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नई दिल्ली,   अर्थव्यवस्था की गति को लेकर घिरी सरकार आर्थिक गति विधियों को तेज करने में जुट गई है. मंगलवार को सरकार ने 6.90 लाख करोड़ रुपये के रोड प्रॉजेक्ट्स की घोषणा के साथ ही सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के लिए 2.11 लाख करोड़ रुपये के कैपिटलाइजेशन प्लान का ऐलान किया. वित्त मंत्री अरुण जेटली ने इन दो महत्वपूर्ण फैसलों की जानकारी देने के साथ ही यह भी दावा किया कि अर्थव्यवस्था की बुनियाद बहुत मजबूत है. इसे साबित करने के लिए वित्त मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों ने प्रेजेंटेशन भी दी. वित्त मंत्री ने कहा कि निवेश, नौकरियों, ग्रोथ के लिए बैंकों को मजबूत बनाया जा रहा है. इसके लिए सार्वजनिक बैंकों को के लिए कैपिटलाइजेशन प्लान तैयार किया गया है. इसके तहत 1.35 करोड़ रुपये के बॉन्ड जारी किए जाएंगे. 76 हजार करोड़ रुपये बजटीय सहायता और बाजार से दिए जाएंगे. 18 हजार करोड़ रुपये इंद्रधनुष योजना के तहत दिए जाएंगे. उन्होंने यह भी कहा कि पहले अंधाधुंध कर्ज देते समय बैंकों की सही तस्वीर नहीं पेश की जा रही थी. वित्त मंत्री ने कहा कि 2008 से 2014 के बीच जो स्थिति रही वह दोबारा ना हो, इसके लिए बैंकिंग रिफॉर्म भी होंगे. वित्त मंत्री ने कहा कि छोटे और मध्यम दर्जे के उद्योगों को कर्ज देने में प्राथमिकता दी जाएगी, जहां सबसे अधिक रोजगार उत्पन्न होते हैं."/> नई दिल्ली,   अर्थव्यवस्था की गति को लेकर घिरी सरकार आर्थिक गति विधियों को तेज करने में जुट गई है. मंगलवार को सरकार ने 6.90 लाख करोड़ रुपये के रोड प्रॉजेक्ट्स की घोषणा के साथ ही सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के लिए 2.11 लाख करोड़ रुपये के कैपिटलाइजेशन प्लान का ऐलान किया. वित्त मंत्री अरुण जेटली ने इन दो महत्वपूर्ण फैसलों की जानकारी देने के साथ ही यह भी दावा किया कि अर्थव्यवस्था की बुनियाद बहुत मजबूत है. इसे साबित करने के लिए वित्त मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों ने प्रेजेंटेशन भी दी. वित्त मंत्री ने कहा कि निवेश, नौकरियों, ग्रोथ के लिए बैंकों को मजबूत बनाया जा रहा है. इसके लिए सार्वजनिक बैंकों को के लिए कैपिटलाइजेशन प्लान तैयार किया गया है. इसके तहत 1.35 करोड़ रुपये के बॉन्ड जारी किए जाएंगे. 76 हजार करोड़ रुपये बजटीय सहायता और बाजार से दिए जाएंगे. 18 हजार करोड़ रुपये इंद्रधनुष योजना के तहत दिए जाएंगे. उन्होंने यह भी कहा कि पहले अंधाधुंध कर्ज देते समय बैंकों की सही तस्वीर नहीं पेश की जा रही थी. वित्त मंत्री ने कहा कि 2008 से 2014 के बीच जो स्थिति रही वह दोबारा ना हो, इसके लिए बैंकिंग रिफॉर्म भी होंगे. वित्त मंत्री ने कहा कि छोटे और मध्यम दर्जे के उद्योगों को कर्ज देने में प्राथमिकता दी जाएगी, जहां सबसे अधिक रोजगार उत्पन्न होते हैं."/> नई दिल्ली,   अर्थव्यवस्था की गति को लेकर घिरी सरकार आर्थिक गति विधियों को तेज करने में जुट गई है. मंगलवार को सरकार ने 6.90 लाख करोड़ रुपये के रोड प्रॉजेक्ट्स की घोषणा के साथ ही सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के लिए 2.11 लाख करोड़ रुपये के कैपिटलाइजेशन प्लान का ऐलान किया. वित्त मंत्री अरुण जेटली ने इन दो महत्वपूर्ण फैसलों की जानकारी देने के साथ ही यह भी दावा किया कि अर्थव्यवस्था की बुनियाद बहुत मजबूत है. इसे साबित करने के लिए वित्त मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों ने प्रेजेंटेशन भी दी. वित्त मंत्री ने कहा कि निवेश, नौकरियों, ग्रोथ के लिए बैंकों को मजबूत बनाया जा रहा है. इसके लिए सार्वजनिक बैंकों को के लिए कैपिटलाइजेशन प्लान तैयार किया गया है. इसके तहत 1.35 करोड़ रुपये के बॉन्ड जारी किए जाएंगे. 76 हजार करोड़ रुपये बजटीय सहायता और बाजार से दिए जाएंगे. 18 हजार करोड़ रुपये इंद्रधनुष योजना के तहत दिए जाएंगे. उन्होंने यह भी कहा कि पहले अंधाधुंध कर्ज देते समय बैंकों की सही तस्वीर नहीं पेश की जा रही थी. वित्त मंत्री ने कहा कि 2008 से 2014 के बीच जो स्थिति रही वह दोबारा ना हो, इसके लिए बैंकिंग रिफॉर्म भी होंगे. वित्त मंत्री ने कहा कि छोटे और मध्यम दर्जे के उद्योगों को कर्ज देने में प्राथमिकता दी जाएगी, जहां सबसे अधिक रोजगार उत्पन्न होते हैं.">

