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अखिल भारतीय एवं प्रादेशिक पुरस्कारों से अलंकृत हुए रचनाकार, मानस भवन में हुआ सम्मान भोपाल, हरियाणा के राज्यपाल प्रो. कप्तान सिंह सोलंकी ने कहा है कि किसी भी राष्ट्र की पहचान उसकी संस्कृति में निहित है. भारत की संस्कृति अनुपम है. इस संस्कृति में अन्याय के ऊपर न्याय और अधर्म के ऊपर धर्म के मूल्य संस्थापित हैं. राज्यपाल प्रो. सोलंकी आज यहाँ मानस भवन में वर्ष 2015 एवं 2016 के अखिल भारतीय एवं प्रादेशिक पुरस्कारों से रचनाकारों को अलंकृत कर रहे थे. राज्यपाल सोलंकी ने इस अवसर पर समारोह चित्रावली का लोकार्पण भी किया. राज्यपाल ने संस्कृति विभाग को इस प्रतिष्ठापूर्ण आयोजन के लिये बधाई दी. संस्कृति राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार)सुरेन्द्र पटवा ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की.प्रमुख सचिव संस्कृति मनोज श्रीवास्तव ने बताया कि देश में मध्यप्रदेश एकमात्र ऐसा राज्य है जहाँ विभिन्न प्रकार के सर्वाधिक 81 पुरस्कार दिये जाते हैं. श्रीवास्तव ने पुरस्कारों की संख्या और कार्यक्षेत्र को और बढ़ाने की आवश्यकता बताई. अलंकरण समारोह के प्रारंभ में म.प्र. साहित्य अकादमी के निदेशक डॉ. उमेश कुमार सिंह ने अकादमी के क्रिया-कलापों पर प्रकाश डाला.इस अवसर पर संस्कृति संचालक अक्षय कुमार सिंह तथा बड़ी संख्या में कला-प्रेमी और साहित्यकार मौजूद थे."/> अखिल भारतीय एवं प्रादेशिक पुरस्कारों से अलंकृत हुए रचनाकार, मानस भवन में हुआ सम्मान भोपाल, हरियाणा के राज्यपाल प्रो. कप्तान सिंह सोलंकी ने कहा है कि किसी भी राष्ट्र की पहचान उसकी संस्कृति में निहित है. भारत की संस्कृति अनुपम है. इस संस्कृति में अन्याय के ऊपर न्याय और अधर्म के ऊपर धर्म के मूल्य संस्थापित हैं. राज्यपाल प्रो. सोलंकी आज यहाँ मानस भवन में वर्ष 2015 एवं 2016 के अखिल भारतीय एवं प्रादेशिक पुरस्कारों से रचनाकारों को अलंकृत कर रहे थे. राज्यपाल सोलंकी ने इस अवसर पर समारोह चित्रावली का लोकार्पण भी किया. राज्यपाल ने संस्कृति विभाग को इस प्रतिष्ठापूर्ण आयोजन के लिये बधाई दी. संस्कृति राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार)सुरेन्द्र पटवा ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की.प्रमुख सचिव संस्कृति मनोज श्रीवास्तव ने बताया कि देश में मध्यप्रदेश एकमात्र ऐसा राज्य है जहाँ विभिन्न प्रकार के सर्वाधिक 81 पुरस्कार दिये जाते हैं. श्रीवास्तव ने पुरस्कारों की संख्या और कार्यक्षेत्र को और बढ़ाने की आवश्यकता बताई. अलंकरण समारोह के प्रारंभ में म.प्र. साहित्य अकादमी के निदेशक डॉ. उमेश कुमार सिंह ने अकादमी के क्रिया-कलापों पर प्रकाश डाला.इस अवसर पर संस्कृति संचालक अक्षय कुमार सिंह तथा बड़ी संख्या में कला-प्रेमी और साहित्यकार मौजूद थे."/> अखिल भारतीय एवं प्रादेशिक पुरस्कारों से अलंकृत हुए रचनाकार, मानस भवन में हुआ सम्मान भोपाल, हरियाणा के राज्यपाल प्रो. कप्तान सिंह सोलंकी ने कहा है कि किसी भी राष्ट्र की पहचान उसकी संस्कृति में निहित है. भारत की संस्कृति अनुपम है. इस संस्कृति में अन्याय के ऊपर न्याय और अधर्म के ऊपर धर्म के मूल्य संस्थापित हैं. राज्यपाल प्रो. सोलंकी आज यहाँ मानस भवन में वर्ष 2015 एवं 2016 के अखिल भारतीय एवं प्रादेशिक पुरस्कारों से रचनाकारों को अलंकृत कर रहे थे. राज्यपाल सोलंकी ने इस अवसर पर समारोह चित्रावली का लोकार्पण भी किया. राज्यपाल ने संस्कृति विभाग को इस प्रतिष्ठापूर्ण आयोजन के लिये बधाई दी. संस्कृति राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार)सुरेन्द्र पटवा ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की.प्रमुख सचिव संस्कृति मनोज श्रीवास्तव ने बताया कि देश में मध्यप्रदेश एकमात्र ऐसा राज्य है जहाँ विभिन्न प्रकार के सर्वाधिक 81 पुरस्कार दिये जाते हैं. श्रीवास्तव ने पुरस्कारों की संख्या और कार्यक्षेत्र को और बढ़ाने की आवश्यकता बताई. अलंकरण समारोह के प्रारंभ में म.प्र. साहित्य अकादमी के निदेशक डॉ. उमेश कुमार सिंह ने अकादमी के क्रिया-कलापों पर प्रकाश डाला.इस अवसर पर संस्कृति संचालक अक्षय कुमार सिंह तथा बड़ी संख्या में कला-प्रेमी और साहित्यकार मौजूद थे.">

