Breaking News :

नयी दिल्ली,  उच्चतम न्यायालय ने जल्लीकट्टू पर प्रतिबंध हटाये जाने की मांग को लेकर चेन्नई में विरोध के मद्देनजर हस्तक्षेप की मांग को लेकर प्रस्तुत याचिका पर सुनवाई से आज इंकार कर दिया। मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति जगदीश सिंह खेहर की अगुवाई वाली पीठ ने याचिकाकर्ता अधिवक्ता राजा रामन की अपील पर सुनवाई से इनकार कर दिया। न्यायालय ने याचिकाकर्ता को मद्रास उच्च न्यायालय में पृथक याचिका दाखिल करने के लिये कहा है। याचिकाकर्ता ने अपनी अपील में कहा था कि तमिलनाडु के लोग मरीना बीच पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे हैं लेकिन पुलिस प्रदर्शनकारियों को भोजन और पानी लेने की अनुमति नहीं दे रही है। इसलिये न्यायालय को इस मामले को सुनवाई के लिये स्वत: संज्ञान में लेना चाहिये , जैसा कि राम लीला मैदान वाले मामले में लिया गया था।"/> नयी दिल्ली,  उच्चतम न्यायालय ने जल्लीकट्टू पर प्रतिबंध हटाये जाने की मांग को लेकर चेन्नई में विरोध के मद्देनजर हस्तक्षेप की मांग को लेकर प्रस्तुत याचिका पर सुनवाई से आज इंकार कर दिया। मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति जगदीश सिंह खेहर की अगुवाई वाली पीठ ने याचिकाकर्ता अधिवक्ता राजा रामन की अपील पर सुनवाई से इनकार कर दिया। न्यायालय ने याचिकाकर्ता को मद्रास उच्च न्यायालय में पृथक याचिका दाखिल करने के लिये कहा है। याचिकाकर्ता ने अपनी अपील में कहा था कि तमिलनाडु के लोग मरीना बीच पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे हैं लेकिन पुलिस प्रदर्शनकारियों को भोजन और पानी लेने की अनुमति नहीं दे रही है। इसलिये न्यायालय को इस मामले को सुनवाई के लिये स्वत: संज्ञान में लेना चाहिये , जैसा कि राम लीला मैदान वाले मामले में लिया गया था।"/> नयी दिल्ली,  उच्चतम न्यायालय ने जल्लीकट्टू पर प्रतिबंध हटाये जाने की मांग को लेकर चेन्नई में विरोध के मद्देनजर हस्तक्षेप की मांग को लेकर प्रस्तुत याचिका पर सुनवाई से आज इंकार कर दिया। मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति जगदीश सिंह खेहर की अगुवाई वाली पीठ ने याचिकाकर्ता अधिवक्ता राजा रामन की अपील पर सुनवाई से इनकार कर दिया। न्यायालय ने याचिकाकर्ता को मद्रास उच्च न्यायालय में पृथक याचिका दाखिल करने के लिये कहा है। याचिकाकर्ता ने अपनी अपील में कहा था कि तमिलनाडु के लोग मरीना बीच पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे हैं लेकिन पुलिस प्रदर्शनकारियों को भोजन और पानी लेने की अनुमति नहीं दे रही है। इसलिये न्यायालय को इस मामले को सुनवाई के लिये स्वत: संज्ञान में लेना चाहिये , जैसा कि राम लीला मैदान वाले मामले में लिया गया था।">

उच्चतम न्यायालय का जल्लीकट्टू मामले में हस्तक्षेप से इनकार

2017/01/19



नयी दिल्ली,  उच्चतम न्यायालय ने जल्लीकट्टू पर प्रतिबंध हटाये जाने की मांग को लेकर चेन्नई में विरोध के मद्देनजर हस्तक्षेप की मांग को लेकर प्रस्तुत याचिका पर सुनवाई से आज इंकार कर दिया। मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति जगदीश सिंह खेहर की अगुवाई वाली पीठ ने याचिकाकर्ता अधिवक्ता राजा रामन की अपील पर सुनवाई से इनकार कर दिया। न्यायालय ने याचिकाकर्ता को मद्रास उच्च न्यायालय में पृथक याचिका दाखिल करने के लिये कहा है। याचिकाकर्ता ने अपनी अपील में कहा था कि तमिलनाडु के लोग मरीना बीच पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे हैं लेकिन पुलिस प्रदर्शनकारियों को भोजन और पानी लेने की अनुमति नहीं दे रही है। इसलिये न्यायालय को इस मामले को सुनवाई के लिये स्वत: संज्ञान में लेना चाहिये , जैसा कि राम लीला मैदान वाले मामले में लिया गया था।


Opinions expressed in the comments are not reflective of Nava Bharat. Comments are moderated automatically.

Related Posts