राहुल की भारत जोड़ो यात्रा के लिए इंदौरी नेताओं को लगाया


सियासत

कांग्रेस की भारत जोड़ो यात्रा को अभी तक अच्छी सफलता मिली है।खासतौर पर दक्षिण राज्यों में राहुल गांधी को देखने जनसैलाब उमड़ा है। कांग्रेस के अन्य राज्य इकाइयां भी इस यात्रा की सफलता के लिए प्रण प्राण से जुटी हुई हैं। मध्यप्रदेश में भी प्रदेशाध्यक्ष कमलनाथ इस यात्रा को सफल बनाने के लिए पूरी तरह से लगे हुए हैं। पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह तो इस यात्रा के अखिल भारतीय समन्वयक हैं। इसलिए उनके लिए भी मध्यप्रदेश में इस यात्रा की सफलता व्यक्तिगत प्रतिष्ठा का प्रश्न बन गई है। कमलनाथ की मंशा रहेगी कि इस यात्रा के माध्यम से आदिवासी वोटों को कांग्रेस के पाले में रखा जाए और 2018 की सफलता 2023 में दोहराई जाए।

इस यात्रा की सफलता के लिए सबसे अधिक जिम्मेदारी इंदौरी नेताओं की रहेगी क्योंकि कमलनाथ ने इंदौरी नेताओं पर ही सबसे अधिक भरोसा किया है। यात्रा के लिए खाने-पीने का इंतजाम संजय शुक्ला करेंगे। सभाओं की जिम्मेदारी सज्जन सिंह वर्मा को दी गई है। आवास एवं परिवहन की व्यवस्था विशाल पटेल देखेंगे। इसी तरह अरुण यादव, बालमुकुंद सिंह गौतम, डॉक्टर विजय लक्ष्मी साधो, रवि जोशी, बाला बच्चन, सुरेंद्र सिंह हनी बघेल और जीतू पटवारी को भी अलग-अलग जवाबदारियां दी गई हैं। इंदौरी नेता राजनीतिक प्रबंधन में माहिर माने जाते हैं।इस कारण से कमलनाथ ने इंदौरी नेताओं को सबसे अधिक भरोसा जताया है।

सज्जन सिंह वर्मा ने इस मामले में मालवा निमाड़ के उन सभी क्षेत्रों का प्रवास भी प्रारंभ कर दिया है जहां से यात्रा निकलेगी। कांग्रेस की कोशिश रहेगी कि राहुल गांधी की पूरी यात्रा के दौरान हजारों लोग उनके साथ चलें। इस अवसर पर राहुल गांधी को मंदिरों में भी ले जाया जाएगा। खास तौर पर महाकालेश्वर मंदिर में राहुल का जाना महत्वपूर्ण साबित होगा। कमलनाथ  इस यात्रा के माध्यम से कांग्रेस के हिंदुत्व का एजेंडा प्रस्तुत करना चाहते हैं। उज्जैन में राहुल की सबसे बड़ी सभा होगी, जहां 2023 के विधानसभा के लिए चुनाव प्रचार का शंखनाद किया जाएगा। कमलनाथ और दिग्विजय सिंह के अलावा प्रदेश स्तर पर जेपी अग्रवाल, चंडिका प्रसाद त्रिपाठी,डॉ गोविंद सिंह और अजय सिंह भी यात्रा को सफल बनाने में महत्वपूर्ण जवाबदारी निभाएंगे।


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