इकॉनमी की धीमी गति को मिलेगी रफ्तार

2017/10/25



नई दिल्ली,   अर्थव्यवस्था की गति को लेकर घिरी सरकार आर्थिक गति विधियों को तेज करने में जुट गई है. मंगलवार को सरकार ने 6.90 लाख करोड़ रुपये के रोड प्रॉजेक्ट्स की घोषणा के साथ ही सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के लिए 2.11 लाख करोड़ रुपये के कैपिटलाइजेशन प्लान का ऐलान किया. वित्त मंत्री अरुण जेटली ने इन दो महत्वपूर्ण फैसलों की जानकारी देने के साथ ही यह भी दावा किया कि अर्थव्यवस्था की बुनियाद बहुत मजबूत है. इसे साबित करने के लिए वित्त मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों ने प्रेजेंटेशन भी दी. वित्त मंत्री ने कहा कि निवेश, नौकरियों, ग्रोथ के लिए बैंकों को मजबूत बनाया जा रहा है. इसके लिए सार्वजनिक बैंकों को के लिए कैपिटलाइजेशन प्लान तैयार किया गया है. इसके तहत 1.35 करोड़ रुपये के बॉन्ड जारी किए जाएंगे. 76 हजार करोड़ रुपये बजटीय सहायता और बाजार से दिए जाएंगे. 18 हजार करोड़ रुपये इंद्रधनुष योजना के तहत दिए जाएंगे. उन्होंने यह भी कहा कि पहले अंधाधुंध कर्ज देते समय बैंकों की सही तस्वीर नहीं पेश की जा रही थी. वित्त मंत्री ने कहा कि 2008 से 2014 के बीच जो स्थिति रही वह दोबारा ना हो, इसके लिए बैंकिंग रिफॉर्म भी होंगे. वित्त मंत्री ने कहा कि छोटे और मध्यम दर्जे के उद्योगों को कर्ज देने में प्राथमिकता दी जाएगी, जहां सबसे अधिक रोजगार उत्पन्न होते हैं.


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