विदेशी सरकारें कर रही हैं निवेश के लिए संपर्क: अदानी


नयी दिल्ली, 26 जुलाई (वार्ता) व्यापार समूह की सफलता को दुनिया भर में मान्यता मिलने को देखते हुए अदानी समूह के अध्यक्ष गौतम अदानी ने मंगलवार को कहा कि कई विदेशी सरकारें अब अपने भौगोलिक क्षेत्रों में काम करने और उनके अवसंरचना निर्माण में मदद करने के लिए कंपनी से संपर्क कर रही हैं।

वार्षिक आम बैठक (एजीएम) 2022 में शेयरधारकों को संबोधित करते हुए श्री अदानी ने कहा,“ इस वर्ष हमारे समूह का बाजार पूंजीकरण 200 अरब डॉलर से अधिक हो गया है।

उन्होंने कहा,’हम अंतरराष्ट्रीय बाजारों से अरबों डॉलर जुटाने में सक्षम थे। यह भारत और अदानी के विकास की कहानी में खुद पर भरोसे का एक प्रत्यक्ष सत्यापन है।’

श्री अदानी ने कहा कि समूह के पास एक प्रमुख ग्लोबल नवीकरणीय ऊर्जा पोर्टफोलियो है और बीते 12 महीनों में कई अन्य उद्योगों में भी आवश्यक प्रगति की गयी है।

उन्होंने कहा,’एक झटके में हम देश के सबसे बड़े हवाईअड्डा संचालक बन गए हैं। हमारे द्वारा संचालित किये जा रहे हवाईअड्डों के आसपास हम एरोट्रोपोलिस विकसित करने और स्थानीय समुदाय आधारित आर्थिक केंद्र बनाने से जुड़े व्यवसायों में लगे हुए हैं।’

उन्होंने कहा,’अदानी विल्मर का हमारा सफल सार्वजनिक शेयर निर्गम (आईपीओ) हमें देश की सबसे बड़ी रोजमर्रा का समान बनाने वाली एफएमसीजी कंपनी बनाता है और देश में होल्सिम की संपत्ति के अधिग्रहण के बाद जिसमें देशभर में दो सबसे अधिक मान्यता प्राप्त ब्रांड एसीसी और अंबुजा सीमेंट्स शामिल हैं, अब हम भारत में दूसरे सबसे बड़े सीमेंट निर्माता बन गए हैं।’

उन्होंने कहा,’यह कार्यस्थल पर हमारे समीपता-आधारित व्यापार मॉडल का एक उपयोगी उदाहरण है। इसके अलावा हमने डेटा सेंटर, डिजिटल सुपर ऐप और इंडस्ट्रियल क्लाउड से लेकर रक्षा और एयरोस्पेस, धातु और उत्पाद क्षेत्रों में भी प्रवेश किया और यह सभी सरकार के आत्मनिर्भर भारत के दृष्टिकोण के अनुरूप हैं।’

उन्होंने कहा कि अदानी परिवार ने एक साथ आकर 60,000 करोड़ रुपये का योगदान देने का फैसला किया है। जिसमें ग्रामीण भारत पर विशेष रूप से ध्यान केंद्रित करते हुए स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा और कौशल विकास से संबंधित धर्मार्थ गतिविधियों पर खर्च किया जाएगा।


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