बकरी के संघर्ष के सामने पस्त पड़ा अजगर


पैर जकड़े पर जमीन में नहीं गिरा पाया, रेस्क्यू कर सर्प विशेषज्ञ ने बचाई जान

जबलपुर:अजगर अगर किसी को एक बार जकड़ तो वह उसे निगल जाता हैं। कहां जाता हैं कि अजगर के जकडऩे के बाद इंसान या जानवर की दम घुटने या हृदय गति रूक जाने से मौत हो जाती है इसके बाद अजगर अपने शिकार को पूरा का पूरा निगल जाता हैं। हालांकि इंसानों को निगलना अजगर के लिए आसान नहीं होता है क्योंकि इंसानों के कंधे निगलने में उसे दिक्कत होती हैं। इसके लिए अजगर अक्सर जानवरों पर ही हमला करता हैं। आपने कई ऐसे मामले सुने या देखे भी होंगे जिसमें अजगर ने बड़े से बड़े जानवर का चंद पलों में शिकार कर निगल लिया हो, लेकिन जिले में एक ऐसा मामला प्रकाश में आया हैं जिसमें अजगर साप और बकरी के बीच हुई लड़ाई में जीत बकरी की हुई।

दरअसल चरगवां थाना अंतर्गत जोधपुर पड़ाव में एक 6 फीट का अजगर बकरी के संघर्ष के सामने पस्त पड़ गया। अजगर ने बकरी के दो पैर तो जकड़ लिए थे लेकिन वह उसे जमीन पर गिरा नहीं पाया। बकरी अपने जीवन के लिए करीब आधे घंटे तक संघर्ष करती रही। बकरी और अजगर की लड़ाई की सूचना ग्रामीणों ने सर्प विशेषज्ञ गजेन्द्र दुबे को दी। जिन्होंने मौके पर पहुंचकर रेस्क्यू करते हुए सर्प को पकडक़र बकरी की जान बचाई।

खेत में पत्ते खा रही थी बकरी-
जानकारी के मुताबिक चरगवां के जोधपुर पड़ाव में खेत में एक बकरी पत्ते खा रही थी। दोपहर तीन बजे अचानक एक 6 फीट लंबा अजगर सांपपहुंचा और बकरी पर हमला कर दिया। उसने बकरी के पीछे के दोनों पैर जकड़ लिए लेकिन बकरी को जमीन में गिरा नहीं पाया और दोनों में संघर्ष चलने लगा।

तमाशबीनों की लगी भीड़-
बकरी और अजगर के बीच चल रही लड़ाई के दौरान समीप से गुजर रहे एक राहगीर विजय कश्यप की नजर पड़ गई थोड़ी देर बाद तमाशबीनों की भीड़ जमा हो गई। विजय ने सर्प विशेषज्ञ गजेंद्र दुबे को सूचना दी जिन्होंने पौने पांच बजे मौके पर पहुंचकर रेस्क्यू करते हुए सांप को पकडक़र बकरी को आजाद करवा दिया और सांप को बरगी के जंगल में सुरक्षित छोड़ दिया।


नव भारत न्यूज

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