अनुपम है भारत की संस्कृति: राज्यपाल सोलंकी

2017/12/13



अखिल भारतीय एवं प्रादेशिक पुरस्कारों से अलंकृत हुए रचनाकार, मानस भवन में हुआ सम्मान भोपाल, हरियाणा के राज्यपाल प्रो. कप्तान सिंह सोलंकी ने कहा है कि किसी भी राष्ट्र की पहचान उसकी संस्कृति में निहित है. भारत की संस्कृति अनुपम है. इस संस्कृति में अन्याय के ऊपर न्याय और अधर्म के ऊपर धर्म के मूल्य संस्थापित हैं. राज्यपाल प्रो. सोलंकी आज यहाँ मानस भवन में वर्ष 2015 एवं 2016 के अखिल भारतीय एवं प्रादेशिक पुरस्कारों से रचनाकारों को अलंकृत कर रहे थे. राज्यपाल सोलंकी ने इस अवसर पर समारोह चित्रावली का लोकार्पण भी किया. राज्यपाल ने संस्कृति विभाग को इस प्रतिष्ठापूर्ण आयोजन के लिये बधाई दी. संस्कृति राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार)सुरेन्द्र पटवा ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की.प्रमुख सचिव संस्कृति मनोज श्रीवास्तव ने बताया कि देश में मध्यप्रदेश एकमात्र ऐसा राज्य है जहाँ विभिन्न प्रकार के सर्वाधिक 81 पुरस्कार दिये जाते हैं. श्रीवास्तव ने पुरस्कारों की संख्या और कार्यक्षेत्र को और बढ़ाने की आवश्यकता बताई. अलंकरण समारोह के प्रारंभ में म.प्र. साहित्य अकादमी के निदेशक डॉ. उमेश कुमार सिंह ने अकादमी के क्रिया-कलापों पर प्रकाश डाला.इस अवसर पर संस्कृति संचालक अक्षय कुमार सिंह तथा बड़ी संख्या में कला-प्रेमी और साहित्यकार मौजूद थे.


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