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टोक्यो, जापान के प्रधानमंत्री शिंजो आबे ने परमाणु-सम्पन्न उत्तर कोरिया को “अस्वीकार्य ”करार देते हुए कहा है कि इस समय जापान द्वितीय विश्व युद्ध के बाद सबसे बड़े खतरे का सामना कर रहा है। नव वर्ष के बाद मी प्रांत में एक धार्मिक स्थल पर श्री आबे ने कल कहा कि परमाणु हथियारों से सम्पन्न उत्तर कोरिया किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है।सीएनएन की रिपोर्ट के अनुसार श्री आबे ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से उत्तर कोरिया को उसकी परमाणविक महत्वाकांक्षाएं कम करने के लिये कठोर दबाब बनाने का आग्रह किया है। पिछले कुछ महीनों में इस क्षेत्र में स्थिति और बिगड़ी है।उत्तर कोरिया ने सितंबर में अपना छठां और सबसे शक्तिशाली परमाणु परीक्षण किया था।उत्तर कोरिया ने गत 29 नवंबर को एक मिसाइल परीक्षण किया था जो जापान के विशेष आर्थिक क्षेत्र में गिरी थी। श्री आबे ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय को मिलकर उत्तर कोरिया पर उसकी नीतियां बदलने के लिये दबाब बनाना होगा।उन्होेंने स्थिति की गंभीरता की तुलना द्वितीय विश्व युद्ध से करते हुए कहा कि उस हिंसा का अंत जापान के दो शहरों पर दो परमाणु बम हमलों के बाद हुआ था।यह कहना कोई अतिश्योक्ति नहीं होगी कि द्वितीय विश्व युद्ध के बाद जापान इस समय सबसे गंभीर खतरे का सामना कर रहा है।"/> टोक्यो, जापान के प्रधानमंत्री शिंजो आबे ने परमाणु-सम्पन्न उत्तर कोरिया को “अस्वीकार्य ”करार देते हुए कहा है कि इस समय जापान द्वितीय विश्व युद्ध के बाद सबसे बड़े खतरे का सामना कर रहा है। नव वर्ष के बाद मी प्रांत में एक धार्मिक स्थल पर श्री आबे ने कल कहा कि परमाणु हथियारों से सम्पन्न उत्तर कोरिया किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है।सीएनएन की रिपोर्ट के अनुसार श्री आबे ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से उत्तर कोरिया को उसकी परमाणविक महत्वाकांक्षाएं कम करने के लिये कठोर दबाब बनाने का आग्रह किया है। पिछले कुछ महीनों में इस क्षेत्र में स्थिति और बिगड़ी है।उत्तर कोरिया ने सितंबर में अपना छठां और सबसे शक्तिशाली परमाणु परीक्षण किया था।उत्तर कोरिया ने गत 29 नवंबर को एक मिसाइल परीक्षण किया था जो जापान के विशेष आर्थिक क्षेत्र में गिरी थी। श्री आबे ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय को मिलकर उत्तर कोरिया पर उसकी नीतियां बदलने के लिये दबाब बनाना होगा।उन्होेंने स्थिति की गंभीरता की तुलना द्वितीय विश्व युद्ध से करते हुए कहा कि उस हिंसा का अंत जापान के दो शहरों पर दो परमाणु बम हमलों के बाद हुआ था।यह कहना कोई अतिश्योक्ति नहीं होगी कि द्वितीय विश्व युद्ध के बाद जापान इस समय सबसे गंभीर खतरे का सामना कर रहा है।"/> टोक्यो, जापान के प्रधानमंत्री शिंजो आबे ने परमाणु-सम्पन्न उत्तर कोरिया को “अस्वीकार्य ”करार देते हुए कहा है कि इस समय जापान द्वितीय विश्व युद्ध के बाद सबसे बड़े खतरे का सामना कर रहा है। नव वर्ष के बाद मी प्रांत में एक धार्मिक स्थल पर श्री आबे ने कल कहा कि परमाणु हथियारों से सम्पन्न उत्तर कोरिया किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है।सीएनएन की रिपोर्ट के अनुसार श्री आबे ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से उत्तर कोरिया को उसकी परमाणविक महत्वाकांक्षाएं कम करने के लिये कठोर दबाब बनाने का आग्रह किया है। पिछले कुछ महीनों में इस क्षेत्र में स्थिति और बिगड़ी है।उत्तर कोरिया ने सितंबर में अपना छठां और सबसे शक्तिशाली परमाणु परीक्षण किया था।उत्तर कोरिया ने गत 29 नवंबर को एक मिसाइल परीक्षण किया था जो जापान के विशेष आर्थिक क्षेत्र में गिरी थी। श्री आबे ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय को मिलकर उत्तर कोरिया पर उसकी नीतियां बदलने के लिये दबाब बनाना होगा।उन्होेंने स्थिति की गंभीरता की तुलना द्वितीय विश्व युद्ध से करते हुए कहा कि उस हिंसा का अंत जापान के दो शहरों पर दो परमाणु बम हमलों के बाद हुआ था।यह कहना कोई अतिश्योक्ति नहीं होगी कि द्वितीय विश्व युद्ध के बाद जापान इस समय सबसे गंभीर खतरे का सामना कर रहा है।">

उत्तर कोरिया जापान के लिये सबसे बड़ा खतरा: आबे

2018/01/05



टोक्यो, जापान के प्रधानमंत्री शिंजो आबे ने परमाणु-सम्पन्न उत्तर कोरिया को “अस्वीकार्य ”करार देते हुए कहा है कि इस समय जापान द्वितीय विश्व युद्ध के बाद सबसे बड़े खतरे का सामना कर रहा है। नव वर्ष के बाद मी प्रांत में एक धार्मिक स्थल पर श्री आबे ने कल कहा कि परमाणु हथियारों से सम्पन्न उत्तर कोरिया किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है।सीएनएन की रिपोर्ट के अनुसार श्री आबे ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से उत्तर कोरिया को उसकी परमाणविक महत्वाकांक्षाएं कम करने के लिये कठोर दबाब बनाने का आग्रह किया है। पिछले कुछ महीनों में इस क्षेत्र में स्थिति और बिगड़ी है।उत्तर कोरिया ने सितंबर में अपना छठां और सबसे शक्तिशाली परमाणु परीक्षण किया था।उत्तर कोरिया ने गत 29 नवंबर को एक मिसाइल परीक्षण किया था जो जापान के विशेष आर्थिक क्षेत्र में गिरी थी। श्री आबे ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय को मिलकर उत्तर कोरिया पर उसकी नीतियां बदलने के लिये दबाब बनाना होगा।उन्होेंने स्थिति की गंभीरता की तुलना द्वितीय विश्व युद्ध से करते हुए कहा कि उस हिंसा का अंत जापान के दो शहरों पर दो परमाणु बम हमलों के बाद हुआ था।यह कहना कोई अतिश्योक्ति नहीं होगी कि द्वितीय विश्व युद्ध के बाद जापान इस समय सबसे गंभीर खतरे का सामना कर रहा है।


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