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एसडीओपी ने बनाया फरियादी को आरोपी

2017/12/27



फिर बने दलालों के संरक्षक पांडे, 50 हजार रुपये रिश्वत लेने का लगाया आरोप नवभारत न्यूज गुना दो तहसीलों की कमान संभालने वाले एसडीओपी अनुराग पांडे पर दलालों से सांठ-गांठ पूर्वक 50 हजार रुपये निश्वत लेने का आरोप आरोन निवासी एक युवक ने लगाया है. उक्त युवक को एसडीओपी ने षडय़ंत्रपूर्वक राघौगढ़ से आकर आधी रात को फरियादी से आरोपी बना डाला और युवक पर झूठा प्रकरण दर्ज करते हुए जबरन लॉकअप में डाल दिया. इसको लेकर भाजपा युवा मोर्चा द्वारा मंगलवार को पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन देकर न्याय की मांग की. इस दौरान एकत्रित सभी कार्यकर्ताओं द्वारा अनुराग पांडे मुर्दावाद के नारे भी लगाए गए. दरअसल मामला आरोन महाविद्यालय में छात्रसंघ चुनाव रंजिश का है. जहां से मामला इतना इतना हाईप्रोफाइल हुआ कि वह भारतीय जनता युवा मोर्चा के उपाध्यक्ष एवं सक्रिय कार्यकर्ता को झूठे प्रकरण में न्यायालय की शरण में जाना पड़ा. प्रार्थी उमा शंकर पटवा पुत्र करोड़ीलाल पटवा निवासी शिव कालोनी आरोन का निवासी है. उक्त युवक पर 17 दिसम्बर की शाम लगभग साढ़े आठ उसकी कालोनी में अचानक शंकर रघुवंशी, राहुल रघुवंशी आ गए और अश्लील गालियां देने लगे और बोले कि तुमने छात्रसंघ चुनाव में हमें चुनाव हरवा दिया. इस पर युवक ने गालियां देने से मना किया तो शंकर रघुवंशी, अजय दांगी और शुभम बारेला ने मिलकर मारपीट कर दी. मौके पर उसके भाई शिव शंकर पटवा और धीरेन्द्र ग्वाल भी झगड़े की आवाज सुनकर आए तो उनके साथ भी मारपीट कर दी. घटना को प्रत्यक्षदर्शियों द्वारा देखा गया. घटना के तुरंत बाद शंकर रघुवंशी, राहुल रघुवंशी अपने 25-30 साथियों के साथ माटरसाइकिलों पर सवार होकर हथियारों से लैस होकर आए और गालियां देने के साथ रिपोर्ट लिखाने पर जान से मारने की धमकी दी. जिसकी पास में लगे सीसीटीव्ही कैमरे में रिकॉर्डिंग कैद हुई है. एसपी साहब का कहकर बुलाया रात्रि 1 बजे युवक को रात्रि लगभग 1 बजे एएसआई नरेन्द्र यादव, एएसआई जयदेवसिंह यादव उसके घर आये और बोले कि एसपी साहब थाने पर बुला रहे हैं तो उमाशंकर तुरंत उनके साथ थाने चल दिया. दोनों एएसआई युवक को लेकर आए और रास्ते में उनके साथ गलत बर्ताव करते हुए गाली-गलौंच सहित मारपीट करते हुए युवक को लॉकअप में डाल दिया. युवक फरियादी होते हुए भी पुलिस अधिकारी ने किसी के दबाव में आकर फरियादी पर आधी रात को झूठा मामला दर्ज कर उसे बंद कर दिया.  


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