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नयी दिल्ली, उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू ने लौह पुरुष सरदार पटेल को अपना आदर्श नेता बताते हुए कहा है कि श्री पटेल ने आधुनिक भारत के निर्माण एवं राष्ट्रीय एकता को मजबूत बनाने में देश की निःस्वार्थ सेवा की है लेकिन उनके योगदान को नजरंदाज किया गया। श्री नायडू ने आज सरदार पटेल की 142वीं जयन्ती पर नेहरु संग्रहालय एवं पुस्तकालय द्वारा ‘गांधीवादी राष्ट्रीयता का निर्माण एवं सरदार पटेल का जीवन’ विषय पर आयोजित राष्ट्रीय संगोष्ठी एवं चित्र प्रदर्शनी का उद्घाटन करते हुए यह बात कही।इस अवसर पर संस्कृति मंत्री महेश चन्द्र शर्मा ,संग्रहालय के अध्यक्ष लोकेशचन्द्र और निदेशक शक्ति सिन्हा भी मौजूद थे।श्री नायडू ने कहा कि श्री पटेल उनके छात्र जीवन से ही उनके प्रेरक एवं आदर्श व्यक्ति रहे हैं और वह एक प्रतीक भी थे। उन्होंने 500 देशी रियासतों को मिलकर राष्ट्र के निर्माण में उल्लेखनीय भूमिका निभायी। वह नहीं होते तो ये रियासतें पाकिस्तान में विलय कर सकती थीं अथवा स्वतंत्र भी रह सकती थीं। श्री पटेल के कारण ही इन रियासतों का भारत में विलय हुआ और वह भी बिना किसी खून खराबे के जबकि यह बहुत कठिन कार्य था।"/> नयी दिल्ली, उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू ने लौह पुरुष सरदार पटेल को अपना आदर्श नेता बताते हुए कहा है कि श्री पटेल ने आधुनिक भारत के निर्माण एवं राष्ट्रीय एकता को मजबूत बनाने में देश की निःस्वार्थ सेवा की है लेकिन उनके योगदान को नजरंदाज किया गया। श्री नायडू ने आज सरदार पटेल की 142वीं जयन्ती पर नेहरु संग्रहालय एवं पुस्तकालय द्वारा ‘गांधीवादी राष्ट्रीयता का निर्माण एवं सरदार पटेल का जीवन’ विषय पर आयोजित राष्ट्रीय संगोष्ठी एवं चित्र प्रदर्शनी का उद्घाटन करते हुए यह बात कही।इस अवसर पर संस्कृति मंत्री महेश चन्द्र शर्मा ,संग्रहालय के अध्यक्ष लोकेशचन्द्र और निदेशक शक्ति सिन्हा भी मौजूद थे।श्री नायडू ने कहा कि श्री पटेल उनके छात्र जीवन से ही उनके प्रेरक एवं आदर्श व्यक्ति रहे हैं और वह एक प्रतीक भी थे। उन्होंने 500 देशी रियासतों को मिलकर राष्ट्र के निर्माण में उल्लेखनीय भूमिका निभायी। वह नहीं होते तो ये रियासतें पाकिस्तान में विलय कर सकती थीं अथवा स्वतंत्र भी रह सकती थीं। श्री पटेल के कारण ही इन रियासतों का भारत में विलय हुआ और वह भी बिना किसी खून खराबे के जबकि यह बहुत कठिन कार्य था।"/> नयी दिल्ली, उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू ने लौह पुरुष सरदार पटेल को अपना आदर्श नेता बताते हुए कहा है कि श्री पटेल ने आधुनिक भारत के निर्माण एवं राष्ट्रीय एकता को मजबूत बनाने में देश की निःस्वार्थ सेवा की है लेकिन उनके योगदान को नजरंदाज किया गया। श्री नायडू ने आज सरदार पटेल की 142वीं जयन्ती पर नेहरु संग्रहालय एवं पुस्तकालय द्वारा ‘गांधीवादी राष्ट्रीयता का निर्माण एवं सरदार पटेल का जीवन’ विषय पर आयोजित राष्ट्रीय संगोष्ठी एवं चित्र प्रदर्शनी का उद्घाटन करते हुए यह बात कही।इस अवसर पर संस्कृति मंत्री महेश चन्द्र शर्मा ,संग्रहालय के अध्यक्ष लोकेशचन्द्र और निदेशक शक्ति सिन्हा भी मौजूद थे।श्री नायडू ने कहा कि श्री पटेल उनके छात्र जीवन से ही उनके प्रेरक एवं आदर्श व्यक्ति रहे हैं और वह एक प्रतीक भी थे। उन्होंने 500 देशी रियासतों को मिलकर राष्ट्र के निर्माण में उल्लेखनीय भूमिका निभायी। वह नहीं होते तो ये रियासतें पाकिस्तान में विलय कर सकती थीं अथवा स्वतंत्र भी रह सकती थीं। श्री पटेल के कारण ही इन रियासतों का भारत में विलय हुआ और वह भी बिना किसी खून खराबे के जबकि यह बहुत कठिन कार्य था।">

इतिहास में पटेल का उचित मूल्यांकन नहीं हुआ: वेंकैया नायडू

2017/10/31



नयी दिल्ली, उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू ने लौह पुरुष सरदार पटेल को अपना आदर्श नेता बताते हुए कहा है कि श्री पटेल ने आधुनिक भारत के निर्माण एवं राष्ट्रीय एकता को मजबूत बनाने में देश की निःस्वार्थ सेवा की है लेकिन उनके योगदान को नजरंदाज किया गया। श्री नायडू ने आज सरदार पटेल की 142वीं जयन्ती पर नेहरु संग्रहालय एवं पुस्तकालय द्वारा ‘गांधीवादी राष्ट्रीयता का निर्माण एवं सरदार पटेल का जीवन’ विषय पर आयोजित राष्ट्रीय संगोष्ठी एवं चित्र प्रदर्शनी का उद्घाटन करते हुए यह बात कही।इस अवसर पर संस्कृति मंत्री महेश चन्द्र शर्मा ,संग्रहालय के अध्यक्ष लोकेशचन्द्र और निदेशक शक्ति सिन्हा भी मौजूद थे।श्री नायडू ने कहा कि श्री पटेल उनके छात्र जीवन से ही उनके प्रेरक एवं आदर्श व्यक्ति रहे हैं और वह एक प्रतीक भी थे। उन्होंने 500 देशी रियासतों को मिलकर राष्ट्र के निर्माण में उल्लेखनीय भूमिका निभायी। वह नहीं होते तो ये रियासतें पाकिस्तान में विलय कर सकती थीं अथवा स्वतंत्र भी रह सकती थीं। श्री पटेल के कारण ही इन रियासतों का भारत में विलय हुआ और वह भी बिना किसी खून खराबे के जबकि यह बहुत कठिन कार्य था।


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