कमलनाथ एक्टिव मोड पर, कांग्रेस संगठन में बड़े बदलाव के संकेत


सियासत

राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा की थकान निकालने के बाद कमलनाथ एक बार फिर मध्यप्रदेश के संगठन को चुस्त-दुरुस्त करने में सक्रिय हो गए हैं। उन्होंने भोपाल में सोमवार से 4 दिनों तक चलने वाली बैठकों का सिलसिला प्रारंभ कर दिया है। इन बैठकों में जिला अध्यक्ष , जिला प्रभारी और पीसीसी के पदाधिकारी हिस्सा ले रहें हैं। राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा का समापन 15 जनवरी को जम्मू कश्मीर में होगा। इस अवसर पर प्रदेश से दिग्विजय सिंह और कमलनाथ सहित अनेक नेता श्रीनगर जाएंगे। इसके बाद कांग्रेस ने राष्ट्रीय स्तर पर एक महीने तक हाथ से हाथ जोड़ो अभियान चलाने का निश्चय किया है। इस अभियान को मध्यप्रदेश में सफलता मिले इसकी चर्चा भोपाल में की जाएगी।

प्रदेश महिला कांग्रेस की अध्यक्ष विभा पटेल ने कल ऐलान किया कि प्रियंका गांधी राष्ट्रीय स्तर पर महिला कांग्रेस को सक्रिय करने में लगी हुई हैं। इस संदर्भ में वे भोपाल में महिला कांग्रेस के साथ पैदल मार्च करने वाली है। यह कार्यक्रम भले ही महिला कांग्रेस का हो लेकिन प्रियंका गांधी के कारण यह पैदल मार्च हाई प्रोफाइल हो गया है। इसलिए इसकी सफलता की चिंता भी प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ को ही करनी पड़ेगी। सूत्रों का कहना है कि कमलनाथ आने वाले दिनों में संगठन में बड़ी सर्जरी करेंगे। उन्होंने पंचायत एवं नगरीय निकाय तथा आंदोलनों की सफलता के आधार पर 18 जिला अध्यक्षों को चिन्हित किया है, जो नकारा साबित हो रहे हैं।

इन्हें बदला जाएगा। इन जिलाध्यक्ष में इंदौर शहर अध्यक्ष विनय बाकलीवाल और ग्रामीण जिला अध्यक्ष सदाशिव यादव भी शामिल हैं। इसका अर्थ यह है कि आने वाले दिनों में इंदौर शहर और ग्रामीण जिला अध्यक्ष बदले जाएंगे। सूत्रों का कहना है कि इंदौर शहर अध्यक्ष पद के लिए गोलू अग्निहोत्री का नाम सबसे आगे है। गोलू अग्निहोत्री कमलनाथ के पुराने समर्थक हैं। वे शहर कांग्रेस कार्यालय का खर्चा उठाने में भी सक्षम हैं। गोलू अग्निहोत्री को सज्जन सिंह वर्मा का भी समर्थन मिल रहा है। दिग्विजय सिंह समर्थक जीतू पटवारी भी गोलू अग्निहोत्री के नाम पर सहमत हो सकते हैं। इनके अलावा सुरजीत सिंह चड्ढा, अश्विन जोशी और स्वप्निल कोठारी के भी नाम हैं।

शहर कांग्रेस इस बार किसी अल्पसंख्यक नाम पर भी विचार कर सकती है। ग्रामीण जिले में जिला अध्यक्ष पद के लिए अनेक दावेदार हैं लेकिन यहां का फैसला प्रमुख रूप से जीतू पटवारी और विशाल पटेल के बीच होगा। यह दोनों विधायक प्रमुख रूप से ग्रामीण जिला अध्यक्ष सदाशिव यादव को हटाना चाहते हैं। सदाशिव यादव भी हालांकि दिग्विजय सिंह के समर्थक हैं लेकिन जीतू पटवारी उनके कामकाज से संतुष्ट नहीं हैं। कमलनाथ यहां का फैसला जीतू पटवारी और विशाल पटेल की सहमति के बाद ही लेंगे। सूत्रों का कहना है कि 15 जनवरी तक कमलनाथ संगठन की सर्जरी कर सकते हैं।


नव भारत न्यूज

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