Breaking News :

मुंबई, बॉलीवुड अभिनेत्री ऋचा चड्ढा का कहना है कि वह फिल्म की कहानी की योग्यता के आधार पर ही किसी फिल्म के लिए हामी भरती हैं। ‘ओए लक्की! लक्की ओए!’, ‘गैंग्स ऑफ वासेपुर’, ‘मसान’ और ‘सरबजीत’ जैसी फिल्मों का हिस्सा रहीं ऋचा की ‘जिया और जिया’ को छोडक़र ज्यादातर फिल्में बॉक्स-ऑफिस पर सफल रही हैं। असमान्य फिल्मों के चयन को लेकर पूछे गए सवाल पर ऋचा ने कहा, “मैं फिल्मों की क्षमता के आधार पर ही उनका चयन करती हूं, लेकिन हमें समझना पड़ता है कि कभी-कभी कागज पर कहानी जैसी दिखती है, पर्दे पर आने के बाद वह वैसी नहीं दिखती।” ऋचा ने कहा , “कुछ कहानियां निर्माण की प्रक्रिया में खो जाती हैं। मेरी फिल्म ‘जिया और जिया’ के साथ भी यही समस्या रही। हालांकि एक अभिनेत्री के रूप में, मैं समझती हूं कि यह फिल्म गलत निर्देशन की ओर जा रही है, लेकिन मैं इस मामले में ज्यादा कुछ नहीं कर सकती।”हालांकि, वह काफी उत्साहित हैं, क्योंकि उनकी दो फिल्में - ‘दास देव’ और ‘3 स्टोरीज’ रिलीज के लिए तैयार हैं, जिनसे उन्हें काफी उम्मीदें हैं। वर्ष 2003 में सूरज बड़जात्या ने मैं प्रेम की दीवानी का निर्देशन किया। यह फिल्म उनके दादा ताराचंद बड़जात्या के बैनर राजश्री प्रोडक्शन के तले बनी चितचोर की रिमेक थी। मैं प्रेम की दीवानी हूँ में ऋतिक रौशन.अभिषेक बच्चन और करीना कपूर ने मुख्य भूमिका निभायी थी लेकिन यह फिल्म टिकट खिड़की पर बेअसर साबित हुयी।"/> मुंबई, बॉलीवुड अभिनेत्री ऋचा चड्ढा का कहना है कि वह फिल्म की कहानी की योग्यता के आधार पर ही किसी फिल्म के लिए हामी भरती हैं। ‘ओए लक्की! लक्की ओए!’, ‘गैंग्स ऑफ वासेपुर’, ‘मसान’ और ‘सरबजीत’ जैसी फिल्मों का हिस्सा रहीं ऋचा की ‘जिया और जिया’ को छोडक़र ज्यादातर फिल्में बॉक्स-ऑफिस पर सफल रही हैं। असमान्य फिल्मों के चयन को लेकर पूछे गए सवाल पर ऋचा ने कहा, “मैं फिल्मों की क्षमता के आधार पर ही उनका चयन करती हूं, लेकिन हमें समझना पड़ता है कि कभी-कभी कागज पर कहानी जैसी दिखती है, पर्दे पर आने के बाद वह वैसी नहीं दिखती।” ऋचा ने कहा , “कुछ कहानियां निर्माण की प्रक्रिया में खो जाती हैं। मेरी फिल्म ‘जिया और जिया’ के साथ भी यही समस्या रही। हालांकि एक अभिनेत्री के रूप में, मैं समझती हूं कि यह फिल्म गलत निर्देशन की ओर जा रही है, लेकिन मैं इस मामले में ज्यादा कुछ नहीं कर सकती।”हालांकि, वह काफी उत्साहित हैं, क्योंकि उनकी दो फिल्में - ‘दास देव’ और ‘3 स्टोरीज’ रिलीज के लिए तैयार हैं, जिनसे उन्हें काफी उम्मीदें हैं। वर्ष 2003 में सूरज बड़जात्या ने मैं प्रेम की दीवानी का निर्देशन किया। यह फिल्म उनके दादा ताराचंद बड़जात्या के बैनर राजश्री प्रोडक्शन के तले बनी चितचोर की रिमेक थी। मैं प्रेम की दीवानी हूँ में ऋतिक रौशन.अभिषेक बच्चन और करीना कपूर ने मुख्य भूमिका निभायी थी लेकिन यह फिल्म टिकट खिड़की पर बेअसर साबित हुयी।"/> मुंबई, बॉलीवुड अभिनेत्री ऋचा चड्ढा का कहना है कि वह फिल्म की कहानी की योग्यता के आधार पर ही किसी फिल्म के लिए हामी भरती हैं। ‘ओए लक्की! लक्की ओए!’, ‘गैंग्स ऑफ वासेपुर’, ‘मसान’ और ‘सरबजीत’ जैसी फिल्मों का हिस्सा रहीं ऋचा की ‘जिया और जिया’ को छोडक़र ज्यादातर फिल्में बॉक्स-ऑफिस पर सफल रही हैं। असमान्य फिल्मों के चयन को लेकर पूछे गए सवाल पर ऋचा ने कहा, “मैं फिल्मों की क्षमता के आधार पर ही उनका चयन करती हूं, लेकिन हमें समझना पड़ता है कि कभी-कभी कागज पर कहानी जैसी दिखती है, पर्दे पर आने के बाद वह वैसी नहीं दिखती।” ऋचा ने कहा , “कुछ कहानियां निर्माण की प्रक्रिया में खो जाती हैं। मेरी फिल्म ‘जिया और जिया’ के साथ भी यही समस्या रही। हालांकि एक अभिनेत्री के रूप में, मैं समझती हूं कि यह फिल्म गलत निर्देशन की ओर जा रही है, लेकिन मैं इस मामले में ज्यादा कुछ नहीं कर सकती।”हालांकि, वह काफी उत्साहित हैं, क्योंकि उनकी दो फिल्में - ‘दास देव’ और ‘3 स्टोरीज’ रिलीज के लिए तैयार हैं, जिनसे उन्हें काफी उम्मीदें हैं। वर्ष 2003 में सूरज बड़जात्या ने मैं प्रेम की दीवानी का निर्देशन किया। यह फिल्म उनके दादा ताराचंद बड़जात्या के बैनर राजश्री प्रोडक्शन के तले बनी चितचोर की रिमेक थी। मैं प्रेम की दीवानी हूँ में ऋतिक रौशन.अभिषेक बच्चन और करीना कपूर ने मुख्य भूमिका निभायी थी लेकिन यह फिल्म टिकट खिड़की पर बेअसर साबित हुयी।">

