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टाेक्यो,  जापान की रक्षा मंत्री टाेमोमी इनाडा ने कहा है कि अमेरिकी रक्षा मंत्री जिम मैटिस की इस सप्ताह की जापान और दक्षिण कोरिया की यात्रा से इस क्षेत्र में सुरक्षा सहयोग को मजबूत करने में मदद मिलेगी। श्री मैटिस ने कल यहां प्रधानमंत्री शिंजाे आबे से मुलाकात के बाद कहा था कि जापान के साथ रक्षा सहयाेग को बढ़ाना अमेरिका की प्राथमिकता है। सुश्री इनाडा ने कहा कि एशिया प्रशांत क्षेत्र में सुरक्षा स्थिति काफी गंभीर है अाैर वह अमेरिका जापान के बीच सहयोग बढ़ाने की इच्छुक है। उन्होंने कहा कि दक्षिण कोरिया हमारा सबसे अहम पड़ाेसी है और श्री मैटिस की यात्रा से तीनों देशों के बीच रक्षा सहयोग और बढ़ेगा। श्री मैटिस ने कहा है कि उत्तर कोरिया जिस तरह से भड़काऊ कार्रवाई कर रहा है उसे देेखते हुए जापान के साथ सहयोग करने की प्रतिबद्वता के लिए अब कोई गुंजाइश नहीं बची है। उन्होने यह बात दक्षिण कोरिया में भी कही है। गाैरतलब है कि जापान इस क्षेत्र की सुरक्षा को लेकर काफी चिंतित है क्योंकि जापान के नियंत्रण वाले पूर्वी चीनी समुद्री क्षेत्र के द्वीपों को लेकर दोनाें देशों के बीच टकराव की स्थिति बनी हुई है। इस मामले पर जापान अमेरिका के नए डाेनाल्ड ट्रंप प्रशासन से सहयोग का इच्छुक है।"/> टाेक्यो,  जापान की रक्षा मंत्री टाेमोमी इनाडा ने कहा है कि अमेरिकी रक्षा मंत्री जिम मैटिस की इस सप्ताह की जापान और दक्षिण कोरिया की यात्रा से इस क्षेत्र में सुरक्षा सहयोग को मजबूत करने में मदद मिलेगी। श्री मैटिस ने कल यहां प्रधानमंत्री शिंजाे आबे से मुलाकात के बाद कहा था कि जापान के साथ रक्षा सहयाेग को बढ़ाना अमेरिका की प्राथमिकता है। सुश्री इनाडा ने कहा कि एशिया प्रशांत क्षेत्र में सुरक्षा स्थिति काफी गंभीर है अाैर वह अमेरिका जापान के बीच सहयोग बढ़ाने की इच्छुक है। उन्होंने कहा कि दक्षिण कोरिया हमारा सबसे अहम पड़ाेसी है और श्री मैटिस की यात्रा से तीनों देशों के बीच रक्षा सहयोग और बढ़ेगा। श्री मैटिस ने कहा है कि उत्तर कोरिया जिस तरह से भड़काऊ कार्रवाई कर रहा है उसे देेखते हुए जापान के साथ सहयोग करने की प्रतिबद्वता के लिए अब कोई गुंजाइश नहीं बची है। उन्होने यह बात दक्षिण कोरिया में भी कही है। गाैरतलब है कि जापान इस क्षेत्र की सुरक्षा को लेकर काफी चिंतित है क्योंकि जापान के नियंत्रण वाले पूर्वी चीनी समुद्री क्षेत्र के द्वीपों को लेकर दोनाें देशों के बीच टकराव की स्थिति बनी हुई है। इस मामले पर जापान अमेरिका के नए डाेनाल्ड ट्रंप प्रशासन से सहयोग का इच्छुक है।"/> टाेक्यो,  जापान की रक्षा मंत्री टाेमोमी इनाडा ने कहा है कि अमेरिकी रक्षा मंत्री जिम मैटिस की इस सप्ताह की जापान और दक्षिण कोरिया की यात्रा से इस क्षेत्र में सुरक्षा सहयोग को मजबूत करने में मदद मिलेगी। श्री मैटिस ने कल यहां प्रधानमंत्री शिंजाे आबे से मुलाकात के बाद कहा था कि जापान के साथ रक्षा सहयाेग को बढ़ाना अमेरिका की प्राथमिकता है। सुश्री इनाडा ने कहा कि एशिया प्रशांत क्षेत्र में सुरक्षा स्थिति काफी गंभीर है अाैर वह अमेरिका जापान के बीच सहयोग बढ़ाने की इच्छुक है। उन्होंने कहा कि दक्षिण कोरिया हमारा सबसे अहम पड़ाेसी है और श्री मैटिस की यात्रा से तीनों देशों के बीच रक्षा सहयोग और बढ़ेगा। श्री मैटिस ने कहा है कि उत्तर कोरिया जिस तरह से भड़काऊ कार्रवाई कर रहा है उसे देेखते हुए जापान के साथ सहयोग करने की प्रतिबद्वता के लिए अब कोई गुंजाइश नहीं बची है। उन्होने यह बात दक्षिण कोरिया में भी कही है। गाैरतलब है कि जापान इस क्षेत्र की सुरक्षा को लेकर काफी चिंतित है क्योंकि जापान के नियंत्रण वाले पूर्वी चीनी समुद्री क्षेत्र के द्वीपों को लेकर दोनाें देशों के बीच टकराव की स्थिति बनी हुई है। इस मामले पर जापान अमेरिका के नए डाेनाल्ड ट्रंप प्रशासन से सहयोग का इच्छुक है।">

अमेरिकी रक्षा मंत्री के दौरे से क्षेत्रीय सहयाेग बढ़ने की उम्मीद : जापान

2017/02/04



टाेक्यो,  जापान की रक्षा मंत्री टाेमोमी इनाडा ने कहा है कि अमेरिकी रक्षा मंत्री जिम मैटिस की इस सप्ताह की जापान और दक्षिण कोरिया की यात्रा से इस क्षेत्र में सुरक्षा सहयोग को मजबूत करने में मदद मिलेगी। श्री मैटिस ने कल यहां प्रधानमंत्री शिंजाे आबे से मुलाकात के बाद कहा था कि जापान के साथ रक्षा सहयाेग को बढ़ाना अमेरिका की प्राथमिकता है। सुश्री इनाडा ने कहा कि एशिया प्रशांत क्षेत्र में सुरक्षा स्थिति काफी गंभीर है अाैर वह अमेरिका जापान के बीच सहयोग बढ़ाने की इच्छुक है। उन्होंने कहा कि दक्षिण कोरिया हमारा सबसे अहम पड़ाेसी है और श्री मैटिस की यात्रा से तीनों देशों के बीच रक्षा सहयोग और बढ़ेगा। श्री मैटिस ने कहा है कि उत्तर कोरिया जिस तरह से भड़काऊ कार्रवाई कर रहा है उसे देेखते हुए जापान के साथ सहयोग करने की प्रतिबद्वता के लिए अब कोई गुंजाइश नहीं बची है। उन्होने यह बात दक्षिण कोरिया में भी कही है। गाैरतलब है कि जापान इस क्षेत्र की सुरक्षा को लेकर काफी चिंतित है क्योंकि जापान के नियंत्रण वाले पूर्वी चीनी समुद्री क्षेत्र के द्वीपों को लेकर दोनाें देशों के बीच टकराव की स्थिति बनी हुई है। इस मामले पर जापान अमेरिका के नए डाेनाल्ड ट्रंप प्रशासन से सहयोग का इच्छुक है।


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