कमेटी में सोनिया, मनमोहन समेत 34 को मिली जगह

नई दिल्ली, कांग्रेस अध्यक्ष बनने के बाद राहुल गांधी अपनी पार्टी में सबसे बड़े बदलाव की तरफ कदम बढ़ाने जा रहे हैं. कांग्रेस की सबसे बड़ी फैसला लेने वाली बॉडी कार्यसमिति को राहुल गांधी ने भंग कर दिया है. इसके बाद कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने बैठक के बाद 34 सदस्यों की एक संचालक कमेटी बनाई है. तकनीकी तौर पर कार्य समिति भंग होते ही वह स्टीयरिंग कमेटी में तब्दील हो जाती है जो अगले महीने यानी 17-18 मार्च को दिल्ली में संभावित पार्टी के अधिवेशन तक कार्यवाहक तौर पर बनी रहेगी. बैठक में कश्मीर और पीएनबी घोटाले पर चर्चा होगी. हालांकि पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने आलाकमान के सामने मोहाली में अधिवेशन कराने का प्रस्ताव रखा है इस कार्यसमिति में देश के मौजूदा राजनीतिक मुद्दों पर चर्चा की जाएगी इनमें पीएनबी घोटाला भी शामिल है. इसके अलावा जम्मू कश्मीर के हालात और पाकिस्तान के साथ संबंधों पर चर्चा की जाएगी. कांग्रेस के संगठन महासचिव जनार्दन द्विवेदी ने कहा कि कि जब भी पार्टी का नया अध्यक्ष चुना जाता है तब औपचारिक तौर पर एक कांग्रेस वर्किंग कमेटी बुलाई जाती है इसी के तहत यह बैठक बुलाई गई है. कुल मिलाकर कार्य समिति का गठन होते ही राहुल गांधी की टीम सामने आ जाएगी और कांग्रेस संगठन में सोनिया गांधी का सियासी युग समाप्त हो जाएगा राहुल गांधी ने इसी टीम के सहारे कांग्रेस की जमीन को मजबूत करने में लग जाएंगे. अधिवेशन में नई कार्य समिति के गठन की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाएगा. कांग्रेस अध्यक्ष समेत कार्य समिति में कुल 25 सदस्य होते हैं जिसमें 12 का चुनाव होता है और 12 पार्टी अध्यक्ष द्वारा मनोनीत होते हैं.

समिति के सदस्य

राहुल गांधी सोनिया गांधी मनमोहन सिंह ए के एंटोनी अहमद पटेल अम्बिका सोनी बी के हरी प्रसाद सी पी जोशी दिग्विजय सिंह गुलाम नबी आजाद हेमो परोवो सैकिया जनार्दन द्विवेदी कमलनाथ मोहन प्रकाश मोतीलाल वोरा मुकुल वासनिक सुशीला त्रिया मल्लिकाजुर्न खडगे अशोक गहलोत के सी वेणुगोपाल अविनाश पांडा सुशील कुमार शिंदे दीपक बाबरिया पी सी चाको आशा कुमारी ए चेल्ला कुमार आर पी एन सिंह पी एल पूनिया आर सी कुंतई कर्ण सिंह पी चिदम्बरम आस्कर फर्नांडीज आनंद शर्मा रणदीप सिंह सुरजेवाला सूत्रों के मुताबिक राहुल गांधी के पार्टी अध्यक्ष के चुनाव के तर्ज पर कार्य समिति के 12 सदस्यों की चुनावी प्रक्रिया होगी लेकिन 12 ही लोगों के नामांकन भरने की सूरत में मतदान की नौबत शायद ही आए बाकी 12 सदस्यों को राहुल खुद मनोनीत करेंगे. कुछ इस तरह अधिवेशन में कांग्रेस की नई कार्य समिति का गठन हो जाएगा लेकिन सूत्रों का कहना है कि इसमें से कई पुराने सदस्यों की छुट्टी होगी तो कुछ पुराने सदस्य बरकरार भी रहेंगे. कई नए सदस्यों की एंट्री भी होगी जिन्हें राहुल का करीबी माना जाता है नामों को लेकर टीम राहुल लगातार माथापच्ची और राय-मशविरा कर रही है.


Opinions expressed in the comments are not reflective of Nava Bharat. Comments are moderated automatically.

Related Posts