कहानी के आधार पर फिल्म का चयन करती हैं ऋचा

2018/02/21



मुंबई, बॉलीवुड अभिनेत्री ऋचा चड्ढा का कहना है कि वह फिल्म की कहानी की योग्यता के आधार पर ही किसी फिल्म के लिए हामी भरती हैं। ‘ओए लक्की! लक्की ओए!’, ‘गैंग्स ऑफ वासेपुर’, ‘मसान’ और ‘सरबजीत’ जैसी फिल्मों का हिस्सा रहीं ऋचा की ‘जिया और जिया’ को छोडक़र ज्यादातर फिल्में बॉक्स-ऑफिस पर सफल रही हैं। असमान्य फिल्मों के चयन को लेकर पूछे गए सवाल पर ऋचा ने कहा, “मैं फिल्मों की क्षमता के आधार पर ही उनका चयन करती हूं, लेकिन हमें समझना पड़ता है कि कभी-कभी कागज पर कहानी जैसी दिखती है, पर्दे पर आने के बाद वह वैसी नहीं दिखती।” ऋचा ने कहा , “कुछ कहानियां निर्माण की प्रक्रिया में खो जाती हैं। मेरी फिल्म ‘जिया और जिया’ के साथ भी यही समस्या रही। हालांकि एक अभिनेत्री के रूप में, मैं समझती हूं कि यह फिल्म गलत निर्देशन की ओर जा रही है, लेकिन मैं इस मामले में ज्यादा कुछ नहीं कर सकती।”हालांकि, वह काफी उत्साहित हैं, क्योंकि उनकी दो फिल्में - ‘दास देव’ और ‘3 स्टोरीज’ रिलीज के लिए तैयार हैं, जिनसे उन्हें काफी उम्मीदें हैं। वर्ष 2003 में सूरज बड़जात्या ने मैं प्रेम की दीवानी का निर्देशन किया। यह फिल्म उनके दादा ताराचंद बड़जात्या के बैनर राजश्री प्रोडक्शन के तले बनी चितचोर की रिमेक थी। मैं प्रेम की दीवानी हूँ में ऋतिक रौशन.अभिषेक बच्चन और करीना कपूर ने मुख्य भूमिका निभायी थी लेकिन यह फिल्म टिकट खिड़की पर बेअसर साबित हुयी।


Opinions expressed in the comments are not reflective of Nava Bharat. Comments are moderated automatically.

Related Posts